बिहार में शहरी योजनाओं को गति देने के लिए 397 जूनियर इंजीनियरों की तैनाती: विकास कार्यों में तेजी आएगी

Bihar Urban Development: 397 Junior Engineers Deployed for Faster Implementation of Urban Schemes

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार सरकार ने अपने नगर निकायों में चल रही शहरी योजनाओं को तेज़ी से पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने 397 जूनियर इंजीनियरों की तैनाती की है। इन इंजीनियरों को विभिन्न नगर निकायों, बुडको, बिहार आवास बोर्ड और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में नियुक्त किया गया है। इन इंजीनियरों के जरिए शहरी विकास की परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ लागू किया जाएगा। इसके अलावा, पटना मेट्रो परियोजना को भी गति देने के लिए 11 सिविल, 4 इलेक्ट्रिकल और 4 मैकेनिकल इंजीनियरों की नियुक्ति की गई है। यह लेख आपको इन नियुक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और बताएगा कि ये कदम बिहार में शहरी विकास में किस तरह योगदान देंगे।

397 जूनियर इंजीनियरों की तैनाती: शहरी योजनाओं में तेजी आएगी

बिहार सरकार ने शहरी योजनाओं की गति को बढ़ाने के लिए 397 जूनियर इंजीनियरों को विभिन्न शहरी परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए नियुक्त किया है। ये इंजीनियर नगर निकायों, बुडको, बिहार आवास बोर्ड और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में काम करेंगे। इन इंजीनियरों की तैनाती से शहरी योजनाओं के कार्यों में तेजी आएगी, और बिहार के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।

इन इंजीनियरों को शहरी योजनाओं और परियोजनाओं के लिए समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। पटना मेट्रो परियोजना को प्राथमिकता देते हुए विशेष रूप से 11 सिविल इंजीनियरों की तैनाती की गई है, जो मेट्रो के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करेंगे। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरों की तैनाती भी की गई है, ताकि परियोजना को अधिक समर्पण के साथ पूरा किया जा सके। पटना मेट्रो का प्राथमिकता कॉरिडोर 15 अगस्त 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पटना में ट्रैफिक की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी।

शहरी परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नए कदम

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि इन 397 इंजीनियरों की तैनाती से सम्राट अशोक भवन, प्रशासनिक भवन, और जल जीवन हरियाली मिशन जैसी योजनाओं में तेजी आएगी। इन योजनाओं के तहत शहरों में जल निकासी, सड़क निर्माण, नालों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति, और निर्माण कार्य किए जाएंगे, जिससे शहरी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

इस कदम से बिहार के शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जिससे नागरिकों को रोज़मर्रा की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा और विकास की गति को तेज किया जाएगा। यह कदम खासकर उन क्षेत्रों में लागू होगा, जहां बुनियादी ढांचे का सुधार सबसे ज्यादा जरूरी है।

नए पदों का सृजन और आयोजन क्षेत्र प्राधिकरण का गठन

बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालयों के सुनियोजित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने आयोजना क्षेत्र प्राधिकरण (Planning Area Authority) का गठन किया है, जो इन जिलों के विकास के लिए जिम्मेदार होगा। इन प्राधिकरणों के तहत 1350 नए पदों का सृजन किया गया है, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण पद जैसे मुख्य कार्यपालक अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, नगर निवेशक, और सांख्यिकी अधिकारी शामिल हैं।

इसके अलावा, विभाग ने टाउनशिप परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया है, जो प्रमुख शहरों में नागरिकों के लिए आधुनिक आवासीय परियोजनाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए, प्रमंडलीय और अन्य जिला मुख्यालयों के आधार पर पदों की स्वीकृति दी गई है।

पटना महानगर क्षेत्र के लिए सहायक नगर योजना पर्यवेक्षक और उप नगर योजना पर्यवेक्षक जैसे नए पदों का सृजन किया गया है। इस तरह से कुल 1350 पदों का सृजन किया गया है, जिससे शहरी योजनाओं की कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी।

शहरी योजनाओं और विकास के लिए मास्टर प्लान

नगर विकास एवं आवास विभाग अब बिहार के शहरी विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, जो अगले 20 वर्षों के लिए संभावित जनसंख्या वृद्धि का अनुमान लगाएगा। यह प्लान भूमि उपयोग (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक) और मूलभूत सुविधाओं (पानी, सड़क, सीवरेज आदि) को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।

इन योजनाओं के तहत राज्य के प्रमुख शहरों में नए विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण की योजना बनाई जाएगी। खासकर, टाउनशिप परियोजनाओं और स्मार्ट सिटी योजनाओं के जरिए शहरों का विकास किया जाएगा।

बिहार में शहरी योजनाओं को गति देने के फायदे

इस कदम से कई फायदे होंगे, जैसे:

  1. बेहतर बुनियादी ढांचा: इन इंजीनियरों की तैनाती से जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, नालों का निर्माण और सीवरेज सिस्टम में सुधार होगा।

  2. स्वच्छता और जल निकासी: शहरी क्षेत्रों में जल निकासी और स्वच्छता में सुधार होगा, जिससे शहरों में फ्लडिंग जैसी समस्याएं कम होंगी।

  3. पेयजल आपूर्ति में सुधार: हर नगर निकाय में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे नागरिकों को बेहतर जल आपूर्ति मिलेगी।

  4. स्मार्ट सिटी की दिशा में कदम: मास्टर प्लान के तहत शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

  5. सामाजिक और आर्थिक विकास: यह पहल सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी और राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली को बेहतर बनाएगी।

बिहार में शहरी योजनाओं को गति देने के लिए 397 जूनियर इंजीनियरों की तैनाती और नए पदों का सृजन राज्य के विकास में एक अहम कदम है। इन उपायों से शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, और शहरी विकास की गति तेज़ होगी। इन प्रयासों से न केवल बिहार के प्रमुख शहरों में सुधार होगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग के इन प्रयासों से पटना मेट्रो जैसी परियोजनाओं में भी तेजी आएगी, जो राज्य के नागरिकों के लिए बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रदान करेगी। यह कदम स्मार्ट सिटी और सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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