केंद्रीय बजट 2026 में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए महिलाओं से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं। इनका सीधा लाभ देश की लगभग आधी आबादी को मिलने की उम्मीद है।
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बजट में लखपति दीदी योजना के विस्तार के साथ इसे नई पहल She Mart से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। इसके अलावा हर जिले में महिला छात्रावास बनाने की घोषणा भी बजट का बड़ा हिस्सा रही।
लखपति दीदी की सफलता के बाद She Mart की नई पहल
लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद सरकार अब She Mart की नई अवधारणा लेकर आई है। इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ा जाएगा।
She Mart आधुनिक रिटेल आउटलेट के रूप में विकसित किए जाएंगे। इनका संचालन पूरी तरह महिला उद्यमियों के हाथ में होगा। इसका मकसद बिचौलियों को हटाकर महिलाओं को सीधे ग्राहकों से जोड़ना है। इससे महिलाओं को अपना खुद का ब्रांड बनाने और मुनाफा बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह मॉडल महिला उद्यमिता को मजबूत करेगा और उत्पादों की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएगा।
ग्रामीण और अर्ध शहरी महिलाओं पर विशेष फोकस
बजट 2026 में ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों की महिलाओं को खास प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय स्तर पर Retail Ecosystem और Business Opportunities विकसित करने की योजना बनाई गई है।
She Mart को आगे बढ़ाने में Cluster Level Federation की अहम भूमिका होगी। इससे महिला स्वयं सहायता समूह संगठित होकर सामूहिक शक्ति के रूप में उभर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं अपने ही क्षेत्र में रोजगार और उद्यम के अवसर तैयार करें।
यह पहल पलायन को कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मददगार मानी जा रही है।
लाभार्थी नहीं, अब महिलाएं बनेंगी मालिक
She Mart योजना के जरिए महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि Business Owner के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
महिला उद्यमियों को उनके कारोबार को विस्तार देने में हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा। सरकार का फोकस दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता पर है, न कि केवल तात्कालिक सहायता पर।
महिला उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
She Mart के माध्यम से महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल उनके व्यवसाय मजबूत होंगे, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
दूरदराज इलाकों में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है। आने वाले समय में इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की भी योजना बन सकती है।
महिला कामगारों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
आर्थिक सर्वेक्षण में पहले ही संकेत दिया गया है कि वर्ष 2050 तक महिला कामगारों की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो सकती है। यह वृद्धि भारत की GDP Growth के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी से समाज के हर वर्ग में आय का प्रवाह बढ़ेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि बजट 2026 इसी दिशा में एक ठोस कदम है।
आधी आबादी को मिलेगी नई ताकत
EY के सोशल स्किल विशेषज्ञ अमित वात्सयान के अनुसार लखपति दीदी और She Mart जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के लिए Livelihood Opportunities के नए रास्ते खोलेंगी।
उनका कहना है कि यह महिलाओं को अपने हुनर दिखाने और उसे आय में बदलने का मजबूत मंच प्रदान करती हैं। इससे महिलाएं असंगठित क्षेत्र से संगठित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ सकेंगी।
हर जिले में महिला छात्रावास का प्रस्ताव
बजट 2026 में महिलाओं की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में महिला छात्रावास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना Equal Education Opportunity को बढ़ावा देने के लिए लाई गई है। सुरक्षित आवास मिलने से उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की बाधाएं दूर करने की कोशिश
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी किशोरियों के बीच School Dropout Rate एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। दूरी, सुरक्षा और आर्थिक कारण अक्सर पढ़ाई में बाधा बनते हैं।
हर जिले में छात्रावास बनाने का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को दूर करना है। सरकार उन जिलों पर विशेष ध्यान देगी जहां ये समस्याएं ज्यादा गंभीर हैं।
महिलाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए Nutrition Scheme को भी और मजबूत किया गया है।
लखपति दीदी योजना का विस्तार
वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना के विस्तार की घोषणा भी की। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का Interest Free Loan दिया जाता है।
यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। इसका लक्ष्य है कि महिलाएं छोटे उद्योग शुरू करें और हर साल कम से कम एक लाख रुपये की आय अर्जित करें।
तीन करोड़ महिलाओं को आय लक्ष्य तक पहुंचाने की योजना
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2027 तक तीन करोड़ महिला SHG सदस्यों की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक पहुंचाई जाए। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना के तहत महिलाओं को Plumbing और LED Bulb Manufacturing जैसी स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही निर्भया फंड के लिए दो सौ करोड़ रुपये का आवंटन भी जारी रखा गया है।
क्या है She Mart
She Mart ऐसे बाजार या मंच हैं जो पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित होंगे। यहां महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, स्टार्टअप और कारीगर अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगे।
ग्रामीण महिलाएं कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के उत्पादों के जरिए अपनी आय बढ़ा सकेंगी। यह योजना महिलाओं के लिए Direct Market Access सुनिश्चित करती है।
नारी शक्ति पर बजट सकारात्मक: राकेश श्रीवास्तव
भारत सरकार के पूर्व सचिव राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने की योजना एक सकारात्मक कदम है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।
उनके अनुसार महिलाओं को सबसे ज्यादा जरूरत आर्थिक सुरक्षा की है। लखपति दीदी जैसी योजनाएं इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं। हालांकि उन्होंने बेहतर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
महिला और बाल विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता
सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने वाली योजनाओं को जारी रखा है। निर्भया कोष पर फोकस बने रहने से महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
VB-G Ram Ji के तहत बाल देखभाल को शामिल करने से महिलाओं के लिए रोजगार के नए विकल्प खुलेंगे। सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0 और मिशन वात्सल्य पर भी विशेष जोर दिया गया है।
अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती नारी शक्ति
Goldman Sachs और International Labour Organization की रिपोर्ट के अनुसार भारत में फिलहाल लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं कार्यबल का हिस्सा हैं। इनमें से अधिकांश कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं।
अन्य बड़े देशों में यह हिस्सेदारी लगभग 54 प्रतिशत है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका भारत अब तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है।
सरकार इस यात्रा में महिला शक्ति को केंद्र में रख रही है। Budget 2026 इसी सोच को और मजबूती देता है, जहां आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा में लाने का स्पष्ट प्रयास दिखाई देता है।



