बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के दौरान मधुबनी जिले की बिस्फी विधानसभा सीट पर बीजेपी और आरजेडी के बीच मुकाबला बढ़ता जा रहा है। शुरूआत में बीजेपी के उम्मीदवार हरिभूषण ठाकुर बचौल ने बढ़त बनाई थी, लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, आरजेडी के उम्मीदवार आसिफ अहमद ने भी अपनी स्थिति मजबूत की। पहले रुझानों के मुताबिक, आरजेडी ने बीजेपी को 8353 वोटों से पीछे छोड़ दिया है।
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मतगणना के शुरुआती रुझान
सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना में पहले आधे घंटे तक पोस्टल बैलट की गिनती की गई। फिर 8:30 बजे से ईवीएम की गिनती शुरू हो गई। सुबह 8:51 बजे तक रुझान में हरिभूषण ठाकुर बचौल बीजेपी से आगे चल रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे आरजेडी के आसिफ अहमद ने उनकी बढ़त को चुनौती दी।
सुबह 11:13 बजे तक चार राउंड की गिनती के बाद हरिभूषण ठाकुर बचौल को 14,257 वोट मिले, जबकि आसिफ अहमद को 11,769 वोट मिले। इसके अलावा, मोहिउद्दीन निर्दलीय के तौर पर 576 वोट और जन सुराज पार्टी के संजय मिश्रा को 435 वोट मिले थे।
चुनावी मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवार
इस बार बिस्फी विधानसभा सीट पर कुल आठ प्रत्याशी मैदान में थे। बीजेपी ने अपने दमदार विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल को फिर से मैदान में उतारा। वहीं, आरजेडी ने अपने राज्यसभा सांसद फैयाज अहमद के बेटे आसिफ अहमद को उम्मीदवार बनाया। फैयाज अहमद पहले भी इस सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं।
इस सीट पर अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में जन सुराज पार्टी से संजय मिश्रा और जनशक्ति जनता दल से सोनू कुमार भी चुनावी मैदान में थे। हालांकि, इन उम्मीदवारों के वोटों की संख्या को लेकर चुनाव परिणाम के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पिछले चुनावों का संदर्भ
बिस्फी विधानसभा सीट पर पिछले चुनावों का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में हरिभूषण ठाकुर बचौल ने फैयाज अहमद को 10,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। वहीं, 2015 में फैयाज अहमद ने रालोसपा के उम्मीदवार मनोज यादव को 35,000 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। उस चुनाव में हरिभूषण ठाकुर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर तीसरे स्थान पर रहे थे, जिनके पास 25,000 वोट थे।
2025 चुनाव की स्थिति और मतदान प्रतिशत
इस बार बिस्फी विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान हुआ था, और कुल 62.89 प्रतिशत मतदान हुआ। यह उच्च मतदान प्रतिशत क्षेत्र के मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है। बीजेपी ने हरिभूषण ठाकुर को फिर से मैदान में उतारकर अपना चुनावी दांव खेला, वहीं आरजेडी ने आसिफ अहमद को उम्मीदवार बना कर अपनी पारंपरिक ताकत का सहारा लिया।
यह चुनाव खास तौर पर अहम था क्योंकि बिस्फी क्षेत्र में बीजेपी और आरजेडी दोनों के बीच सीधा मुकाबला था। बीजेपी ने हरिभूषण ठाकुर को फिर से टिकट देकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की, जबकि आरजेडी ने आसिफ अहमद को चुनावी मैदान में उतारकर अपनी सियासी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश की।
बिस्फी सीट का भविष्य
बिस्फी विधानसभा सीट पर चल रहा यह मुकाबला न केवल स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी इसका असर पड़ेगा। चुनावी रुझान के अनुसार, बीजेपी के उम्मीदवार हरिभूषण ठाकुर बचौल ने शुरुआत में बढ़त बनाई थी, लेकिन आरजेडी के आसिफ अहमद ने धीरे-धीरे उन्हें पीछे छोड़ दिया है। इस बीच, स्वतंत्र उम्मीदवारों के वोट प्रतिशत और छोटे दलों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
चुनाव परिणाम बिस्फी विधानसभा के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकते हैं, और यह देखने की बात होगी कि किस पार्टी की सरकार बिहार में बनती है। फिलहाल, इस सीट पर बीजेपी और आरजेडी के बीच कड़ी टक्कर चल रही है और नतीजे आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
बिस्फी विधानसभा सीट पर चल रहा चुनावी मुकाबला राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। पहले रुझानों के अनुसार, बीजेपी के हरिभूषण ठाकुर बचौल ने शुरूआत में बढ़त बनाई, लेकिन आरजेडी के आसिफ अहमद ने धीरे-धीरे उनकी बढ़त को चुनौती दी है। इस सीट पर कुल 28 राउंड की मतगणना होनी है, और अंतिम परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा कि बिस्फी में किसकी जीत होती है।
यह चुनाव बिहार की राजनीति में बड़े बदलावों का संकेत भी दे सकता है, इसलिए इसके परिणाम पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।



