होमMaharashtraएक हत्यारा जो गांधीवाद में किया टॉप

एक हत्यारा जो गांधीवाद में किया टॉप

Published on

भारत के राज्य महाराष्ट का एक कुख्यात हत्यारा इन दिनो चर्चा में है। चर्चा इसलिए नहीं कि उसने कोई बड़ी घटना को अंजाम दिया है। बल्कि, चर्चा इसलिए कि वह महात्मा गांधी के आदर्शों पर आयोजित परीक्षा में सभी को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल कर लिया है। यह हत्यारा कोई और नहीं बल्कि, हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा गैंगस्टर अरुण गवली है। नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद गवली ने परीक्षा में 80 में से 74 अंक अर्जित किए हैं।
परीक्षा में 160 कैदियों ने लिया था हिस्सा
एक गैर सरकारी संगठन सर्वोदय आश्रम और मुम्बई सर्वोदय मंडल द्वारा पिछले साल अक्तूबर में आयोजित परीक्षा में लगभग 160 कैदी शामिल हुए थे। सहयोग ट्रस्ट के न्यासी रवींद्र भुसारी ने बताया कि परीक्षा का परिणाम पिछले सप्ताह घोषित किया गया। भुसारी ने एजेंसी से कहा कि परीक्षा में बैठना अनिवार्य नहीं होता और कैदी अपनी मर्जी से इसमें शामिल होते हैं।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नो का देना था जवाब
परीक्षा में कैदियों को 80 सवालों के वस्तुनिष्ठ जवाब देने होते हैं। उत्तीर्ण होने वालों को पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र और खादी के वस्त्र दिया जाता हैं। अहम बात यह कि परीक्षा से पहले जेल में बंद कैदी को गांधीजी की किताबों से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। परीक्षा में दोषी, विचाराधीन और सजा काट रहे कैदी शामिल हुए। गवली वर्ष 2007 में हुई शिवसेना के पार्षद कमलाकर जामसंदेकर की हत्या के मामले में नागपुर केंद्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसे वर्ष 2012 में 11 अन्य लोगों के साथ मामले में दोषी ठहराया गया था।

 

KKN Live के पेज को फॉलो कर लें और शेयर व लाइक भी जरुर करें।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

More like this

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...