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सोने की कीमतों में वृद्धि : MCX पर लगातार चौथे महीने तेजी, वैश्विक कारकों से प्रभावित

पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव लगातार चौथे महीने ऊपर बंद हुआ है। शुक्रवार को, फरवरी 2026 के सोने के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट का भाव 1,932 रुपये यानी 1.51% बढ़कर 1,29,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह मूल्य 17 अक्टूबर 2025 को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे 1,32,294 रुपये प्रति 10 ग्राम से लगभग 2,700 रुपये कम है। यानी अगर कीमतें 2,700 रुपये और बढ़ती हैं, तो सोना नया शिखर छू सकता है।

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण

सोने की कीमतों में वृद्धि के कई कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कमी की उम्मीद। पिछले हफ्ते भारत और दुनियाभर के बाजारों में सोने की कीमतों में जोरदार खरीदारी देखी गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट्स की ब्याज दर कटौती की संभावना 87% तक पहुंच गई है, जो सोने के दामों को प्रभावित कर रही है।

इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मूल्य में गिरावट और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़ी राजनीतिक अनिश्चितता भी सोने की कीमतों में वृद्धि का एक और कारण बन रही है। इन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक कारकों ने निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया है, जो एक सुरक्षित संपत्ति मानी जाती है।

भारत में शादियों के मौसम का सोने की कीमतों पर प्रभाव

भारत में इस समय शादी का सीजन चल रहा है, और इसकी वजह से भी सोने की कीमतों में तेजी आई है। भारत में नवंबर की शुरुआत से लेकर दिसंबर के मध्य तक लगभग 45 से 50 लाख शादियां होने का अनुमान है। भारतीय संस्कृति में शादियों में सोने का महत्व बहुत अधिक होता है, जिसके कारण मांग में बढ़ोतरी हो जाती है। यह मौसम सोने के दामों को और ऊंचा कर रहा है।

हालांकि, सोने की बढ़ी हुई कीमतों के कारण लोगों ने कम कैरेट वाले सोने की ओर रुख किया है, क्योंकि यह अधिक सस्ता होता है। इसके बावजूद, खरीदारी की प्रवृत्ति बनी हुई है, और शादी के सीजन के कारण सोने की मांग में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है।

वैश्विक बाजारों में सोने की मांग में गिरावट

हालांकि भारत में शादी का सीजन चल रहा है, पिछले सप्ताह प्रमुख एशियाई बाजारों में सोने की मांग में कमी रही। ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदारों ने कम खरीदारी की, भले ही भारत में शादियों का मौसम शुरू हो चुका था। चीन में सोने पर टैक्स छूट हटाए जाने के कारण ग्राहकों की दिलचस्पी कम हो गई। इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व से ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के कारण सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर घरेलू सोने की कीमतें 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (फरवरी 2026 अनुबंध) के ऊपर बनी रहती हैं, तो सोना 1,34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम या उससे भी अधिक हो सकता है।

ब्राजील ने चार साल में पहली बार सोने की खरीदारी की

एक दिलचस्प बात यह है कि ब्राजील ने चार साल में पहली बार सोने की खरीदारी की है। यह कदम वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच देशों द्वारा अपने वित्तीय भंडार को मजबूत करने की कोशिशों को दर्शाता है। ब्राजील का सोने की खरीदारी में प्रवेश एक बड़ा संकेत है कि राष्ट्र सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, खासकर जब वैश्विक आर्थिक स्थिति अस्थिर हो।

आने वाले समय में सोने की कीमतें कैसी रह सकती हैं?

आने वाले दिनों में, सोने की कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना है, खासकर जब वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती का प्रभाव बना रहेगा। इसके अलावा, भारत में शादी का सीजन भी सोने की मांग को बढ़ाए रखेगा, हालांकि ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदी में कमी हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर घरेलू कीमतें 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करती हैं, तो सोने की कीमत 1,34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है, और यह नए शिखर पर पहुंच सकती है। सोने के निवेशकों को इस समय सावधानी से स्थिति का मूल्यांकन करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

सोने की कीमतों में वृद्धि को कई वैश्विक कारकों ने प्रभावित किया है, जिसमें फेडरल रिजर्व से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद, अमेरिकी डॉलर के मूल्य में गिरावट और राजनीतिक अस्थिरता शामिल हैं। साथ ही, भारत में शादी का मौसम और शादियों में सोने की बढ़ती मांग ने भी कीमतों को और ऊंचा किया है। हालांकि, वैश्विक बाजारों में मांग की कमी और ऊंची कीमतों के कारण कुछ स्थानों पर सोने की खरीदी पर असर पड़ा है।

आने वाले समय में, यदि फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में और कटौती होती है, तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। निवेशक इस समय सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, लेकिन उन्हें इस दौरान सतर्क रहना चाहिए।

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