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बाढ़ राहत के लिए भाकपा ने किया मीनापुर अंचल का घेराव

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आबंटन मिलते ही मुआवजा देने का सीओ ने किया ऐलान

मीनापुर। मुजफ्पुरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड व अंचल कार्यालय पर बाढ़ राहत के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे बाढ़ पीड़ितो ने नकद मुआवजा की राशि की मांग को लेकर अंचल कार्यालय आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया है। भाकपा के बैनर तले आये लोगो के आक्रोश को देखते हुए अंचलाधिकारी ज्ञापदीप श्रीवास्तव ने आबंटन मिलते ही सभी बकाया बाढ़ पीड़ितो को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया। इसके बाद लोगो का गुस्सा शांत हुआ। भाकपा ने इस दौरान प्रशासन को सात सूत्री मांग पत्र भी सौपा है।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा के पूर्व विधायक जनकधारी प्रसाद कुश्वाहा ने कहा कि बचे हुए 21,915 परिवार के खाते में जब तक मुआवजा की राशि नही जाती है, तब तक उनकी पार्टी चुप नही बैठेगी। श्री कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन की विफलता के कारण पिछले दो वर्षो से वृद्धा पेंशन का भुगतान बकाया है। भूमिहीनो को 5 डिसमील जमीन देने का सरकारी दावा भी सरजमीं पर कही दिखाई नही पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन इन सारी बातो पर शीघ्र ही ध्यान नही देगी तो मीनापुर के लोग एक बार फिर से जुब्बा सहनी व बागुंर सहनी की तरह बलिदान देने से पीछे नही हटेंगे।
रामएकवाली राय की अध्यक्षता में सभा को जिला मंत्री अजय सिंह, प्रो. लक्ष्मीकांत, शिवजी प्रसाद, महेश्वर सिंह, भरत झा, मो. युनूश अंसारी, महेश चौधरी, सुरेन्द्र पासवान, गणेश राय, रमेश अकेला, रामअयोध्या प्रसाद, नवल राय आदि ने संबोधित किया है। बतातें चलें कि आंदोलन को राजद के प्रखंड अध्यक्ष उमाशंकर सहनी, पूर्व प्रमुख राजगीर राम व मुखिया अजय कुमार ने भी अपना समर्थन दिया है।
अधिकारी को मंच से करना पड़ा घोषणा
प्रदर्शनकारियों के जबरदस्त आक्रोश के बीच बीडीओ संजय कुमार सिन्हा को मंच पर आना पड़ा। बीडीओ ने लोगो को बताया कि बाढ़ से 2,459 परिवार का घर गिरा है। इसकी सूची तैयार करके जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। बीडीओ ने बताया कि 2,700 बकाया पेंशनधारी को छठ पर्व तक पेंशन का भुगतान कर दिया जायगा।
इन मांगो को लेकर हुआ प्रदर्शन
आंदोलनकारियों ने अपना सात सूत्री मांग पत्र बीडीओ को सौप दिया है। इसमें बकाया बाढ़ पीड़ितो का नकद भुगतान, पका हुआ भोजन में मची लूट की जांच, फसल मुआवजा व रबि फसल के लिए ऋण देने, बाढ़ से ध्वस्त हुए मकान का पुर्ननिर्माण, बकाया पेंश्नधारी का शीघ्र भुगतान, बाढ़ का स्थायी निदान करने व भूमिहीनो को 5 डिसमिल जमीन देने की मांग शामिल है।

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