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बिहार में स्नातक पास 1.5 लाख छात्राओं को एक माह में मिलेंगे 50-50 हजार रुपये

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बिहार में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य की करीब डेढ़ लाख छात्राओं को एक माह के भीतर 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिल जाएगी। ये छात्राएं पिछले डेढ़ साल से इस राशि का इंतजार कर रही थीं।

शिक्षा विभाग की मांग पर वित्त विभाग ने इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। राशि जारी होते ही छात्राओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा।

वित्त विभाग से मिली 750 करोड़ की स्वीकृति

शिक्षा विभाग ने करीब चार महीने पहले वित्त विभाग से राशि की मांग की थी। अब इस मांग को मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृत राशि जारी होते ही भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भुगतान पूरी तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

विश्वविद्यालयों में सर्टिफिकेट जांच लगभग पूरी

शिक्षा विभाग ने पहले ही विश्वविद्यालयों को छात्राओं के सर्टिफिकेट की जांच तेज करने का निर्देश दिया था। अधिकांश विश्वविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है।

केवल उन्हीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिनकी स्नातक उत्तीर्णता की पुष्टि हो चुकी है। जिन मामलों में सर्टिफिकेट सत्यापन लंबित है, वहां भुगतान में देरी हो सकती है।

5.78 लाख छात्राओं ने किया था आवेदन

इस योजना के तहत बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों से कुल 5 लाख 78 हजार स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 1 लाख 98 हजार छात्राओं को सितंबर के अंत तक प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है।

अब भी 3 लाख 80 हजार छात्राएं भुगतान का इंतजार कर रही हैं। हालांकि, स्वीकृत बजट सीमित होने के कारण फिलहाल केवल डेढ़ लाख छात्राओं को ही राशि दी जा सकेगी।

करीब दो लाख छात्राओं को करना होगा और इंतजार

शेष लगभग दो लाख छात्राओं को प्रोत्साहन राशि मिलने में अभी और समय लग सकता है। अधिकारियों के अनुसार, इन्हें आगामी बजट में राशि आवंटन के बाद ही भुगतान किया जा सकेगा।

इस प्रक्रिया में स्वाभाविक रूप से देरी होगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि अगली किस्त में शेष पात्र छात्राओं को भी राशि दी जाएगी।

2018 में शुरू हुई थी स्नातक प्रोत्साहन योजना

स्नातक प्रोत्साहन योजना की शुरुआत अप्रैल 2018 में हुई थी। उस समय स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।

एक अप्रैल 2021 से इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना रहा है।

अब तक साढ़े पांच लाख से अधिक छात्राएं लाभान्वित

अब तक इस योजना के तहत साढ़े पांच लाख से अधिक स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। यह योजना बिहार में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जाती है।

कई छात्राओं ने इस राशि का उपयोग आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार से जुड़ी जरूरतों के लिए किया है।

आधार सत्यापन के कारण पहले हो चुकी है देरी

इस योजना में पहले भी देरी हो चुकी है। इसका बड़ा कारण आधार सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया रही। Unique Identification Authority of India से अनुमति मिलने में काफी समय लगा।

गजट प्रकाशन और अन्य औपचारिकताओं में छह महीने से अधिक का समय लग गया। इसके बाद चुनाव आचार संहिता लागू होने से करीब डेढ़ महीने तक मामला अटका रहा।

आधार से जुड़े खातों में सीधे होगा भुगतान

सरकार ने साफ किया है कि प्रोत्साहन राशि केवल आधार से जुड़े बैंक खातों में ही भेजी जाएगी। छात्राओं को पहले ही अपने बैंक खाते अपडेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

शिक्षा विभाग रख रहा है पूरी निगरानी

शिक्षा विभाग पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। विश्वविद्यालयों और वित्त विभाग के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पात्र छात्रा को जानबूझकर वंचित नहीं किया जाएगा। भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

छात्राओं को जल्द मिलने की उम्मीद

घोषणा के बाद छात्राओं में उम्मीद जगी है कि अब उनका इंतजार खत्म होने वाला है। कई छात्राएं इस राशि को अपने भविष्य की योजनाओं से जोड़कर देख रही हैं।

सरकार के अनुसार, अगले एक माह के भीतर पहली किस्त का भुगतान पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शेष छात्राओं के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

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