शुक्रवार, मार्च 13, 2026 1:17 अपराह्न IST
होमBiharबुढी गंडक का पानी बढ़ा छठ पूजा मे हुई परेशानी

बुढी गंडक का पानी बढ़ा छठ पूजा मे हुई परेशानी

Published on

समस्तीपुर में छठ पूजा की तैयारियाँ इस बार पानी के बढ़ते स्तर की वजह से एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। बुढी गंडक नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे समस्तीपुर शहर के अधिकांश छठ घाट जलमग्न हो गए हैं। अब, सिर्फ पांच दिन बाकी हैं, लेकिन पूजा करने के लिए भक्तों को यह समझ में नहीं आ रहा कि इस साल वे कहां अरघ्य अर्पित करेंगे। यह स्थिति इस बार की छठ पूजा को लेकर भक्तों के बीच अनिश्चितता और चिंता का कारण बनी हुई है।

बुढी गंडक नदी का उफान और समस्तीपुर के घाटों की स्थिति

बुढी गंडक नदी जो समस्तीपुर के बीच से बहती है, लगातार पानी की आपूर्ति के कारण उफान पर है। नदी के बढ़ते पानी ने समस्तीपुर के तीन किलोमीटर लंबे क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिसमें धर्मापुर से लेकर जितवारपुर तक के सभी छठ घाट पूरी तरह डूब गए हैं। इस पूरे इलाके में समस्तीपुर नगर निगम का क्षेत्र आता है।

नदी के किनारे रहने वाले स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस साल छठ के दौरान नदी का पानी इतनी ऊंचाई तक बढ़ा है कि भक्तों को शायद बांध से पूजा करनी पड़े। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बहुत सालों बाद, इस साल छठ के दौरान नदी में बाढ़ आई है। पानी इतना बढ़ गया है कि भक्तों को बांध से ही पूजा करनी पड़ेगी।”

स्थानीय प्रशासन की तैयारियों का अभाव

इस बाढ़ ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव संबंधी कार्यों में व्यस्त प्रशासन ने छठ पूजा के इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया, जबकि यह त्योहार लाखों लोगों की भागीदारी से जुड़ा होता है। हर साल, बुढी गंडक नदी के किनारे लाखों लोग अरघ्य अर्पित करने के लिए एकत्र होते हैं, लेकिन इस बार घाटों के डूब जाने से भक्तों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

नगर निगम की अध्यक्ष Anita Ram ने स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रशासन अस्थायी इंतजाम कर रहा है। उन्होंने बताया, “पानी के स्तर में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए, हम नदी के किनारे ऊंचे स्थानों की पहचान कर उन्हें साफ करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि वहां भक्त पूजा कर सकें। लेकिन, यह लाखों लोगों के लिए पर्याप्त नहीं होगा जो आमतौर पर बुढी गंडक के घाटों पर आते हैं। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे घरों में पूजा करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करें।”

मूल्यांकन और सुरक्षा को लेकर चिंताएँ

घाटों की हालत को देखकर प्रशासन की ओर से स्थिति की गंभीरता को समझने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन साफ-सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों का संकट अभी भी बना हुआ है। भक्तों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने प्रशासन से तात्कालिक कदम उठाने की अपील की है, ताकि अस्थायी घाटों पर सुरक्षा और सफाई की स्थिति सुनिश्चित की जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि भक्तों को कोई खतरा न हो और वे श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकें। छठ के पारंपरिक घाटों के अलावा अस्थायी घाटों पर भी भारी संख्या में लोग जुटेंगे, और प्रशासन को इन स्थानों पर पहले से तैयारी करने की आवश्यकता है।

महत्वपूर्ण समय पर बाढ़ की समस्या

यह घटना विशेष रूप से छठ पूजा के एक अत्यधिक महत्वपूर्ण समय में घटी है। नवंबर और दिसंबर में छठ पूजा का आयोजन बड़े उत्साह से होता है और यह समय विशेष रूप से समस्तीपुर जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान लाखों श्रद्धालु इस पूजा का हिस्सा बनते हैं।

इस साल समस्तीपुर में यह समस्या भक्तों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई है। अर्पित करने के लिए पारंपरिक घाटों की जगह अस्थायी घाटों का इस्तेमाल करना भक्तों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। यही कारण है कि अधिकतर लोग या तो घरों में पूजा करने के बारे में सोच रहे हैं या फिर अस्थायी घाटों पर ध्यान दे रहे हैं।

भक्तों के लिए उपाय और प्रशासन की भूमिका

अस्थायी घाटों के साथ-साथ भक्तों के लिए प्रशासन की ओर से उपायों को तेजी से लागू किया जा रहा है। प्रशासन ने उच्च स्थानों पर अस्थायी पूजा स्थल बनाने की योजना बनाई है। इन घाटों को जनता की सुरक्षा और समुचित व्यवस्था के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि लाखों लोग आसानी से पूजा कर सकें।

स्थानीय स्वयंसेवकों और नागरिकों ने प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि सभी अस्थायी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सफाई को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी भक्त को जलमग्न क्षेत्रों में जाने से रोका जाएगा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

सामाजिक और धार्मिक चिंता

बिहार में छठ पूजा का अत्यधिक धार्मिक और सामाजिक महत्व है। यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि एक सामूहिक त्योहार है जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी होती है। बुढी गंडक नदी के किनारे पर पारंपरिक रूप से की जाने वाली पूजा इस त्योहार का अभिन्न हिस्सा है। इस बार पानी के उफान के कारण भक्तों के लिए पारंपरिक घाटों पर पूजा करने का तरीका बदलने के साथ ही प्रशासन और भक्त दोनों के लिए नई चुनौतियाँ पेश आई हैं।

भक्तों के लिए यह चिंता का विषय है कि वे इस बार पूजा की परंपराओं को किस प्रकार से निभा सकेंगे, जबकि प्रशासन के अस्थायी प्रयासों से उत्सव की भावना पर भी असर पड़ा है। हालांकि, स्थानीय लोग यह आशा कर रहे हैं कि प्रशासन समय रहते उचित कदम उठाएगा और इस संकट का समाधान निकालेगा।

छठ पूजा के दौरान समस्तीपुर में पानी के बढ़ते स्तर के कारण जो स्थिति बनी है, वह चिंता का विषय है। सरकार और प्रशासन की ओर से जो अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं, वे समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो सकते। इस समय, प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह इस आपातकालीन स्थिति का सही तरीके से प्रबंधन करेगा ताकि कोई भी भक्त सुरक्षित रूप से पूजा कर सके।

अगर नदी का पानी और बढ़ता है, तो इसके असर को कम करने के लिए प्रशासन को और अधिक प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि लाखों श्रद्धालु इस महत्वपूर्ण पूजा में भाग ले सकें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या दुश्मन भारत का सैटेलाइट गिरा सकता है? क्या है स्पेस वॉर का खतरनाक सच

कल्पना कीजिए—अगर अचानक भारत का कोई सैटेलाइट अंतरिक्ष में काम करना बंद कर दे...

क्या तेहरान से शुरू होगी नई विश्व व्यवस्था? जानिए मिडिल ईस्ट की जंग का असली खेल

मिडिल ईस्ट में उठती युद्ध की लपटें क्या सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई हैं… या...

क्या अंग्रेजों की ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ थीं रानी लक्ष्मीबाई?

क्या सचमुच रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओं की अलग सैन्य टुकड़ी बनाई थी? क्यों अंग्रेजी...

More like this

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...