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समस्तीपुर हादसा : सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर पलटा, दो सगे भाई-बहन की मौत

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बिहार के समस्तीपुर जिले में सरस्वती पूजा का उत्सव एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसे में बदल गया। विसर्जन के दौरान लोगों से भरा ट्रैक्टर पलट गया। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

शांति नदी पुल के पास हुआ हादसा

यह हादसा चकमेहसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत शांति नदी पुल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद ग्रामीण ट्रैक्टर से लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गड्ढे में पलट गया। ट्रैक्टर पर महिलाएं, पुरुष और बच्चे सवार थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रैक्टर एक अन्य वाहन को साइड देने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और वाहन पलट गया। सड़क की स्थिति और किनारे गड्ढा होने से हादसा और गंभीर हो गया।

एक ही परिवार के दो मासूमों की मौत

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों बच्चे सगे भाई-बहन थे। मृतकों की पहचान चकमेहसी पंचायत के भूसकौल गांव निवासी उमाशंकर ठाकुर के सात वर्षीय पुत्र अभिराज और चार वर्षीय पुत्री अनुष्का के रूप में हुई है। दोनों बच्चे परिवार के साथ पूजा विसर्जन में शामिल होने गए थे।

मासूमों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में हर आंख नम हो गई और माहौल गमगीन हो गया।

पंचायत में मचा कोहराम

घटना की सूचना मिलते ही पूरे पंचायत में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और बच्चों को बचाने का प्रयास किया। इसके साथ ही पुलिस को भी सूचना दी गई। कुछ लोगों ने ट्रैक्टर को हाथ से उठाने की कोशिश की, लेकिन वजन अधिक होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।

जेसीबी से चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक अभिराज और अनुष्का की मौत हो चुकी थी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।

दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल

हादसे में दो अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को पहले कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया।

घायल बच्चों की पहचान उसी गांव के विजय त्रिवेदी और ठंडी राम के पुत्रों के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

चकमेहसी थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि हादसे में शामिल सभी लोग चकमेहसी पंचायत के ही निवासी हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

प्राथमिक जांच में ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। यह भी देखा जा रहा है कि ट्रैक्टर पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे या नहीं। traffic और safety नियमों के उल्लंघन की जांच भी की जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही सदर इंस्पेक्टर नीरज और अंचलाधिकारी शशि रंजन भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

गांव में पसरा मातम

हादसे के बाद भूसकौल गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। सरस्वती पूजा की खुशियां पल भर में गम में बदल गईं। गांव के लोगों का कहना है कि यह हादसा सभी के लिए एक painful lesson है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने पूजा विसर्जन के दौरान safety व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर जैसे वाहनों पर बच्चों को बैठाकर ले जाना खतरनाक है। narrow roads और सड़क किनारे गड्ढे जोखिम को और बढ़ा देते हैं।

लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था की जाए। heavy vehicles के इस्तेमाल पर नियंत्रण और awareness जरूरी बताया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि investigation पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। समस्तीपुर का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि धार्मिक उत्सवों के साथ-साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

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