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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सियासी घमासान तेज, पीएम मोदी और विपक्ष के बीच जुबानी जंग

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें नजदीक आ रही हैं और राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। अगले दो से तीन महीनों में होने वाले इस चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी में 7,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं की सौगात दी। वहीं, विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए उन्हें “जुमलेबाज” बताया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी के वादों पर एक व्यंग्यात्मक गाना लॉन्च किया और लालू यादव ने भी पीएम मोदी की यात्रा पर हमला बोला।

पीएम मोदी का बिहार दौरा और योजनाओं का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जुलाई, 2025 को मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने 7200 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। मोदी का यह दौरा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरे के जरिए बीजेपी बिहार में अपनी पैठ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

मोदी ने इस मौके पर राज्य की राजद सरकार को घेरते हुए अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वह राज्य के विकास में एक नई दिशा देने वाली हैं।

तेजस्वी यादव का “जुमला” गाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के इस दौरे पर तीखा हमला करते हुए एक व्यंग्यात्मक गाना लॉन्च किया। इस गाने में बीजेपी के कई वादों का मजाक उड़ाया गया है। तेजस्वी ने इस गाने को “X (पूर्व ट्विटर)” पर शेयर करते हुए लिखा, “मोदी जी ओ मोदी जी, आदरणीय मोदी जी, आपके झूठ और जुमलों से तंग आकर बिहारवासियों ने आपको यह गाना समर्पित किया है”।

गाने में वह वादा किया गया था कि बंद पड़ी चीनी मिलें फिर से चालू की जाएंगी, लेकिन इस वादे को पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा गाने में यह भी कहा गया कि पीएम मोदी चुनाव के समय ही बिहार आते हैं। तेजस्वी ने गाने के माध्यम से यह भी आरोप लगाया कि बिहार में पुल टूटने और कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति पर मोदी सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

लालू यादव का पीएम मोदी पर हमला

लालू यादव, राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने भी प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे को लेकर उन पर हमला बोला। उन्होंने X पर लिखा, “जुमला सुनाने बिहार, क्या मतदाता सूची में हेरा-फेरी के बाद आओगे? बिहारी, हेरा-फेरी तो होने देंगे नहीं?”।

लालू का यह बयान बीजेपी और राजद के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को और तेज करता है। लालू के मुताबिक, मोदी सरकार बिहार के मतदाताओं को गुमराह कर रही है और हेरा-फेरी कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।

पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला

पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान विपक्ष पर कड़ी टिप्पणी की। मोतिहारी में आयोजित जनसभा में उन्होंने राजद और विपक्षी दलों को “विकास विरोधी” करार दिया। मोदी ने कहा कि विपक्ष के पास जनता के बीच जाकर काम करने का कोई रोडमैप नहीं है, जबकि बीजेपी की सरकार ने बिहार में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह हमेशा झूठ बोलते हैं और राज्य के विकास के मुद्दे पर उनका कोई ध्यान नहीं है। मोदी ने कहा कि 7200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है जो आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को गति देगा।

मनोज झा का पीएम मोदी के दौरे पर हमला

राजद के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने पीएम मोदी के बिहार दौरे को “खाली पोटली” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के द्वारा 7200 करोड़ रुपये के जो ऐलान किए गए हैं, वह केवल चुनावी घोषणाएं हैं जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।

मनोज झा ने कहा कि यह घोषणाएं उन लोगों को खुश करने के लिए की गई हैं जो चुनाव से पहले गुमराह होते हैं। उनका कहना था कि बिहार की समस्याओं को सुलझाने में सरकार असफल रही है, और इस बार भी इन घोषणाओं से कुछ नहीं बदलने वाला है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का महत्व

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 भारतीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रहे हैं। राजद और बीजेपी दोनों अपनी-अपनी ताकत लगा रही हैं, ताकि वे चुनावी मैदान में जीत हासिल कर सकें। बिहार में लंबे समय से राजद की सरकार रही है और अभी भी पार्टी का राज्य में बड़ा आधार है। वहीं, बीजेपी और नीतीश कुमार की जनता दल (यू) ने मिलकर बिहार की सत्ता पर काबिज होने की कोशिश की है।

पिछले कुछ वर्षों में बिहार में बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, और आपराधिक घटनाओं की बढ़ती संख्या ने जनता को असंतुष्ट किया है। विपक्ष, खासकर राजद, इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार पर निशाना साध रही है। वहीं, बीजेपी का जोर विकास के मुद्दे पर है, जिसे वे अपने चुनाव प्रचार का मुख्य बिंदु बना रहे हैं।

चुनावी माहौल और जनता की नब्ज

बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्माता जा रहा है। बिजली, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, और सड़क परिवहन जैसे मुद्दे इस चुनावी जंग का अहम हिस्सा बनेंगे। पीएम मोदी ने जो विकास योजनाओं की शुरुआत की है, वह आगामी चुनाव में बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी हथियार बन सकती हैं।

वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी केवल “झूठे वादों” के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की कोशिश कर रही है। तेजस्वी यादव और लालू यादव की राजद पूरी ताकत से राज्य के मुद्दों को उठा रही है और बीजेपी के वादों को जनता के लिए “सिर्फ जुमला” बता रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दोनों प्रमुख दलों के बीच सियासी संघर्ष तेज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेजस्वी यादव के बीच जुबानी जंग साफ तौर पर सामने आ चुकी है। बिहार के मतदाता इस बार विकास के मुद्दे और कानून व्यवस्था के हालात पर गहरी नजर रखेंगे। बीजेपी और राजद दोनों अपने-अपने मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेंगे। यह चुनाव बिहार के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।

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