होमBiharगया में इलाज के दौरान मरीज की मौत, परिजनों का हंगामा

गया में इलाज के दौरान मरीज की मौत, परिजनों का हंगामा

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बिहार के Gaya शहर में एक निजी क्लिनिक में मरीज की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। रामपुर थाना क्षेत्र के एपी कॉलोनी स्थित परमार न्यूरो स्पाइन एंड डेंटल क्लिनिक में इलाज के दौरान एक मरीज की जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

बुधवार देर रात जैसे ही मरीज की मौत की जानकारी सामने आई, परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ की, जिससे माहौल और बिगड़ गया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

मृतक की पहचान देवकी यादव के रूप में

मृतक की पहचान देवकी यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार कुछ दिन पहले देवकी यादव का सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनकी गर्दन की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी।

इलाज के लिए परिजन उन्हें परमार नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर कनिष्क परमार ने ऑपरेशन को सामान्य बताते हुए भरोसा दिलाया था। डॉक्टर ने कहा था कि सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा।

परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये बताया गया था। बुधवार को अस्पताल में पचास हजार रुपये जमा कराए गए थे। बाकी रकम बाद में देने की बात कही गई थी।

ऑपरेशन के बाद नहीं दी गई स्पष्ट जानकारी

परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे देवकी यादव को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद कई घंटों तक मरीज की हालत को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

परिजनों का कहना है कि बार-बार पूछने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन से जुड़ा एक वीडियो क्लिप दिखाया। वीडियो में गर्दन में दो रॉड और तीन क्लिप लगाए जाने की बात बताई गई। इसके बावजूद परिजनों को मरीज से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्हें लगातार यही कहा जाता रहा कि मरीज की हालत स्थिर है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी तरह की गंभीर स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।

रात में बिगड़ती हालत और सुबह मौत की सूचना

परिजनों का आरोप है कि रात होते-होते मरीज की हालत बिगड़ने लगी थी। इसके बावजूद अस्पताल की ओर से इसकी जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि स्थिति को छिपाने की कोशिश की गई।

सुबह के समय परिजनों को बताया गया कि देवकी यादव को cardiac arrest आया है। कुछ देर बाद उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई। इस सूचना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। तोड़फोड़ के चलते इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के लोग भी घटनास्थल पर जुट गए।

पुलिस ने संभाली स्थिति, देर रात तक तनाव

घटना की सूचना मिलते ही रामपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत चलती रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

डॉक्टर ने लापरवाही के आरोपों को नकारा

इस पूरे मामले पर डॉक्टर कनिष्क परमार ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि देवकी यादव को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उनकी गर्दन में कई जगह फ्रैक्चर थे।

डॉक्टर के अनुसार सभी जरूरी मेडिकल जांच और सावधानियों के बाद ऑपरेशन किया गया। उन्होंने दावा किया कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही थी। बाद में मरीज को अचानक cardiac arrest आया।

डॉक्टर ने बताया कि मरीज को बचाने के लिए सीपीआर सहित सभी जरूरी मेडिकल प्रयास किए गए। इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि इसे डॉक्टर की लापरवाही बताना गलत है।

पुलिस को लिखित शिकायत का इंतजार

रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही मामले की विधिवत जांच शुरू की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नदारद बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मेडिकल दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

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