भारत की स्टार ओपनिंग बैटर और वर्ल्ड चैंपियन महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने हाल ही में खुलासा किया कि पिछले 12 वर्षों में क्रिकेट ही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अमेजन समभाव समिट में अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर पर बात करते हुए मंधाना ने बताया कि टीम इंडिया की जर्सी पहनना ही उनके लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन है। यह प्रेरणा उन्हें हर दिन क्रिकेट खेलने के लिए उत्साहित करती है।
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क्रिकेट: एक जुनून और सपना
स्मृति मंधाना, जिन्होंने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था, ने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए हर दिन प्रेरित करता है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मुझे क्रिकेट से ज्यादा कुछ पसंद है। इंडिया की जर्सी पहनना सबसे बड़ा मोटिवेशन है। चाहे आप किसी भी कठिन दौर से गुजर रहे हों, यह ख्याल आपको सब कुछ भूलने पर मजबूर कर देता है।” मंधाना ने अपने बचपन के क्रिकेट के प्रति जुनून को भी याद किया। उन्होंने कहा, “बैटिंग का जुनून हमेशा से था… मेरे मन में बस एक ही बात थी, एक वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर जाना।”
वर्ल्ड कप जीत: पूरी महिला क्रिकेट की जीत
पिछले महीने भारत को वर्ल्ड कप जिताने वाली स्मृति मंधाना ने इस जीत को सालों की मेहनत और निराशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “यह ट्रॉफी उन सब चीजों का नतीजा है जिनके लिए हम लड़ते रहे हैं। फाइनल से पहले हमने उस पल को बार-बार अपने मन में सोचा। जब वह पल आखिरकार स्क्रीन पर आया, तो हमें सचमुच रोंगटे खड़े हो गए। यह हर तरह से भावनात्मक था।” मंधाना ने कहा कि यह जीत तब और भी खास हो गई जब क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी मिथाली राज और झूलन गोस्वामी स्टैंड्स में मौजूद थीं।
मंधाना ने बताया, “हम उनके लिए भी यह जीतना चाहते थे। उनकी आंखों में आंसू देखकर लगा जैसे पूरे महिला क्रिकेट ने कुछ हासिल कर लिया है। यह हम सभी की जीत थी, जो हमसे पहले आए थे।” यह जीत केवल टीम इंडिया के लिए नहीं, बल्कि पूरे महिला क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है।
वर्ल्ड कप से मिला सबसे बड़ा पाठ
स्मृति मंधाना ने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत से उन्हें दो महत्वपूर्ण सबक मिले। उन्होंने कहा, “आप हमेशा जीरो से शुरुआत करते हैं, चाहे आपने पहले कितना भी स्कोर किया हो। और कभी भी अपने लिए मत खेलो, यह वो बात है जो हम एक-दूसरे से कहते रहे।” इस सोच ने उन्हें और उनकी टीम को मुश्किल समय में भी आगे बढ़ने और वर्ल्ड कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता में सफलता पाने में मदद की।
पहला सार्वजनिक कार्यक्रम और निजी जीवन
यह कार्यक्रम मंधाना का पहला सार्वजनिक इवेंट था, जब उन्होंने अपनी शादी रद्द होने के बाद पहली बार मीडिया से बात की। यह कार्यक्रम संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनकी शादी टूटने के बाद हुआ। हालांकि, मंधाना ने अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका ध्यान पूरी तरह से उनके करियर और क्रिकेट पर था।
महिला क्रिकेट में बदलाव और भविष्य
स्मृति मंधाना ने अपने करियर में महिला क्रिकेट को एक नई पहचान दी है। उनका मानना है कि इस तरह की जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि महिला क्रिकेट के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा, “यह ट्रॉफी सिर्फ हमारी नहीं, पूरे महिला क्रिकेट की जीत है। यह उन सभी खिलाड़ियों के लिए है, जिन्होंने इससे पहले इस खेल को बढ़ावा दिया।”
मंधाना ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए क्रिकेट के प्रति मानसिकता में बदलाव आ रहा है और यह समय आ गया है कि महिला क्रिकेट को पहले से कहीं अधिक सम्मान और अवसर मिले। उनके अनुसार, यह जीत अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
स्मृति मंधाना का क्रिकेट के प्रति समर्पण और उनकी यात्रा किसी भी खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक है। टीम इंडिया की जर्सी पहनना और वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना उनके लिए हमेशा से सबसे बड़ा मोटिवेशन रहा है। वर्ल्ड कप की जीत ने न केवल उन्हें बल्कि पूरी महिला क्रिकेट को एक नई दिशा दी है। मंधाना की यह यात्रा उन सभी के लिए एक संदेश है जो मानते हैं कि मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।



