KKN गुरुग्राम डेस्क | 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हुए एक भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। इस हमले को पांच हथियारबंद आतंकियों ने अंजाम दिया, जिन्होंने विशेष रूप से धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया। हमले में मारे गए लोगों में एक मुस्लिम टट्टू वाला भी शामिल था, जिसने लोगों को बचाने की कोशिश की थी।
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इस हमले की जिम्मेदारी पहले “द रेजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माने जाने वाला संगठन है। हालांकि बाद में TRF ने अपना दावा वापस ले लिया।
जेडी वेंस का बयान: अमेरिका की चिंताएं
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि भारत इस आतंकी हमले का जवाब सोच-समझकर देगा, ताकि क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति उत्पन्न न हो।
“हम चाहते हैं कि भारत इस हमले का जवाब मजबूती से दे, लेकिन ऐसा न हो कि दक्षिण एशिया में बड़ा सैन्य टकराव हो जाए। अगर पाकिस्तान इसमें किसी रूप में शामिल है, तो उसे भारत के साथ मिलकर आतंकियों को पकड़ने और सज़ा देने में सहयोग करना चाहिए।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य हलचल तेज हो गई है।
भारत का जवाब: सख्त कदम और सैन्य तैयारी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं:
1. कूटनीतिक कार्रवाई:
भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संपर्कों को सीमित करते हुए, कुछ समझौतों को भी निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
2. प्रधानमंत्री की बैठक:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सेना को आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की पूरी छूट दे दी है।
3. गृहमंत्री का बयान:
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “यह नरेंद्र मोदी का भारत है। आतंकवादियों को एक-एक करके जवाब दिया जाएगा। हमारी लड़ाई आतंक के खिलाफ अंतिम सांस तक चलेगी।”
पाकिस्तान की भूमिका और प्रतिक्रिया
हालांकि पाकिस्तान ने हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन भारत के अनुसार, हमले के पीछे पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी संगठनों का हाथ है।
पाकिस्तान की तैयारी:
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पर्यटकों को सीमावर्ती क्षेत्रों से हटाया गया है।
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10 दिनों के लिए सभी मदरसों को बंद कर दिया गया है।
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पाकिस्तान ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अमेरिका की कूटनीतिक सक्रियता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत की। उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने और आपसी सहयोग से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
संयुक्त राष्ट्र की अपील:
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई और दोनों देशों से तनाव न बढ़ाने की अपील की।
भारत की वैश्विक छवि और सुरक्षा नीति
भारत अब वैश्विक मंच पर यह स्पष्ट कर रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाएगा। भारत की इस नीति को अमेरिका, फ्रांस, रूस और कई अन्य देशों का समर्थन मिल रहा है।
सेना की तैनाती और एलओसी पर हलचल:
सेना को एलओसी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उच्च स्तरीय खुफिया निगरानी जारी है और देश भर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।
जेडी वेंस का बयान भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। अमेरिका चाहता है कि भारत मजबूत लेकिन रणनीतिक रूप से सोच-समझकर कदम उठाए, ताकि आतंकियों को सबक सिखाया जा सके लेकिन पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति न बने।
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इसके खिलाफ लड़ाई में उसे वैश्विक समर्थन मिल रहा है।



