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एक सर्वे से हुआ गुजरात के मतदाताओं के मिजाज का खुलाशा

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वोटिंग से पहले कैंडिडेट्स की जाति और धर्म को देते है प्राथमिकता

गुजरात। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के सर्वे से गुतरात के मतदाताओं के मिजाज का खुलाशा हुआ है। दरअसल, गुजरात का वोटर जब भी वोट देने के लिए जाता है तो वह सबसे पहले कैंडिडेट्स के जाति और धर्म को प्राथमिकता देता हैं। चुनाव और राजनीतिक दलों पर अध्ययन करने वाले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के ताजा सर्वे से यह बात सामने आयी है।
एडीआर ने चुनाव को प्रभावित करने वाले पांच कारकों का सर्वे किया। इस सर्वे में देश की 527 लोक सभा क्षेत्रों के दो लाख 70 हजार लोग शामिल हुए थे। ये सर्वे इसी साल जनवरी से अप्रैल के बीच हुआ था। एडीआर ने देश की मतदाताओं की प्राथमिकता के समझने के लिए ये सर्वे किया था। सर्वे में गुजरात से जुड़े आंकड़े सोमवार को जारी हुए है।
सर्वे के अनुसार गुजरात में मतदाता सबसे ज्यादा अहमियत प्रत्याशी की जाति और धर्म को देते हैं। इनके बाद वो लोक सभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और विधान सभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को प्राथमिकता देते हैं। एडीआर के सर्वे में वोट देने के लिए महत्वपूर्ण होने के मामले में गुजरातियों ने जाति-धर्म को 10 में औसतन 8.27 अंक दिए। वहीं प्रत्याशी को मतदाताओं ने 10 में केवल 4.58 अंक दिए। इसके अलावा सीएम या पीएम उम्मीदवार और चुनाव से पहले बांटे जाने वाले उपहार भी गुजराती मतदाताओं के लिए वोट देने के अहम प्रेरक बताए गये है।

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