बेंगलुरु में एक बेहद चमत्कारी मेडिकल घटना घटी, जहां 90 वर्षीय बुजुर्ग का गालब्लैडर ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी से सफलतापूर्वक किया गया। इस उम्र में सर्जरी करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है, लेकिन इस बुजुर्ग का ऑपरेशन बिना किसी जटिलता के सफल हुआ और वह अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। रोबोटिक तकनीक के इस सफल उपयोग ने न केवल सर्जरी के परिणाम को बेहतर किया, बल्कि बुजुर्ग की रिकवरी भी बहुत तेजी से हुई। ऑपरेशन के महज दो दिन बाद ही वह हंसने-बोलने लगे, जो इस प्रकार के ऑपरेशन के लिए एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड है।
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बुजुर्गों के लिए सर्जरी की चुनौती
बुजुर्गों में सर्जरी करना चिकित्सा विज्ञान के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है। विशेष रूप से 90 वर्ष की आयु में सर्जरी करना डॉक्टरों के लिए जोखिम भरा होता है। इस उम्र में शरीर की कार्यप्रणाली पहले से कमजोर होती है, और इसके साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी जुड़ी होती हैं। जैसे कि दिल की बीमारियां, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज, जो सर्जरी के दौरान जटिलताओं को जन्म दे सकती हैं।
इसलिए डॉक्टरों के लिए बुजुर्गों में सर्जरी करना आमतौर पर टालने योग्य होता है। लेकिन बेंगलुरु में एक 90 वर्षीय रामारेतिनाम संथानम की गालब्लैडर सर्जरी ने इस सामान्य धारणा को चुनौती दी और यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, जैसे रोबोटिक सर्जरी, इन जटिल परिस्थितियों में भी मददगार हो सकती है।
मरीज की हालत और सर्जरी की आवश्यकता
रामारेतिनाम संथानम को जब पेट के ऊपरी हिस्से में अत्यधिक दर्द और उल्टियां होने लगीं, तो उन्हें अस्पताल लाया गया। उनकी स्थिति गंभीर होती जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनके गालब्लैडर में रक्त की आपूर्ति रुक गई थी, जिससे ऊतक मरने लगे थे। इस स्थिति के कारण गालब्लैडर में कई पथरियां बन गई थीं। डॉक्टरों का कहना था कि यदि तत्काल सर्जरी नहीं की जाती, तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।
उम्र के कारण यह सर्जरी और भी जोखिमपूर्ण थी, क्योंकि बुजुर्ग को पहले से दिल की बीमारी भी थी। उनके दिल में पहले से स्टेंट लगाए गए थे, जिससे ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। लेकिन डॉक्टरों ने इस स्थिति को देखते हुए सर्जरी करने का निर्णय लिया।
रोबोटिक सर्जरी की मदद से सफल ऑपरेशन
डॉ. जावेद हुसैन, जो रोबोटिक और जनरल सर्जरी के विशेषज्ञ हैं, ने रामारेतिनाम की सर्जरी की जिम्मेदारी ली। उनके अनुसार, इस उम्र में कोई भी मेडिकल प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। लेकिन रोबोटिक तकनीक के कारण यह सर्जरी बहुत आसान हो गई थी। उन्होंने दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का उपयोग किया, जो अत्यधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ सर्जरी करने की अनुमति देता है।
इस सर्जरी में कार्डियक टीम भी पूरी तरह से सर्जरी टीम के साथ थी, क्योंकि मरीज के दिल की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त ध्यान की आवश्यकता थी। रोबोटिक सर्जरी ने ऑपरेशन के दौरान न्यूनतम रक्तस्राव और अधिकतम सटीकता सुनिश्चित की। इसके परिणामस्वरूप, गालब्लैडर को सफलतापूर्वक निकाला गया, और मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ।
तेजी से रिकवरी और सामान्य स्थिति में लौटना
सर्जरी के बाद रामारेतिनाम की रिकवरी भी बहुत तेज़ रही। आमतौर पर बुजुर्गों में सर्जरी के बाद रिकवरी समय लंबा होता है, लेकिन इस मामले में सर्जरी के सिर्फ दो दिन बाद ही वह खतरे से बाहर आ गए। वह हंसने-बोलने लगे, जो किसी भी सर्जरी के बाद बुजुर्गों में एक सामान्य प्रतिक्रिया नहीं होती है। उनका यह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ रोबोटिक सर्जरी के परिणामस्वरूप संभव हो पाया।
डॉ. जावेद हुसैन ने बताया कि इस उम्र में सर्जरी करना मुश्किल था, लेकिन दा विंची रोबोट ने सर्जरी के दौरान सटीकता और नियंत्रण प्रदान किया, जिससे ऑपरेशन बिना किसी जटिलता के पूरा हुआ। इस प्रकार, रोबोटिक तकनीक ने सर्जरी के परिणाम को बहुत बेहतर बनाया और मरीज की रिकवरी को तेज किया।
रोबोटिक सर्जरी के लाभ
रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं, विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए। पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी में छोटी चीरे जाते हैं, जिससे संक्रमण और रक्तस्राव का जोखिम कम होता है। इसके अलावा, यह मरीज को जल्दी ठीक होने में मदद करता है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने का समय भी कम हो जाता है। रोबोटिक सर्जरी की सटीकता और नियंत्रण इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो डॉक्टरों को सर्जरी करते समय बहुत मदद करती है।
इसके अलावा, रोबोटिक सर्जरी से डॉक्टर को बेहतर दृश्यता मिलती है, जिससे जटिल मामलों में भी सटीकता से कार्य किया जा सकता है। इस प्रकार, यह सर्जरी न केवल जोखिम को कम करती है, बल्कि सर्जन के लिए भी बेहतर नियंत्रण प्रदान करती है।
भविष्य में रोबोटिक सर्जरी की भूमिका
बुजुर्गों में सर्जरी की जटिलताओं को देखते हुए, रोबोटिक सर्जरी भविष्य में और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जैसे-जैसे जनसंख्या वृद्ध होती जाएगी, बुजुर्गों के लिए अधिक सर्जरी की आवश्यकता होगी। ऐसे में रोबोटिक सर्जरी की तकनीक इन सर्जरी को सुरक्षित और कम जोखिमपूर्ण बनाने में मदद कर सकती है।
इस मामले में, डॉ. जावेद हुसैन द्वारा की गई सर्जरी ने यह सिद्ध कर दिया है कि रोबोटिक सर्जरी बुजुर्गों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। इस तकनीक का इस्तेमाल कर डॉक्टर अब उच्च जोखिम वाली सर्जरी को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे सकते हैं।
बेंगलुरु में 90 वर्षीय रामारेतिनाम संथानम की गालब्लैडर सर्जरी एक बड़ा चिकित्सा चमत्कार साबित हुई। इस सर्जरी ने यह सिद्ध कर दिया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से बुजुर्गों की सर्जरी को सुरक्षित, सटीक और तेज़ किया जा सकता है। इस तरह के तकनीकी विकास से न केवल बुजुर्गों की जिंदगी बचाई जा सकती है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी बढ़ाई जा सकती है।
यह मामला दिखाता है कि तकनीक और चिकित्सा विशेषज्ञता के सही संयोजन से किसी भी जटिल सर्जरी को सफल बनाया जा सकता है, और यह भविष्य में और अधिक बुजुर्गों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है।
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