5 फरवरी को चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर सामने आई है। बीते कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में भारी volatility देखने को मिल रही थी। इस बीच चांदी के दाम में अचानक तेज गिरावट दर्ज की गई है।
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लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम खरीदार बाजार से दूर हो गए थे। अब आई इस गिरावट से बाजार में फिर से हलचल बढ़ी है। खासतौर पर मिडिल क्लास खरीदारों को investment का नया मौका मिलता दिख रहा है।
MCX पर 6 फीसदी के लोअर सर्किट पर खुली चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी आज 6 फीसदी के लोअर सर्किट पर खुली। हाल के सत्रों में आई तेजी के बाद यह बड़ी गिरावट मानी जा रही है। एक समय चांदी ₹4,20,000 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थी।
अब चांदी की कीमत गिरकर करीब ₹2,58,096 प्रति किलो रह गई है। ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ने से बाजार पर दबाव बना। निवेशकों ने तेजी के बाद profit booking को प्राथमिकता दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर पड़ी चांदी
घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी कमजोर नजर आई। कॉमेक्स में चांदी की कीमत गिरकर लगभग 76.63 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर आई कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
डॉलर की मजबूती और वैश्विक कमोडिटी बाजारों में दबाव ने कीमतों को नीचे खींचा। अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने घरेलू ट्रेडिंग सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
मिडिल क्लास खरीदारों के लिए बेहतर मौका
चांदी के दाम में आई इस गिरावट से आम खरीदारों को राहत मिली है। लंबे समय से ऊंची कीमतों के कारण कई लोग खरीदारी टाल रहे थे। अब कीमतों में नरमी से दोबारा मांग बढ़ने की उम्मीद है।
ज्वैलरी और घरेलू उपयोग के लिए चांदी खरीदने वालों में रुचि लौट सकती है। बाजार जानकारों का मानना है कि अगर कीमतें स्थिर रहीं तो मांग और बढ़ेगी।
सोने की कीमतों में भी आई गिरावट
चांदी के साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। MCX पर सोना करीब ₹4,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ। फिलहाल सोने का भाव लगभग ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
हालिया तेजी के बाद सोने में भी profit booking देखने को मिली। हालांकि जियो-पॉलिटिकल तनाव के चलते सोने का long term trend अब भी मजबूत माना जा रहा है।
डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली बनी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। तेज रैली के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू किया। मार्जिन बढ़ने से भी बिकवाली का दबाव बढ़ा।
इन सभी कारणों से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निचले स्तरों पर खरीदारी आने से गिरावट कुछ हद तक थमी।
सर्राफा बाजार में मिला-जुला रुख
सर्राफा बाजार में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹6,280 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। 22 कैरेट सोना लगभग ₹5,760 प्रति 10 ग्राम रहा।
दोनों श्रेणियों में ₹10 प्रति 10 ग्राम की हल्की तेजी दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि भौतिक बाजार में मांग बनी हुई है।
दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
दिल्ली में चांदी के भाव में आज हल्की नरमी देखी गई। चांदी ₹3,20,100 प्रति किलो के स्तर पर रही। इसमें करीब ₹100 प्रति किलो की गिरावट दर्ज हुई।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में भी चांदी लगभग इसी कीमत पर कारोबार करती रही। इससे संकेत मिलता है कि बाजार संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
हाल के दिनों में तेज रहा उतार-चढ़ाव
पिछले कुछ दिनों में चांदी के दामों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है। स्थिरता को शामिल करें तो पांच दिनों में चांदी करीब ₹1.30 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो गई थी।
इसके बाद लगातार दो दिनों में कीमतों में कुल ₹40,100 की तेजी आई। आज की नरमी बाजार में चल रही अनिश्चितता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों ने गिरावट को बताया सामान्य सुधार
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक सामान्य market shakeout है। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद ऐसी correction स्वाभाविक मानी जाती है। तेजी के बाद बाजार को संतुलन बनाने में समय लगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पकालिक volatility बनी रह सकती है। निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।
सोने का दीर्घकालिक रुझान अब भी मजबूत
हालिया गिरावट के बावजूद विशेषज्ञ सोने के long term outlook को सकारात्मक मानते हैं। सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीद से सोने को समर्थन मिल रहा है।
जियो-पॉलिटिकल जोखिम और portfolio diversification की मांग भी सोने के पक्ष में है। इन कारणों से आने वाले समय में फिर से तेजी संभव है।
सेंट्रल बैंकों की खरीद से मिल रहा सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार 2025 की चौथी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने करीब 230 टन सोना खरीदा था। 2026 में यह खरीद 800 टन से अधिक रहने की उम्मीद है।
यह मजबूत मांग सोने की कीमतों के लिए आधार तैयार करती है। चांदी को भी इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
आगे भी बना रह सकता है उतार-चढ़ाव
बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले सत्रों में volatility जारी रह सकती है। वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की चाल और जियो-पॉलिटिकल घटनाएं कीमतों को प्रभावित करेंगी।
शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए गिरावट अवसर बन सकती है।
खरीदारों को बाजार पर नजर रखने की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदारी चरणबद्ध तरीके से करनी चाहिए। अचानक तेजी या गिरावट से बचाव जरूरी है। निवेश का फैसला अपने लक्ष्य के अनुसार करना बेहतर होता है।
फिलहाल चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है। रिकॉर्ड स्तरों के बाद कीमतों का यह स्तर ज्यादा आकर्षक माना जा रहा है।
कीमती धातुओं का बाजार अब नई दिशा तलाश रहा है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह गिरावट स्थायी है या अस्थायी।



