शनिवार, मई 23, 2026 2:00 पूर्वाह्न IST
होमKKN Specialक्वारंटाइन सेंटर: अधिकारी का दावा और ग्रामीणो की आंखों देखी

क्वारंटाइन सेंटर: अधिकारी का दावा और ग्रामीणो की आंखों देखी

Published on

बिहार के मीनापुर में केकेएन की ऑनलाइन पड़ताल

KKN न्यूज ब्यूरो। हेलो सर… तुर्की हाईस्कूल में प्रखंड क्वारंटाइन सेंटर है। पर, यहां पेयजल की सुविधा नहीं है। जिस कमरे में मजदूरो को रखा गया है, उसमें दरबाजा नहीं है। अधिकारी फोन नहीं उठा रहें है और संक्रमण फैलने की आशंका से लोग दहशत में है। तुर्की के रमानन्द राय एक ही सांस में पूरी बात कह गये। अब एक मिशाल और देखिए। टेंगरारी क्वारंटाइन सेंटर पर गुरुवार को 10 प्रवासी मजदूर आये। करीब 24 घंटे बितने के बाद भी शुक्रवार को उनके लिए प्रशासन की ओर से भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। भूखे मजदूरो को स्थानीय मुखिया नीलम कुमारी ने अपने घर से खाना बना कर खिलाया। यही हाल गोरीगामा क्वारंटाइन सेंटर की है। शुक्रवार को मुखिया अनामिका बताती है कि पिछले दो रोज से 10 मजदूरो को वह अपने घर से खाना दे रही है। हरका के मुखिया रेणु सिंह का दावा है कि उन्होंने पंचायत के क्वारंटाइन सेंटर पर रहने वाले 22 मजदूरो को अपने घर से खाना खिलाया है।

ये सभी मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर प्रखंड से ताल्लुक रखते हैं और इनका दावा है कि सरकार ने पंचम वित्त आयोग की राशि से पंचायत के क्वारंटीन सेंटर पर मजदूरो के रहने और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करने का आदेश दिया हुआ है। यहां रहने वाले मजदूरो को भोजन और वर्तन आदि की व्यवस्था अंचल प्रशासन को करनी है। अब सवाल ये कि जब भोजन अंचल प्रशासन को देनी है, तो क्वारंटाइन सेंटर पर मजदूरो को भेजने के बाद अधिकारी भोजन की व्यवस्था तत्काल ही क्यों नहीं करतें है? मीनापुर के अंचलाधिकारी से जब हमारे रिपोर्टर ने यही सवाल पूछा तो उनका रटा-रटाया जवाब आया। अंचलाधिकारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव का कहना था कि पंचायतो में बने सभी क्वारंटीन सेंटर पर रहने वाले प्रवासी मजदूरो को भोजन सहित सरकार के द्वारा निर्धारित सभी सुविधएं दी जा रही है। अधिकारी ने दावा किया है कि जो लोग खुद से लौट कर घर आ रहे है, उनको भी ढूंढ़ कर क्वारंटीन किया जा रहा है। बड़ा सवाल ये कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ?
छात्र राजद के मुजफ्फरपुर जिला अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिये। छात्र नेता का कहना था कि अक्सर मीनापुर के अंचलाधिकारी फोन नहीं उठाते है। छात्र नेता ने बताया कि पिछले रविवार को अलीनेउरा के क्वारंटाइन सेंटर से इलाज कराने सदर अस्पताल गया एक मजदूर लौट कर सीधे अपने गांव मदारीपुर चला आया। बार-बार रिंग होने के बाद भी अंचलाधिकारी ने फोन नहीं उठाया और वह तीन रोज तक अपने घर पर ही रहा। गांव के लोग दहशत में थे और अधिकारी फोन नहीं उठा रहे थे। इधर, गोरीगामा के क्वारंटाइन सेंटर पर तैनात शिक्षक विवेक कुमार भी मानते है कि अधिकारी से फोन पर बात करना आसान नहीं है। कहतें है कि मीनापुर के बीडीओ तो कभी-कभी फोन उठा भी लेंते है। पर, सीओ साहेब अक्सर फोन नहीं उठाते है। मुखिया संघ की अध्यक्ष नीलम कुमारी की माने तो स्थिति बेहद ही खतरनाक है। कोई किसी का सुनने को तैयार नहीं है। गौरकरने वाली बात ये है कि अभी तो मात्र दो हजार प्रवासी मजदूर लौटे है और सिस्टम हाफ रहा है। अधिकारी की माने तो अकेले मीनापुर में करीब छह हजार प्रवासी मजदूर लौटने की प्रत्याशा में है। जबकि, गैर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 15 हजार प्रवासी मजदूर है और ये सभी लौट गये, तो क्या होगा?

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

रजरप्पा का रहस्य | जहां देवी ने खुद काट लिया अपना सिर

क्या आपने कभी ऐसी देवी के बारे में सुना है… जिन्होंने स्वयं अपना सिर...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

चांडिल डैम का डरावना सच | क्या सच में सुनाई देती हैं चीखें?

क्या सच में Chandil Dam के आसपास रात में रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं?...

दशम, हुण्डरू और रजरप्पा फॉल की अनसुनी सच्चाई

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी सिर्फ बहता नहीं… बल्कि गरजता भी है?...

More like this

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय हुए प्रशांत किशोर, 8 फरवरी से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के नेता...

मुजफ्फरपुर में किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का असली कारण आया सामने

फसल बर्बाद, मुआवजा गायब: लापरवाही का बड़ा खुलासा मुजफ्फरपुर जिले के हजारों किसान फसल बर्बादी...

आज से बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा शुरू, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

बिहार में आज से इंटरमीडिएट यानी 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो...

BRABU 2nd सेमेस्टर रिजल्ट 2025 जारी, स्नातक सत्र 2024-28 के छात्रों को राहत

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक दूसरे सेमेस्टर सत्र 2024–28 का परीक्षा परिणाम गुरुवार देर...

झपहां बने मुजफ्फरपुर का पूर्वी अनुमंडल?

मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में उठी मांग, विधायक अजय कुमार की मांग के मायने...

बाजार समिति कार्यक्रम में महिलाओं के स्टॉल पर सबसे अधिक समय बिताया मुख्यमंत्री ने

बाजार समिति परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी महिलाएं चाह...

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...