भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस साल सितंबर-अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली भारत की अंडर-19 टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले कई प्रमुख खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है, जिनमें कप्तान आयुष म्हात्रे, उपकप्तान विहान मल्होत्रा और करिश्माई ओपनर वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम शामिल हैं। इस दौरे में टीम तीन एकदिवसीय और दो चार दिवसीय मुकाबले खेलेगी।
Article Contents
सफल इंग्लैंड दौरे के बाद अब ऑस्ट्रेलिया की बारी
भारतीय अंडर-19 टीम हाल ही में इंग्लैंड दौरे से लौटी है, जहां उसने मेज़बान टीम के खिलाफ युवा एकदिवसीय श्रृंखला 3-2 से जीती थी। दोनों यूथ टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे, लेकिन लिमिटेड ओवर्स मैचों में भारतीय टीम का प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ रहा। खासकर वैभव सूर्यवंशी और विहान मल्होत्रा की बैटिंग ने टीम को कई मौकों पर मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
वॉर्सेस्टर में खेले गए चौथे मैच में जब टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 363 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, तो सूर्यवंशी और विहान की शतकीय पारियों ने निर्णायक भूमिका निभाई। उसी जीत से भारत ने सीरीज में बढ़त बनाई और अंततः सीरीज अपने नाम की। यही प्रदर्शन अब खिलाड़ियों के आत्मविश्वास का आधार बनकर ऑस्ट्रेलिया दौरे में काम आएगा।
दौरे का शेड्यूल और प्रारूप
ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत 21 सितंबर को पहले वनडे मुकाबले से होगी। इसके बाद दूसरा और तीसरा वनडे क्रमशः 24 और 26 सितंबर को खेले जाएंगे। इसके बाद दो चार दिवसीय मैच खेले जाएंगे—पहला मैच 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और दूसरा 7 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक होगा।
यह पूरा दौरा 10 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस दौरे से ठीक बाद भारत की सीनियर टीम भी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी, जहां टी20 और वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में यह जूनियर दौरा क्रिकेट के बड़े सीज़न की शुरुआत माने जा रही है।
टीम चयन और संतुलित संयोजन
अंडर-19 टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला है। जहां कप्तान आयुष म्हात्रे और उपकप्तान विहान मल्होत्रा नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे, वहीं वैभव सूर्यवंशी टॉप ऑर्डर को मजबूती प्रदान करेंगे। इनके अलावा वेदांत त्रिवेदी, राहुल कुमार, अभिज्ञान कुंडू जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है।
तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में हरवंश सिंह, आरएस अंबरीश और किशन कुमार जैसे खिलाड़ी विकल्प देंगे, जबकि स्पिन में हेनिल पटेल और कनिष्क चौहान जैसे नाम भरोसेमंद साबित हो सकते हैं। नमन पुष्पक, डी दीपेश और अनमोलजीत सिंह जैसे खिलाड़ी बैटिंग और बॉलिंग दोनों में योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
पांच स्टैंडबाय खिलाड़ियों का भी चयन किया गया है ताकि किसी आकस्मिक परिस्थिति में टीम को बैकअप मिल सके। इन खिलाड़ियों में युद्धजीत गुहा, लक्ष्मण, बीके किशोर, अलंकृत रापोल और अर्नव बग्गा शामिल हैं।
युवा क्रिकेटर्स के लिए एक बड़ा अवसर
ऑस्ट्रेलिया का यह दौरा सिर्फ एक सीरीज नहीं बल्कि भविष्य के सितारों की परीक्षा भी है। भारतीय क्रिकेट की सफलता में अंडर-19 क्रिकेट की अहम भूमिका रही है और इस टीम के कई खिलाड़ी आने वाले वर्षों में सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं।
BCCI ने इस दौरे के लिए उसी कोर ग्रुप को बनाए रखने का फैसला किया है जिसने इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन किया था। इससे खिलाड़ियों में निरंतरता बनी रहेगी और टीम के भीतर तालमेल भी बेहतर होगा। साथ ही यह रणनीति भविष्य की ICC U-19 World Cup जैसी प्रतियोगिताओं के लिए भी बुनियाद तैयार करेगी।
नेतृत्व और प्रदर्शन पर रहेंगी निगाहें
कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व कौशल की एक बार फिर परीक्षा होगी। इंग्लैंड दौरे पर उनके फैसले और रणनीति ने प्रभावित किया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की चुनौती अलग स्तर की होगी। वहीं उपकप्तान विहान मल्होत्रा का भी अनुभव और फॉर्म टीम के लिए फायदेमंद रहेगा।
ओपनर वैभव सूर्यवंशी से भी बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड में आक्रामक अंदाज़ में पारी की शुरुआत करके टीम को कई बार मजबूत आधार दिया। गेंदबाज़ी में किशन कुमार और उद्धव मोहन जैसे युवा चेहरे टीम के pace attack को धार देने का काम करेंगे।
भारत की अंडर-19 टीम का यह दौरा भविष्य के क्रिकेट सितारों के लिए एक सुनहरा अवसर है। कप्तान आयुष म्हात्रे, उपकप्तान विहान मल्होत्रा और विस्फोटक बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के नेतृत्व में यह टीम संतुलित और संभावनाओं से भरी है।
ऑस्ट्रेलिया के मैदानों पर विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन करना हर युवा खिलाड़ी के लिए चुनौती होगी, लेकिन अगर इंग्लैंड दौरे जैसा संयम और आत्मविश्वास टीम दिखाती है, तो यह दौरा न केवल जीत दिला सकता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट को नए सितारे भी दे सकता है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



