शुक्रवार, अप्रैल 3, 2026 12:05 अपराह्न IST
होमKarnatakaकर्नाटक में भी चलेगा जातिवाद का ट्रंपकार्ड

कर्नाटक में भी चलेगा जातिवाद का ट्रंपकार्ड

Published on

KKN Live का न्यूज एप प्लेस्टोर से आप डाउनलोड कर सकतें हैं।

कर्नाटक। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है। यहां 12 मई को मतदान होने है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कर्नाटक में भाजपा का विजय रथ, भगवा लहराने में सफल होगा या गुजरात से निकल कर कॉग्रेस अब अपना गढ़ बचाने में सफल होगा?

राजनीति के जानकार इसे वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का रिहल्सल भी मान रहे हैं। कहतें हैं कि दक्षिण में कदम रखने के लिए कर्नाटक को हासिल करना भाजपा के लिए बहुत ज़रुरी है। वहीं, कांग्रेस के लिए कर्नाटक में जीत दर्ज करके भाजपा के मनोबल को गिरा देने का यह सबसे अच्छा मौका है।
अब आइए कर्नाटक की राजनीति को समझने की कोशिश करतें हैं। दरअसल, कर्नाटक में भी देश के अन्य राज्यो की तरह इस बार जातीय मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। बहरहाल, भाजपा और कॉग्रेस दोनो ही कर्नाटक के लिंगायत समाज को लुभाने के लिए एड़ी- चोटी का जोर लगा रही है। इस कड़ी में कांग्रेस ने लिंगायत समाज को अल्पसंख्यक होने का दर्जा दे कर राजनीति का ड्रंपकार्ड खेल दिया है। बतातें चलें कि लिंगायत समाज लम्बे समय से इसकी मांग कर रहे थे। वहीं, भाजपा ने लिंगायत नेता येदियुरप्पा को सीएम का उम्मीदवार बनाकर एक अलग चाल चली है। ऐसे में कर्नाटक का लिंगायत समाज यदि विभाजित हुआ तो इसका लाभ कॉग्रेस को मिलना तय माना जा रहा है। बतातें चलें कि कर्नाटक में लिंगायत का 17 फीसदी वोट पर कब्जा है और कर्नाटक के करीब 100 सीटों पर इसका जबरदस्त प्रभाव रहा है। वर्तमान में कर्नाटक विधानसभा में लिंगायत के 52 विधायक हैं।
कर्नाटक में लिंगायत के बाद वोक्कालिंगा समाज का राजनीति पर जबरदस्त असर से इनकार नही किया जा सकता है। वोक्कालिंगा की जनसंख्या मात्र 11 प्रतिशत के करीब ही हैं। बावजूद इसके यह समाज हमेशा से कर्नाटक की राजनीति को प्रभावित करता रहा है। हालांकि, वोक्कालिगा के तरफ से अभी तक चीज़ें साफ नहीं हो पाई हैं कि उनका वोट या झुकाव किस पार्टी की तरफ जाने वाला है? किंतु, इतना तो स्पष्ट है कि लिंगायत नेता येदियुरप्पा को सीएम की कुर्सी पर यदि वोक्कालिंगा के मतदाता स्वीकार कर लें, तो यह किसी चमत्कार से कम नही होगा।
कर्नाटक में अब तक के राजनीतिक रूझान को देखें तो वोक्कालिंगा पर कर्नाटक के जदएस का सर्वाधिक प्रभाव रहा है और इस बार जदएस ने बसपा से गठबंधन करके वोक्कालिंगा के अतिरिक्त दलित वोटरो में जबरदस्त सेंधमारी की तैयारी कर ली है। बतातें चलें कि कर्नाटक में दलित का 19 फीसदी वोट है और जानकार मानते है कि यदि जदएस-बसपा गठबंधन को दलितो का 40 फीसदी से अधिक समर्थन मिल गया, तो भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अब बात मुस्लिम वोटों की करें, तो तस्वीर बिल्कुल साफ है। देश की अन्य हिस्सो की तरह ही कर्नाटक में भी अल्पसंख्यक मतदाता भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई पड़तें हैं। स्मरण रहें कि कर्नाटक में 16 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता है और इस पर कॉग्रेस की पैनी नजर है। हालांकि, जदएस-बसपा गठबंधन यहां भी सेंधमारी करने की पुरजोर कोशिश में है और इनकी कोशिश कामयाब हुई तो यहां पर कॉग्रेस की मुश्किलें बढ़ जायेगी। ऐसे में देखना बाकी है कि 12 मई को कर्नाटक के मतदाता क्या फैसला करतें हैं?

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या भविष्य में आपका अस्तित्व सिस्टम के कंट्रोल में होगा?

क्या आपने कभी सोचा है… कि अगर एक दिन आपकी पहचान… आपका पैसा… और...

क्या आपकी सोच कंट्रोल हो रही है? जानिए डिजिटल वॉरफेयर का असली सच

क्या आपने कभी सोचा है… कि अचानक एक ही खबर हर प्लेटफॉर्म पर क्यों...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

काबुल की उस रात क्या हुआ था | जासूस Falcon का रहस्य

काबुल की एक सर्द रात… एक गुमनाम शख्स… और एक ऐसा राज… जो पूरी...

More like this

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय हुए प्रशांत किशोर, 8 फरवरी से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के नेता...

झपहां बने मुजफ्फरपुर का पूर्वी अनुमंडल?

मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में उठी मांग, विधायक अजय कुमार की मांग के मायने...

बाजार समिति कार्यक्रम में महिलाओं के स्टॉल पर सबसे अधिक समय बिताया मुख्यमंत्री ने

बाजार समिति परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी महिलाएं चाह...

हिरियूर तालुक में सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत, बस में लगी आग

कर्नाटक के चित्तदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा...

आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे

बिहार की राजनीति में नई सरकार के गठन के बाद एक महत्वपूर्ण हलचल देखने...

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की आयु में निधन

केंद्रीय गृह मंत्री रहे शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की आयु में निधन हो...

बिहार पंचायत चुनाव 2026: ईवीएम से मतदान और आरक्षण में बदलाव की तैयारी

बिहार में 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई...

बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र : चौथे दिन की कार्यवाही और महत्वपूर्ण घटनाएँ

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है।...

बिहार विधानसभा ‘मिथिलामय’ हो गई, 14 विधायकों ने मैथिली में शपथ ली

18वीं बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का उद्घाटन सोमवार को बिहार की सांस्कृतिक विविधता...

उडुपी में पीएम मोदी का संबोधन : गीता, राष्ट्रनीति और सुरक्षा का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ में...

कांग्रेस की हार पर मंथन के बीच दिल्ली रवाना हुए तेजस्वी यादव

बिहार के महागठबंधन (ग्रैंड अलायंस) को हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में करारी...

कंगना रनौत का बयान : पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन धर्म और राष्ट्र की गरिमा का उभार

हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने...