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“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने को मिला, जब Aaj Uthi Hai Aawaz और Rikanta Institute of Skills and Technology के संयुक्त तत्वावधान में कदमकुआं स्थित Bihar Hindi Sahitya Sammelan भवन में कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न हिस्सों से कवि, लेखक, साहित्य प्रेमी और युवा रचनाकार शामिल हुए।

पूरा आयोजन कविता, भावनाओं और साहित्यिक अभिव्यक्ति का उत्सव बन गया। इस कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि युवाओं के बीच हिंदी साहित्य और स्वतंत्र प्रकाशन पहलों को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण अश्वनी अविराज की काव्य संग्रह पुस्तक “हाँ इश्क है” का लोकार्पण रहा। इस पुस्तक को KKN Publication के #WriteToWrap Challenge के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नए और उभरते लेखकों को मंच और पहचान देना है।

पुस्तक का लोकार्पण प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट पवन, KKN Publication की PR हेड कुमारी सुमन, कवि धनंजय कुमार सिंह, शंकर भगवान सिंह और रजनीश कुमार गौरव ने संयुक्त रूप से किया। पुस्तक विमोचन के दौरान उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

“हाँ इश्क है” में दिखी प्रेम, संवेदना और भावनाओं की गहराई

सुपर 30 फेम बाल कलाकार अश्वनी अविराज द्वारा लिखित “हाँ इश्क है” कार्यक्रम के दौरान चर्चा का केंद्र बनी रही। उपस्थित लोगों ने पुस्तक में मौजूद भावनात्मक गहराई की सराहना की। कई पाठकों ने इस काव्य संग्रह को संवेदनशील, भावनात्मक और दिल से जुड़ा हुआ बताया।

आयोजकों के अनुसार, यह पुस्तक रिश्तों, यादों, प्रेम, टूटन और भावनात्मक संघर्षों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत करती है। पुस्तक का शीर्षक भी साहित्य प्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।

कई प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसी साहित्यिक कृतियां युवा पाठकों को आधुनिक और सहज तरीके से हिंदी कविता से जोड़ने का काम करती हैं। कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि स्वतंत्र साहित्यिक पहलें बिहार के उभरते लेखकों के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं।

कवि सम्मेलन ने बांधा समां

कार्यक्रम का कवि सम्मेलन हिस्सा सबसे यादगार क्षणों में शामिल रहा। कवियों और शायरों ने अपनी भावनात्मक और विचारोत्तेजक प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया।

शायर फकीर ने प्रेम और त्याग पर आधारित अपनी शायरी से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उनकी पंक्तियों में समर्पण, दर्द और भावनात्मक संघर्ष साफ झलक रहा था। उन्होंने प्रेम में त्याग और समर्पण को अपनी शायरी के माध्यम से प्रस्तुत किया।

उन्होंने जुदाई और जीवन के बदलते हालात पर आधारित एक और रचना भी सुनाई, जिसने विशेष रूप से युवाओं को काफी प्रभावित किया।

कवि यशवीर सिंह ने भी दर्द, चुप्पी और भावनात्मक संघर्षों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। उनकी कविताओं में मानवीय संवेदनाओं और मानसिक संघर्षों की गहरी झलक दिखाई दी। दर्शकों ने उनकी प्रस्तुति की गंभीरता और भावनात्मक प्रभाव की सराहना की।

वहीं राज पंडित ने यादों, टूटे रिश्तों और दिल के जख्मों को अपनी कविता का विषय बनाया। उनकी रचनाओं में गांव, रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव की झलक दिखाई दी। उनकी सरल लेकिन प्रभावशाली प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

पूरे कवि सम्मेलन के दौरान भावनात्मक जुड़ाव और साहित्यिक ऊर्जा साफ महसूस की गई। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि डिजिटल दौर में भी हिंदी कविता और लाइव साहित्यिक आयोजनों का आकर्षण कम नहीं हुआ है।

सौरभ भारद्वाज ने युवाओं को साहित्य से जुड़ने की दी प्रेरणा

कार्यक्रम में अतिथि कवि और रिकांता के निदेशक सौरभ भारद्वाज ने युवाओं को साहित्य पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उनके अनुसार, कविता और साहित्य इंसानी भावनाओं को समझने और व्यक्त करने का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने युवाओं से रचनात्मक लेखन से जुड़े रहने और अपनी अभिव्यक्ति को समाज तक पहुँचाने की अपील की।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हर युवा लेखक को प्रोत्साहन और मंच मिलना चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा समाज के सामने आ सके। उनके संबोधन को विद्यार्थियों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने काफी सराहा। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सुजीत कुमार ने किया।

कुमारी सुमन ने साझा किया KKN Publication का विजन

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण KKN Publication की पीआर हेड कुमारी सुमन का संबोधन भी रहा। उन्होंने अश्वनी अविराज को “हाँ इश्क है” के प्रकाशन पर बधाई दी और पुस्तक की सफलता की कामना की।

उन्होंने कहा कि यह दिन केवल लेखक के लिए ही नहीं, बल्कि KKN Publication के लिए भी बेहद खास है क्योंकि यह पुस्तक संस्था के “Write to Wrap Challenge” यानी “28 Days Writing Challenge” के अंतर्गत प्रकाशित की गई है।

कुमारी सुमन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ऐसे लोगों को मंच देना है जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर नहीं मिल पाता। उनके अनुसार, कई युवा लेखक अपने अंदर भावनाएं, कहानियां और रचनात्मक विचार रखते हैं, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा कि किसी भी लेखक की पहली पुस्तक सिर्फ एक किताब नहीं होती, बल्कि वह उसके सपनों, संघर्षों, भावनाओं और अनुभवों का संग्रह होती है। एक लेखक के लिए पहली पुस्तक का प्रकाशित होना जीवन का भावनात्मक पड़ाव बन जाता है।

उनके संबोधन को कार्यक्रम में मौजूद युवा लेखकों और विद्यार्थियों ने काफी सराहा।

Write To Wrap Challenge से उभरते लेखकों को मिल रहा मंच

कुमारी सुमन ने अपने संबोधन में बताया कि “Write to Wrap Challenge” के अंतर्गत कविता संग्रह, लघु कथाएं और क्रिएटिव राइटिंग से जुड़ी पुस्तकों का प्रकाशन किया जाता है। यह पहल लेखकों को निश्चित समय सीमा में अपनी पांडुलिपि पूरी कर प्रकाशित करने के लिए प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुस्तक लोकार्पण तक सीमित नहीं रहती। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें Amazon जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध रहती हैं और लेखकों को आजीवन royalty भी प्राप्त होती है।

कुमारी सुमन ने कहा कि KKN Publication केवल किताबें प्रकाशित नहीं करता, बल्कि लेखकों की पहचान बनाने की दिशा में भी काम करता है। उनके अनुसार, लेखकों को रचनात्मक समर्थन के साथ पेशेवर मार्गदर्शन की भी आवश्यकता होती है।

उनके संबोधन के बाद कई युवा लेखकों ने प्रकाशन से जुड़ी जानकारी लेने में रुचि दिखाई।

“Pioneers of Change” Initiative की भी हुई चर्चा

अपने संबोधन के दौरान कुमारी सुमन ने KKN Publication की “Pioneers of Change” पहल का भी जिक्र किया। यह पहल उन लोगों की जीवन यात्राओं और प्रेरणादायक कहानियों को प्रकाशित करने पर केंद्रित है जिन्होंने संघर्षों के बावजूद समाज में सकारात्मक योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जिनकी प्रेरणादायक कहानियां सामने नहीं आ पातीं। यह पहल उन्हीं लोगों की यात्राओं को पुस्तक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करती है।

कुमारी सुमन के अनुसार, लोग अपने समाज और अपने आसपास के लोगों की कहानियों से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं। इसलिए स्थानीय और वास्तविक प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को सामने लाना जरूरी है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया।

KKN Publication दे रहा लेखकों को Publishing और Marketing Support

कुमारी सुमन ने कार्यक्रम के दौरान KKN Publication द्वारा दी जा रही commercial publishing services की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था ghostwriting, editing, designing, publishing और marketing जैसी सेवाएं भी प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली लोग पुस्तक प्रकाशित करना चाहते हैं, लेकिन तकनीकी और पेशेवर प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। KKN Publication ऐसे लेखकों को हर स्तर पर सहयोग देने का प्रयास करता है।

उन्होंने लोगों से KKN Publication की विभिन्न पहलों और सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए KKN Publication की वेबसाइट पर विजिट करने की अपील की।

साहित्यिक कार्यक्रमों से मजबूत हो रही बिहार की रचनात्मक संस्कृति

इस आयोजन ने बिहार में बढ़ती साहित्यिक और रचनात्मक संस्कृति को एक बार फिर सामने रखा। ऐसे कार्यक्रम अब साहित्य, संवाद और रचनात्मक नेटवर्किंग के महत्वपूर्ण मंच बनते जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कवियों, लेखकों और आयोजकों के साथ संवाद किया। कई लोगों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक और भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ बताया।

यह आयोजन इस बात का उदाहरण भी बना कि डिजिटल दौर में भी हिंदी साहित्य, कविता और रचनात्मक लेखन के प्रति युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है।

कार्यक्रम का समापन कविता पाठ, साहित्यिक चर्चाओं और रचनात्मक संवादों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों पर गहरी छाप छोड़ी।

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