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गया में चौंकाने वाली हत्या: संपत्ति विवाद में चचेरे भाई ने भाई की हत्या की

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विजयादशमी की रात गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के नयाबाजार इलाके में एक चौंकाने वाली हत्या का मामला सामने आया। 35 वर्षीय दीपक नामक युवक को उसके चचेरे भाई राजेश ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया जा रहा है, जो लंबे समय से दोनों के बीच चल रहा था।

हत्या और आरोपी का स्वीकारोक्ति

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दीपक अविवाहित था और उसे उसके चचेरे भाई राजेश ने शराब पार्टी के बहाने अपने घर बुलाया था। शराब पीते समय राजेश ने दीपक को चार गोलियां मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या करने के बाद, राजेश ने शेरघाटी पुलिस थाने में जाकर खुले तौर पर अपनी “भाई” की हत्या करने की स्वीकारोक्ति की।

राजेश ने पुलिस को बताया कि दीपक की लाश उसके कमरे में पड़ी हुई थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दीपक का खून से सना हुआ शव मिला। साथ ही पुलिस ने चार कारतूस और हत्या में इस्तेमाल किया गया देशी पिस्टल भी बरामद किया। जैसे ही यह घटना इलाके में फैली, लोगों की भीड़ राजेश के घर के बाहर इकट्ठा हो गई।

संपत्ति विवाद था हत्या का कारण

मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दीपक और राजेश के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के इस विवाद की जड़ उनके दिवंगत चाचा द्वारिका प्रसाद की संपत्ति थी। लगभग 35 साल पहले द्वारिका प्रसाद ने शेरघाटी बस स्टैंड के पास एक abandoned बच्चे को पाया और उसे गोद लिया। बच्चे का नाम उसने दीपक रखा और उसे अपने बेटे की तरह पाला।

द्वारिका प्रसाद की मौत के बाद, उसने अपनी संपत्ति, जिसमें एक गेस्ट हाउस भी शामिल था, दीपक को अपनी वसीयत के माध्यम से दे दी थी। दीपक ने गेस्ट हाउस को किराए पर देकर अपनी जीविका चलानी शुरू कर दी थी। राजेश, जो कि दीपक का चचेरा भाई था, इस संपत्ति से वंचित होने के कारण दुखी और नाराज था। पुलिस का मानना है कि इस नाराजगी ने ही राजेश को इस हत्या के लिए उकसाया।

हत्या की साजिश और शराब पार्टी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेश ने दीपक को विजयादशमी के दिन शराब पार्टी के बहाने अपने घर बुलाया था। दोनों ने शराब पीने के बाद, राजेश ने अपनी योजना को अंजाम देते हुए दीपक के सीने में चार गोलियां मारी, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई।

पुलिस का मानना है कि शराब पार्टी एक छलावा थी, और राजेश ने इस मौके का फायदा उठाकर हत्या की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हत्या का मुख्य कारण दोनों के बीच संपत्ति का विवाद था, जो वर्षों से चल रहा था।

पुलिस की जांच

राजेश के स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी। शेरघाटी थाना के प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “दीपक नामक युवक की हत्या कर दी गई है। आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को हत्या का कारण माना जा रहा है, लेकिन आगे की पूछताछ जारी है।”

पुलिस ने राजेश से और पूछताछ शुरू कर दी है ताकि पूरी घटना का खुलासा हो सके और यह पता चल सके कि उसने इस हत्या को कैसे और क्यों अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है और इस संपत्ति विवाद की हर पहलू की जांच कर रही है।

जनता की प्रतिक्रिया और घटना के बाद का माहौल

इस घटना ने स्थानीय समुदाय को हिला कर रख दिया। लोग इस बात से हैरान थे कि परिवार के सदस्य ने इतना जघन्य अपराध किया। यह घटना संपत्ति विवादों और पारिवारिक झगड़ों के बारे में स्थानीय लोगों के बीच बातचीत का कारण बन गई। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस इस बात को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि इस तरह के मामले आगे न बढ़ें।

गया में हुआ यह दर्दनाक हत्याकांड यह दिखाता है कि अनसुलझे पारिवारिक विवाद और संपत्ति के मामलों का क्या परिणाम हो सकता है। राजेश का अपने चचेरे भाई दीपक को मारने का कदम संपत्ति से संबंधित नाराजगी और भड़की हुई भावनाओं का परिणाम था। यह घटना इस बात की चेतावनी देती है कि परिवारों के बीच संपत्ति विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत और समझौते की आवश्यकता है, ताकि कोई इस तरह के जघन्य कृत्य का शिकार न बने।

पुलिस की जांच जारी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि यह मामला परिवारिक झगड़ों और संपत्ति विवादों को लेकर गंभीर संदेश देगा। राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है।

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