बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। बिहार बोर्ड ने घोषणा की है कि STET परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए जो अतिरिक्त शुल्क लिया गया था, वह जल्द ही अभ्यर्थियों को वापस कर दिया जाएगा। यह निर्णय उन हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने 24 नवंबर से 28 नवंबर 2025 के बीच आंसर-की पर अपनी आपत्तियां दर्ज की थीं और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान किया था।
बिहार बोर्ड ने 27 नवंबर 2025 को एक नया नियम जारी किया था, जिसके तहत बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए एक निर्धारित शुल्क रखा गया था। इस नए नियम के तहत अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न आपत्ति दर्ज करने के लिए 50 रुपये का शुल्क देना था। इसके साथ ही, यदि किसी अभ्यर्थी ने पांच या उससे अधिक प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज की, तो उन्हें अधिकतम 250 रुपये तक ही शुल्क देना था। यानी, चाहे अभ्यर्थी 10 या 20 प्रश्नों पर आपत्ति उठाए, शुल्क 250 रुपये से अधिक नहीं लिया जाता था।
तकनीकी कारणों से हुई परेशानी
हालांकि, बिहार बोर्ड ने 27 नवंबर को यह घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह नया शुल्क नियम तुरंत लागू नहीं हो पाया। इस कारण से, 24 से 28 नवंबर तक जिन अभ्यर्थियों ने पांच से अधिक प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज की, उनसे 250 रुपये से अधिक शुल्क लिया गया। यानी, प्रत्येक प्रश्न पर 50 रुपये के हिसाब से शुल्क कटता रहा, जिससे अभ्यर्थियों को अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा।
शुल्क वापसी की घोषणा
बिहार बोर्ड ने इस तकनीकी गलती को स्वीकार करते हुए अब अतिरिक्त शुल्क को वापस करने का निर्णय लिया है। जिन अभ्यर्थियों ने 24 नवंबर से 28 नवंबर 2025 तक पांच से अधिक प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 250 रुपये से अधिक शुल्क का भुगतान किया था, उन्हें अतिरिक्त राशि जल्द ही वापस की जाएगी। बिहार बोर्ड ने बताया कि यह अतिरिक्त राशि दिसंबर 2025 के महीने में अभ्यर्थियों के बैंक खातों में वापस कर दी जाएगी।
बिहार बोर्ड की पारदर्शिता और छात्रों के हित में कदम
यह निर्णय बिहार बोर्ड की पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एसटीईटी 2025 परीक्षा के नतीजों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। बोर्ड ने सभी संबंधित अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे शुल्क वापसी से संबंधित जानकारी के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
यह कदम छात्रों को यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि उन्हें तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। बिहार बोर्ड द्वारा किए गए इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी नीतियों में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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