मंगलवार, फ़रवरी 17, 2026 1:06 पूर्वाह्न IST
होमNationalChatGPT ग्लोबल आउटेज: 6 अक्टूबर 2025 को दुनिया भर में AI सर्विस...

ChatGPT ग्लोबल आउटेज: 6 अक्टूबर 2025 को दुनिया भर में AI सर्विस ठप

Published on

ओपनएआई के ChatGPT ने सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को एक बड़ा ग्लोबल आउटेज अनुभव किया। इस कारण भारत, अमेरिका और अन्य देशों में हजारों यूज़र्स पॉपुलर AI चैटबॉट तक नहीं पहुँच पाए। यह सर्विस डिसरप्शन भारतीय समय अनुसार लगभग दोपहर 1:04 बजे (IST) शुरू हुआ। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह 12:54 PM IST पर शुरू हुआ था। इस आउटेज ने वेब प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप दोनों को प्रभावित किया।

तकनीकी दिक्कतें और 770 से अधिक रिपोर्ट्स

आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म डाउनडिटेक्टर (Downdetector) के अनुसार, शुरुआती समस्या के एक घंटे के भीतर 770 से अधिक रिपोर्ट्स दर्ज की गईं। इस डिसरप्शन ने दुनिया भर के यूज़र्स को प्रभावित किया। प्लेटफॉर्म पर शिकायतों में अचानक भारी स्पाइक देखने को मिला। इससे पता चला कि तकनीकी दिक्कतें कितनी व्यापक थीं।

भारत में भारी असर: प्रमुख शहरों में रिपोर्ट्स

AI आउटेज का भारत में गंभीर असर पड़ा। यह डिसरप्शन सभी प्रमुख मेट्रोपॉलिटन एरिया में महसूस किया गया।

  • दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ में यूज़र्स को समस्याएँ आईं।
  • मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में भी आउटेज देखा गया।
  • कोलकाता और पूर्वी भारत प्रभावित हुए।
  • चेन्नई और दक्षिणी क्षेत्रों में पहुँच बाधित हुई।
  • बैंगलोर (बेंगलुरु) और हैदराबाद में भी समस्याएँ आईं।
  • गुजरात में अहमदाबाद और सूरत भी प्रभावित रहे।
  • उत्तरी भारत में जयपुर और लखनऊ में भी दिक्कतें आईं।

यूज़र प्रॉब्लम्स का ब्रेकडाउन

डाउनडिटेक्टर के एनालिसिस के अनुसार, भारत में समस्याओं का वितरण इस प्रकार था:

  • 82% यूज़र्स को ChatGPT का उपयोग करने में पूरी तरह असमर्थता हुई।
  • 12% को वेब ब्राउज़र वर्जन में समस्याएँ आईं।
  • 6% को मोबाइल ऐप में दिक्कतें हुईं।

यह डेटा दिखाता है कि अधिकांश भारतीय यूज़र्स सर्विस से पूरी तरह लॉक आउट हो गए थे। उन्हें आंशिक फंक्शनलिटी या धीमी रिस्पांस की समस्या नहीं थी।

वैश्विक प्रभाव: अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय यूज़र्स भी प्रभावित

यह आउटेज केवल भारत तक सीमित नहीं था। यूनाइटेड स्टेट्स में भी महत्वपूर्ण डिसरप्शन दर्ज किए गए।

अमेरिका में समान समस्याएँ

1:10 PM PST तक 150 से अधिक यूज़र-रिपोर्टेड इवेंट्स लॉग किए गए।

  • 81% इश्यू सीधे ChatGPT फंक्शनलिटी से संबंधित थे।
  • 12% ने ऐप-रिलेटेड प्रॉब्लम्स अनुभव कीं।
  • 7% को वेबसाइट एक्सेस इश्यू का सामना करना पड़ा।

लॉस एंजिल्स, शिकागो और अटलांटा जैसे प्रमुख अमेरिकी शहर प्रभावित हुए।

अंतर्राष्ट्रीय दायरा (इंटरनेशनल स्कोप)

कई देशों के यूज़र्स ने भी इसी तरह की समस्याएँ बताईं:

  • यूनाइटेड किंगडम
  • ऑस्ट्रेलिया
  • यूरोपीय संघ के क्षेत्र
  • अन्य वैश्विक बाजार

इस इंटरनेशनल स्कोप ने पुष्टि की कि यह एक सर्वर-साइड इश्यू था। यह ओपनएआई के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित कर रहा था। यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रॉब्लम्स नहीं थी।

यूज़र रिएक्शन और एरर मैसेज

प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स को विभिन्न एरर मैसेज दिखाई दिए।

  • “Error in message stream”
  • “Something went wrong while generating the response”
  • “यदि समस्या बनी रहे तो कृपया सहायता के लिए संपर्क करें”
  • “Too many concurrent requests”
  • कनेक्शन टाइमआउट और असफल रिस्पांस

सोशल मीडिया पर हलचल

यह आउटेज तुरंत X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंडिंग टॉपिक बन गया। यूज़र्स ने AI टूल पर अपनी निर्भरता के बारे में निराशा और हास्य दोनों व्यक्त किए।

हास्यपूर्ण रिएक्शन (ह्यूमरस रिएक्शंस):

  • “ChatGPT डाउन है और मुझे अपना दिमाग इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।”
  • “जब #ChatGPT डाउन हो जाए और मुझे अपना खुद का दिमाग इस्तेमाल करना पड़े।”
  • “जब ChatGPT डाउन होता है तो दुनिया थम सी जाती है।”

परेशान प्रोफेशनल यूज़र्स:

  • “प्रोजेक्ट सबमिट करना है और ये ChatGPT डाउन हो गया।”
  • “आधी रात तक 200 वर्ड एस्से देना है और ChatGPT डाउन।”
  • “ChatGPT के डाउन होने का यह सबसे खराब समय है।”

ओपनएआई की प्रतिक्रिया और स्टेटस अपडेट्स

आउटेज के दौरान ओपनएआई ने कोई आधिकारिक एक्नॉलेजमेंट नहीं दिया। यह ध्यान देने योग्य था। कंपनी का स्टेटस पेज लगातार गलत जानकारी दिखाता रहा।

  • “हम अपने सिस्टम को प्रभावित करने वाले किसी भी इश्यू से अवगत नहीं हैं।”
  • “हम पूरी तरह से ऑपरेशनल हैं।”

यूज़र रिपोर्ट्स और आधिकारिक स्टेटस अपडेट्स में यह अंतर था। इसने यूज़र फ्रस्ट्रेशन और भ्रम को और बढ़ाया।

कोई आधिकारिक एक्सप्लेनेशन नहीं

रिपोर्टिंग टाइम तक ओपनएआई ने कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया था।

  • आउटेज के मूल कारण (रूट कॉज) के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
  • एक्सपेक्टेड रेजोल्यूशन टाइमलाइन भी नहीं बताई गई।
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।

व्यावसायिक और शैक्षिक बाधा

  • छात्र और शिक्षाविद: असाइनमेंट पूरा करने में देरी हुई। रिसर्च में रुकावटें आईं। प्रोजेक्ट सबमिशन की चिंता बढ़ी।
  • प्रोफेशनल यूज़र्स: कंटेंट क्रिएशन वर्कफ्लो बाधित हुआ। बिजनेस कम्युनिकेशन में देरी हुई। प्रोडक्टिविटी टूल पर निर्भरता सामने आई।

निर्भरता का खुलासा

यूज़र रिएक्शन ने महत्वपूर्ण निर्भरता का खुलासा किया। व्यक्ति और संगठन AI-पावर्ड टूल्स पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

  • राइटिंग असिस्टेंस
  • रिसर्च और इनफॉर्मेशन गैदरिंग
  • प्रॉब्लम-सॉल्विंग सपोर्ट
  • क्रिएटिव कंटेंट जनरेशन

तकनीकी संदर्भ और पिछली घटनाएँ

यह आउटेज कोई अकेली घटना नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर 2025 की शुरुआत में भी ChatGPT में इसी तरह की समस्या आई थी। इसने भारत, अमेरिका, यूके और ईयू देशों को प्रभावित किया था। यह पैटर्न इंफ्रास्ट्रक्चर स्केलिंग चैलेंज का संकेत देता है। ChatGPT का यूज़र बेस विश्व स्तर पर लगातार बढ़ रहा है।

सर्विस रिकवरी

आउटेज की सटीक अवधि अलग-अलग है। हालांकि, अधिकांश रिपोर्ट्स में बताया गया कि सर्विस 1-2 घंटे के भीतर रिकवर होना शुरू हो गई थी। प्राथमिक सर्विस रेस्टोरेशन के बाद भी कुछ यूज़र्स को रुक-रुक कर दिक्कतें आती रहीं।

व्यापक प्रभाव (ब्रॉडर इम्प्लिकेशन्स)

इस ग्लोबल रिएक्शन ने कई महत्वपूर्ण ट्रेंड्स को रेखांकित किया। AI टूल्स का इंटीग्रेशन तेज़ी से हो रहा है। क्लाउड-बेस्ड AI सर्विस पर क्रिटिकल निर्भरता बनी हुई है। प्राथमिक AI टूल्स के अनुपलब्ध होने पर बैकअप स्ट्रैटेजी की कमी उजागर हुई।

इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वसनीयता पर चिंता

आउटेज ने AI सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर की स्केलेबिलिटी पर सवाल उठाए। ग्लोबल रिडंडेंसी और फेलओवर सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सर्विस डिसरप्शन के दौरान कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल में सुधार की मांग है।

6 अक्टूबर 2025 का ChatGPT आउटेज एक स्पष्ट याद दिलाता है। यह बताता है कि AI टूल्स दैनिक वर्कफ्लो में कितने गहरे समा चुके हैं। 770 से अधिक रिपोर्टेड घटनाओं ने इसकी उपयोगिता और भेद्यता दोनों को उजागर किया। ओपनएआई की चुप्पी ने यूज़र्स को निराश किया। लेकिन इस घटना ने ChatGPT की महत्वपूर्ण भूमिका को साबित किया। जैसे-जैसे AI टूल्स विकसित होंगे, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता साफ़ है। आकस्मिक योजना (कंटिंजेंसी प्लानिंग) और स्पष्ट कम्युनिकेशन की जरूरत बढ़ जाती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...