होमEconomyBusinessसोने और चांदी की कीमतों में उछाल: चीन का केंद्रीय बैंक लगातार...

सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 11वें महीने सोने की खरीदारी कर रहा है

Published on

सोने और चांदी की कीमतों में इस समय जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 11 महीने से सोने की खरीदारी कर रहा है, जिससे सोने की कीमतों में मजबूती आई है। सितंबर 2025 के अंत तक, चीन के पास 74.06 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस सोना था, जो कि एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। इस समय MCX पर सोने की कीमत ₹1,20,820 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹1,47,598 प्रति किलोग्राम के आसपास है।

सोने की कीमतों में वृद्धि के पीछे अमेरिका और चीन का कनेक्शन

सोने और चांदी की कीमतों में यह उछाल चीन और अमेरिका के आर्थिक फैसलों के कारण हो रहा है। जहां चीन लगातार अपने सोने के भंडार में वृद्धि कर रहा है, वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल दो बार ब्याज दरों में 0.25% की और कमी करने की संभावना जताई गई है। इससे सोने और चांदी जैसी ब्याज-रहित संपत्तियों में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं।

गोल्डमैन सैक्स का सोने की कीमतों के पूर्वानुमान में बदलाव

गोल्डमैन सैक्स ने सोने के भविष्य के पूर्वानुमान में बदलाव करते हुए 2026 तक सोने की कीमत $4,300 से बढ़ाकर $4,900 प्रति औंस कर दी है। इस वृद्धि का कारण पश्चिमी देशों से गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में निवेश का बढ़ना और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी बताया गया है। इससे सोने की कीमतों में और भी मजबूती आई है और बाजार में एक सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

अमेरिका में ब्याज दरों में कमी का प्रभाव

अमेरिका के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कमी के फैसले ने सोने और चांदी जैसी संपत्तियों में निवेशक का रुझान बढ़ा दिया है। जब ब्याज दरों में कमी होती है, तो बांड और अन्य फिक्स्ड-इनकम निवेशों से मिलने वाली आय में कमी आती है, जिससे लोग ब्याज-रहित संपत्तियों जैसे सोने और चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं। इससे इन धातुओं की कीमतों में और वृद्धि हो रही है।

MCX पर सोने और चांदी की वर्तमान कीमतें

MCX पर सोने की कीमत अब ₹1,20,820 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच चुकी है, जो पिछले बंद भाव से 0.47% अधिक है। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,47,598 प्रति किलोग्राम के करीब है, जिसमें पिछले बंद भाव से मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।

चीन की सोने की खरीदारी की स्थिरता

चीन का केंद्रीय बैंक 11 महीने से लगातार सोने की खरीदारी कर रहा है। सितंबर 2025 के अंत तक, चीन का सोना भंडार 74.06 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस तक पहुँच चुका है। यह निवेश रणनीति यह दर्शाती है कि चीन अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाना चाहता है और इस प्रयास के चलते सोने की कीमतों में मजबूती आई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह चीन की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक वित्तीय संकटों से बचाव के लिए अपने भंडार में सोने का हिस्सा बढ़ाना है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व और सोने की कीमतें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेत देने से भी सोने की कीमतों में उछाल आया है। फेडरल रिजर्व ने इस साल दो बार 0.25% की ब्याज दर में कटौती करने की संभावना जताई है। ऐसे में सोने और चांदी जैसी संपत्तियों की मांग में बढ़ोतरी हो रही है, क्योंकि इन धातुओं में निवेश करने पर ब्याज का नुकसान नहीं होता। यह रुझान सोने की कीमतों को और मजबूत कर रहा है और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

MCX पर सोने और चांदी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने MCX पर सोने और चांदी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल सुझाए हैं।

  • सोने के लिए सपोर्ट ₹1,19,100 से ₹1,18,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। वहीं, रेजिस्टेंस ₹1,21,000 से ₹1,22,200 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

  • चांदी के लिए सपोर्ट ₹1,46,200 से ₹1,45,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है। रेजिस्टेंस ₹1,48,800 से ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

मनोज कुमार जैन के अनुसार, चांदी में ₹1,47,000 के आसपास खरीदारी की जा सकती है, जिसमें स्टॉप लॉस ₹1,45,400 और लक्ष्य ₹1,50,000 रखा जा सकता है।

भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों पर असर

चीन और अमेरिका के आर्थिक निर्णयों और गोल्डमैन सैक्स के बढ़े हुए पूर्वानुमान के साथ, सोने और चांदी की कीमतों में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। चीन की लगातार सोने की खरीदारी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती इन धातुओं के लिए सकारात्मक संकेत हैं। इन सभी कारकों के चलते सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले समय में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

सोने और चांदी की कीमतों में हो रही वृद्धि के पीछे कई वैश्विक आर्थिक कारण हैं, जिनमें चीन का सोना खरीदना और अमेरिका का ब्याज दरों में कटौती करने का निर्णय शामिल हैं। गोल्डमैन सैक्स का सोने की कीमतों के पूर्वानुमान में बदलाव और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी इस वृद्धि को सपोर्ट कर रही है। MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में उछाल ने निवेशकों को आकर्षित किया है और इन धातुओं के मूल्य को बढ़ावा दिया है। इन सभी घटनाओं का असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिख रहा है और आने वाले महीनों में कीमतों के और बढ़ने की संभावना है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

More like this

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

क्या पेट्रोलियम संकट की तरफ बढ़ रहा है भारत?

मिडिल ईस्ट की आग, अमेरिका की शांति वार्ता और भारत पर मंडराता खतरा KKN ब्यूरो।...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...