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बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर हलचल शुरू

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बीजेपी ने बनाई रणनीति इंडिया गठबंधन ताकत झोकने को तैयार

KKN न्यूज ब्यूरो।  बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीति का तापमान चढ़ने लगा है। जानकार बतातें हैं कि जदयू से गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी ने किशनगंज, सुपौल, मुंगेर, नवादा, वैशाली, वाल्मीकि नगर, झंझारपुर, गया, कटिहार और पूर्णिया  की दस सीटो पर विशेष ब्यूह रचना करने की तैयारी शुरू कर दी है। जबकि, बांका, सीवान, नालंदा, जहानाबाद, काराकाट और सीतामढ़ी सहित दस अन्य सीटों पर भी नए सिरे से रणनीति तैयार की जा रही है। दूसरी ओर राजद समेत इंडिया गठबंधन में शामिल बिहार के अन्य राजनीतिक पार्टियां भी बीजेपी के इस दुखती नब्ज को और तरासने की पुख्ता इंतजाम में पीछे छुटने को तैयार नहीं है। तीसरी बार सत्ता का ख्वाब देख रही बीजेपी के लिए बिहार एक बड़ी चुनौती है। यहाँ लोकसभा के 40 सीट है। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन ने बिहार के 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें 17 सीट पर बीजेपी, 16 सीट पर जदयू और 6 सीट पर एलजेपी ने जीत दर्ज की थी। बिहार की एकमात्र किशनगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस के डॉ. मो. जावेद ने जीत हासिल की थी।

बिहार पर केन्द्रीय गृहमंत्री की होगी नजर

बिहार में बीजेपी की प्रमुख सहयोगी रह चुकी जेडीयू इस बार बीजेपी का साथ छोड़ चुकी है। जेडीयू के इंडिया गठबंधन में शामिल होने के बाद से ही बीजेपी ने बिहार के लिए अपने नए रणनीति तैयार करने शुरू कर दिया है। ऐसे में बीजेपी की नजर बिहार के अतिरिक्त झारखंड, पश्चिम बंगाल, यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित मैदानी इलाकों पर है। जाहिर है कि बीजेपी के चाणक्य कहलाने वाले  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन इलाको पर परचम लहराने की कमान स्वयं अपने हाथों में थाम ली है। इसका कितना असर होगा? यह तो वक्त ही बतायेगा।

कार्यकर्ताओं को दी जा रही है प्रशिक्षण

फिलहाल बीजेपी ने इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर नए सिरे से काम पर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2024 में 400 सीयों का लक्ष्य लेकर चल रही बीजेपी की नजर बिहार की सभी 40 सीट पर है। इसके लिए बीजेपी ने बिहार में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी किया है। इसमें यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू काश्मीर, असम और मध्य प्रदेश सहित 19 राज्यों से आए नेता शामिल हो चुके है। इस प्रशिक्षण शिविर में खासतौर से बिहार के घटक दलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित दूसरे पदाधिकारी शामिल हो चुके है। दुसरी ओर इंडिया गठबंधन के घटक दल सीट शेयरिंग को लेकर गंभीर है। समझा जा रहा है कि दिसम्बर के अंत तक सीट शेयरिंग का फार्मुला तय होने के बाद बिहार की राजनीति में गरमाहट आने लगेगा।

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