हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा, पोषण और सतत खाद्य प्रणालियों के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। इस साल का विषय “बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य के लिए हाथ में हाथ” भारतीय खाद्य संस्कृति की वैश्विक पहचान को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बनता है। भारतीय व्यंजन अब सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरे विश्व में एक प्रमुख स्थान बना चुके हैं। सड़कों के खाने से लेकर महंगे रेस्तरां की शाही व्यंजनों तक, भारतीय भोजन अब अंतरराष्ट्रीय खाद्य परिदृश्य का अहम हिस्सा बन चुका है।
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भारतीय भोजन की वैश्विक प्रतिष्ठा
भारतीय भोजन को दुनिया भर में बढ़ती सराहना मिल रही है। TasteAtlas के 2024-25 की वैश्विक रैंकिंग में भारतीय व्यंजन को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ व्यंजनों में 12वां स्थान प्राप्त हुआ। मुरघ मखानी (बटर चिकन) और हैदराबादी बिरयानी जैसे प्रसिद्ध व्यंजन भी क्रमशः 29वां और 31वां स्थान प्राप्त कर चुके हैं। यह उपलब्धि भारतीय खाद्य संस्कृति की गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
इसके अलावा, भारत के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों को भी वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। मुंबई को TasteAtlas की 2024-25 की “ग्लोबल बेस्ट फूड सिटी” की सूची में 5वां स्थान मिला है, जबकि पंजाब को दुनिया के सबसे अच्छे खाद्य क्षेत्रों में 7वां स्थान मिला है। भारतीय रेस्तरां पिछले पांच वर्षों में 25 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं, जो समग्र रेस्तरां उद्योग की वृद्धि दर से अधिक है।
बटर चिकन: भारतीय व्यंजन का वैश्विक दूत
यदि कोई एक व्यंजन है जो भारतीय खाद्य संस्कृति की वैश्विक सफलता का प्रतीक बन चुका है, तो वह बटर चिकन है। यह क्रीमी, टमाटर-आधारित करी 1920 के दशक में भारत के अविभाजित हिस्से में उत्पन्न हुई थी, और बाद में दिल्ली के मोती महल रेस्तरां द्वारा लोकप्रिय बनाई गई। बटर चिकन को ब्रिटिशों के स्वाद के अनुसार हल्का और मलाईदार बनाने के लिए विकसित किया गया था, ताकि वे पारंपरिक मसालेदार भारतीय खाने का आनंद ले सकें।
आज बटर चिकन का रूप कई तरह से बदल चुका है। अब यह बटर चिकन पिज़्ज़ा, बटर चिकन क्रॉसांट्स, और यहां तक कि मैकडॉनल्ड्स के द्वारा बटर चिकन पैटी के रूप में उपलब्ध है। 2009 में यह खबर आई थी कि ब्रिटेन में हर साल 25 मिलियन पोर्शन चिकन टिक्का मसाला (बटर चिकन का एक रूप) खाया जाता है। कनाडा में बटर चिकन अब सबसे पसंदीदा भारतीय डिश बन चुका है, जबकि अमेरिका भी इस क्रीमी डिश का एक बड़ा बाजार बना हुआ है।
बिरयानी: भारतीय स्वादों का वैश्विक साम्राज्य
हैदराबादी बिरयानी, भारत की सबसे प्रसिद्ध बिरयानी, अब विश्वभर में अपनी जगह बना चुकी है। इसकी शानदार खुशबू, रंगीन और मसालेदार स्वाद ने इसे दुनियाभर में पहचान दिलाई है। यह डिश अब वैश्विक खाद्य महोत्सवों और प्रतियोगिताओं में प्रमुख आकर्षण बन चुकी है, जहां इसकी विशेष प्रस्तुति और जायका सबका ध्यान आकर्षित करता है।
बिरयानी का वैश्विक उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। Behrouz Biryani जैसे ब्रांड अब UAE और UK जैसे देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। यह डिश अब मध्य-पूर्वी देशों में स्थानीय स्वादों के साथ घुल-मिल गई है और पश्चिमी देशों में भी एक लोकप्रिय आरामदायक भोजन बन गई है।
भारतीय स्ट्रीट फूड की वैश्विक यात्रा
भारतीय स्ट्रीट फूड अब वैश्विक स्तर पर पुनर्जीवित हो रहा है। मुंबई का वड़ा पाव, जिसे “भारतीय बर्गर” के नाम से जाना जाता है, TasteAtlas द्वारा “Best Sandwiches in the World” की सूची में 19वें स्थान पर रखा गया है। मुंबई में हर दिन दो मिलियन से अधिक वड़ा पाव खाए जाते हैं, और अब इसे वैश्विक स्तर पर पसंद किया जा रहा है। इसके व्यावसायिक फ्रेंचाइजिंग के जरिए Dheeraj Gupta ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई है।
सामोसा, जो मूल रूप से मध्य पूर्व से भारत में आया था, अब भारतीय खाद्य संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। इसकी त्रिकोणीय आकृति और मसालेदार आलू की फिलिंग ने इसे विश्वभर में प्रिय बना दिया है। भारत में गुरू कृपा और मनोहर स्वीट्स जैसे प्रतिष्ठित स्थानों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।
भारत के स्ट्रीट फूड जैसे चाट, समोसा, और डोसा अब नए रूपों में भी वैश्विक स्तर पर उभर रहे हैं। यूके में समोसा बर्गर और टिक्का रैप्स, अमेरिका में डोसा टैकोस और पाव स्लाइडर्स जैसे फ्यूजन डिशेस लोकप्रिय हो रहे हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भारतीय स्ट्रीट फूड वीकेंड मार्केट्स और पॉप-अप रेस्तरां में भी उपलब्ध है, जो वयजन और ग्लूटेन-फ्री विकल्पों के साथ आते हैं।
दक्षिण भारतीय स्वादों की वैश्विक पहचान
दक्षिण भारतीय व्यंजन, विशेष रूप से मसाला डोसा, अब वैश्विक पहचान बना चुके हैं। मसाला डोसा, जो टेस्टी आलू के साथ भरी हुई सुनहरी-भूरी क्रेप है, ने TasteAtlas के “Best Pancakes in the World” की सूची में 12वां स्थान प्राप्त किया। इस डिश को Huffington Post ने “10 foods to try before you die” की सूची में भी शामिल किया था। यह डिश अब लंदन के रेस्तरां से लेकर कैलिफोर्निया के फूड ट्रक्स तक हर जगह लोकप्रिय हो चुकी है।
यह डिश अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय रेस्तरां में इसे मेन्यू में शामिल किया गया है। मसाला डोसा अब एक वैश्विक फेनोमेनन बन चुका है और इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।
तंदूरी परंपराओं की दुनिया भर में धूम
तंदूरी चिकन, जो फारसी खानपान से उत्पन्न हुआ और पंजाब में परिष्कृत हुआ, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो चुका है। यह डिश, जो चारकोल से जलते तंदूर में पकाई जाती है, अब TasteAtlas की “World’s Best Grilled Chicken Dishes” की सूची में 19वें स्थान पर है। तंदूरी चिकन की वैश्विक यात्रा 1960 के दशक में शुरू हुई थी जब यह अमेरिकी मेनू में दिखाई देने लगा था। 1962 में जैकलीन केनेडी ने दिल्ली से रोम के बीच उड़ान में “चिकन तंदूरी” खाया था, जिससे इस डिश की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।
अब, तंदूर ओवन का इस्तेमाल यूरोप और अमेरिका में भी बढ़ रहा है, जहां पश्चिमी शेफ इस खास स्वाद को अपनी कुकिंग में अपनाने लगे हैं। यह विशेषत: चारकोल में पकने वाला तंदूरी स्वाद अब कई अंतरराष्ट्रीय रेसिपीज़ में इस्तेमाल किया जा रहा है।
चिकन टिक्का मसाला: एक ब्रिटीश परंपरा
चिकन टिक्का मसाला, जिसे अब ब्रिटेन का “अनौपचारिक राष्ट्रीय व्यंजन” माना जाता है, अब एक वैश्विक आइकॉन बन चुका है। यह डिश भारतीय पकवानों और ब्रिटिश स्वादों का मिश्रण है। इसे ब्रिटेन में विशेष रूप से लोकप्रिय किया गया, और यह उस समय एक बड़ा चर्चित व्यंजन बना जब ब्रिटिश विदेश सचिव रॉबिन कुक ने 2001 में इसे “एक सही ब्रिटिश राष्ट्रीय व्यंजन” कहा था।
इसके साथ-साथ, पनीर टिक्का मसाला भी अब वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो चुका है। पिज्ज़ा हट और डोमिनोज़ जैसे फास्ट-फूड चेन ने पनीर टिक्का को अपनी मेन्यू में शामिल किया है। इसी तरह, मैकडॉनल्ड्स और सबवे जैसे ब्रांड्स भी पनीर टिक्का सैंडविच और रैप्स की पेशकश कर रहे हैं, जो भारतीय भोजन के पश्चिमीकरण का उदाहरण हैं।
भारतीय ब्रेड की सफलता
भारतीय फ्लैटब्रेड जैसे नान, परोठा और अमृतसरी कुलचा ने भी वैश्विक पहचान प्राप्त की है। नान, जो सबसे प्रसिद्ध भारतीय रोटी है, अब विश्वभर में रेस्तरां में सर्व किया जाता है। यहाँ तक कि नान को फ्यूजन डिश जैसे नान पिज्ज़ा और नान टैकोस के रूप में भी पेश किया जा रहा है।
अमृतसरी कुलचा और परोटा भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं, जिनका स्थान वैश्विक स्तर पर ऊंचा होता जा रहा है।
भारतीय मसाले: वैश्विक विस्तार
भारत मसालों का घर है, और यह विश्व का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारत के मसालों का वैश्विक बाज़ार अब तेजी से बढ़ रहा है। हल्दी, जीरा, और इलायची जैसे मसाले अब दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे हैं, खासकर उनके स्वास्थ्य लाभों के कारण।
चाय का वैश्विक विस्तार
मसाला चाय अब एक वैश्विक फेनोमेनन बन चुकी है। अमेरिका और यूरोप में अब “चाय लाटे” के रूप में मसाला चाय का आनंद लिया जा रहा है। मध्य-पूर्व में “करक चाय” भी बहुत लोकप्रिय हो गई है, जो विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात और कतर में परोसी जाती है।
भारतीय फ्यूजन व्यंजन
भारतीय खाना अब पूरी दुनिया में फ्यूजन व्यंजनों के रूप में पेश किया जा रहा है। मसाला फ्राई, बटर चिकन टैकोस और डोसा पिज्जा जैसी इनोवेटिव डिशेस ने भारतीय व्यंजनों को और भी लोकप्रिय बना दिया है।
समापन: भारतीय भोजन की वैश्विक पहचान
विश्व खाद्य दिवस 2025 यह याद दिलाता है कि खाद्य सुरक्षा और पोषण केवल भरण-पोषण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के प्रतीक भी हैं। भारतीय खाना, अपनी विविधता, स्वाद और पोषण के कारण, पूरी दुनिया में अपना स्थान बना चुका है।
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