गुरूवार, मार्च 19, 2026 11:02 अपराह्न IST
होमPoliticsपाकिस्तान को इस्लामी कल्याणकारी राज्य बना पायेंगे पीएम इमरान

पाकिस्तान को इस्लामी कल्याणकारी राज्य बना पायेंगे पीएम इमरान

Published on

क्रिकेट की पीच से निकल कर सियासत में आए इमरान खान ने शनिवार को पाकिस्तान के 22वें वजीर-ए-आजम के रूप में राष्ट्रपति भवन में शपथ लेकर इतिहास रच दी। हालांकि, इमरान खान को भ्रष्टाचार से रूग्न पाकिस्तान को अब एक इस्लामी कल्याणकारी राज्य में तब्दील करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। स्मरण रहे कि आम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ यानी पीटीआई के उभरने के बाद से ही इमरान खान के पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम बनना लगभग तय माना जा रहा था।

पाकिस्तान को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का सपना

इमरान खान ने पाकिस्तान में वर्ष 1996 में पीटीआई की स्थापना की थी। उनका मकसद था पाकिस्तान को भ्रष्टाचार मुक्त करके सभी के लिए न्याय की उचित व्यवस्था करना। एक ऐसे देश की राजनीति में खुद को और एक नयी पार्टी को स्थापित करना बेहद मुश्किल काम था जिसकी राजनीति दो प्रमुख पार्टियों पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज यानी पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी के ही इर्दगिर्द घूमती रही है। अपनी पार्टी को पहचान दिलाने के लिए खान ने अथक परिश्रम किया और 22 साल के लम्बे संघर्ष के बाद आज वह पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम बन चुकें हैं। लिहाजा, पाकिस्तान की आबाम उनसे सुधार की उम्मीद पाले बैठी है।

पीएम इमरान का सियासी सफरनामा

क्रिकेट की मैदान से सियासत में उतरने के बाद इमरान खान वर्ष 2002 में हुए चुनाव में संसद सदस्य बने और 2013 में नेशनल असेंबली के लिए हुए चुनाव में वह फिर से निर्वाचित हो गये। आपको याद ही होगा कि इस चुनावों में लोगों के जबर्दस्त समर्थन से उनकी पार्टी पाकिस्तान की दूसरी सबसे पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई थी। चुनाव के अगले ही साल मई 2014 में खान ने चुनाव में धांधली होने के आरोप लगा कर सुर्खियों में आ गये थे। इन चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन विजयी हुई थी और मियां नबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने थे।

ताहिर उल कादरी के साथ किया गठबंधन

अगस्त 2014 में कथित चुनावी धांधली की जांच कराने और शरीफ के इस्तीफे की मांग करते हुए खान ने समर्थकों के साथ लाहौर से इस्लामाबाद तक रैली निकाली थी। इसके एक माह के भीतर ही खान ने पाकिस्तान मूल के कनाडाई मौलबी ताहिर उल कादरी के साथ गठबंधन कर लिया था। इस गठबंधन ने मिल कर शरीफ के इस्तीफे की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया था। इस मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाने का समझौता होने के बाद ही इनका प्रदर्शन समाप्त हुआ।

भारत के साथ संबंध पर टिकी निगाहें

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2018 में अपने चुनाव प्रचार में भ्रष्टाचार से निपटने, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम लागू करने, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के क्षेत्र को बेहतर बनाने का वादा किया है। माना जा रहा है कि पीएम खान को पाकिस्तान की सेना का भी समर्थन हासिल है। लिहाजा, अब लोगो को उम्मीद है कि पीएम खान शीघ्र ही पाकिस्तान को एक कल्याणकारी इस्लामिक राज्य के रूप में तब्दिल कर सकेंगे। इस बीच भारत के साथ उनके रिश्तो को लेकर भी दुनिया की नजर उन पर टिकी हुई है। पिछले महीने उन्होंने जीत के बाद अपने भाषण में कहा था कि वह भारत के साथ पाकिस्तान के संबंध को बेहतर बनाने के लिए तैयार हैं। किंतु, उनके पीएम बनते ही जिस प्रकार से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ है, इससे उनकी नीयत पर शक होना भारत सहित पूरे दुनिया के लिए लाजमी है।

 

खबरो की खबर पढ़ने के लिए KKN Live के पेज को फॉलो कर लें और शेयर व लाइक जरुर करें। मुझे आपके सुझाव का इंतजार रहेगा।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से दुनिया की ऊर्जा नस दब चुकी है?

क्या दुनिया एक नए तेल युद्ध के मुहाने पर खड़ी है? क्या स्ट्रेट ऑफ...

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

More like this

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय हुए प्रशांत किशोर, 8 फरवरी से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के नेता...
00:07:40

क्या है ग्वादर का सच: अरब सागर के किनारे कैसे भूख और प्यास के बीच चीन का हो गया कब्ज़ा

ग्वादर, जिसे पाकिस्तान का भविष्य कहा गया, आज सवालों के घेरे में है। CPEC,...

जब जगमगा उठा जर्मनी का आसमान

19 जनवरी 2026 — एक रात जो खगोल विज्ञान और सोशल मीडिया दोनों पर...

77वें गणतंत्र दिवस पर देश में उत्साह और गर्व का माहौल

भारत सोमवार, 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह दिन...

झपहां बने मुजफ्फरपुर का पूर्वी अनुमंडल?

मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में उठी मांग, विधायक अजय कुमार की मांग के मायने...

बाजार समिति कार्यक्रम में महिलाओं के स्टॉल पर सबसे अधिक समय बिताया मुख्यमंत्री ने

बाजार समिति परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी महिलाएं चाह...

मोतिहारी में बनेगा इतिहास, विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को होगी दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना

बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को...