होमPoliticsदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त, AAP की...

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त, AAP की सत्ता पर खतरा

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क |  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को स्पष्ट बढ़त मिलने की संभावना जताई गई है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) का 10 साल का शासन खत्म हो सकता है।

Article Contents

दिल्ली एग्जिट पोल 2025 के मुख्य बिंदु:

✔ बीजेपी को 39-60 सीटों के बीच जीतने का अनुमान।
✔ AAP को 10-37 सीटों तक सिमटने की आशंका।
✔ कांग्रेस के लिए फिर निराशाजनक प्रदर्शन, 0-3 सीटों की संभावना।

अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो 27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बन सकती है।

एग्जिट पोल्स में क्या कहा गया?

चाणक्य स्ट्रैटेजीज एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 39-44 सीटें
  • AAP: 25-28 सीटें
  • कांग्रेस: 3 सीटें (सभी एग्जिट पोल में सबसे अधिक अनुमान)

पीपल्स पल्स एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 51-60 सीटें
  • AAP: 10-19 सीटें
  • कांग्रेस: 0 सीट

यह अनुमान बीजेपी को भारी बहुमत मिलने की संभावना जताता है, जिसमें AAP को दो अंकों में समेटने का दावा किया गया है।

मैट्रिज एग्जिट पोल (इकलौता करीबी मुकाबले का अनुमान)

  • बीजेपी: 35-40 सीटें
  • AAP: 32-37 सीटें
  • कांग्रेस: 0-1 सीट

यह एकमात्र एग्जिट पोल है जिसने करीबी मुकाबले की भविष्यवाणी की है, जिससे संभावना बन सकती है कि कोई भी दल स्पष्ट बहुमत न पाए।

JVC एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 39-45 सीटें
  • AAP: 22-31 सीटें
  • कांग्रेस: 0-2 सीटें

P-Marq एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 39-49 सीटें
  • AAP: 21-31 सीटें
  • कांग्रेस: 0-1 सीट

पीपल्स इनसाइट एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 40-44 सीटें
  • AAP: 25-29 सीटें
  • कांग्रेस: 0-1 सीट

पोल डायरी एग्जिट पोल

  • बीजेपी: 42-50 सीटें
  • AAP: 18-25 सीटें
  • कांग्रेस: 0-2 सीटें

AAP की सीटों में गिरावट क्यों आई?

1. सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) और प्रशासनिक चुनौतियाँ

  • AAP का 10 साल का शासन, लेकिन कई मुद्दों पर नाराजगी बढ़ी।
  • भ्रष्टाचार के आरोप, जल संकट, और खराब बुनियादी ढांचे को लेकर मतदाताओं की नाराजगी।

2. बीजेपी का मजबूत चुनाव प्रचार

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दिल्ली में बनी हुई है।
  • बीजेपी ने प्रदूषण नियंत्रण, अव्यवस्था, और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर प्रचार किया।

3. कांग्रेस की दिल्ली में अप्रासंगिकता

  • 1998-2013 तक दिल्ली पर राज करने वाली कांग्रेस अब लगातार तीसरी बार बुरी तरह पिछड़ती नजर आ रही है।
  • 2015 और 2020 दोनों चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला, और 2025 के एग्जिट पोल भी यही संकेत दे रहे हैं।

2015 और 2020 के दिल्ली चुनावों का क्या हुआ था?

2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव

  • AAP की ऐतिहासिक जीत: 70 में से 67 सीटें।
  • बीजेपी: 3 सीटें।
  • कांग्रेस: 0 सीट।

यह AAP की अब तक की सबसे बड़ी जीत थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे।

2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव

  • AAP: 62 सीटें।
  • बीजेपी: 8 सीटें।
  • कांग्रेस: 0 सीट।

इस चुनाव में AAP ने अपनी सत्ता बरकरार रखी, जबकि बीजेपी ने अपने आंकड़े 3 से 8 सीटों तक बढ़ाए।

लेकिन 2025 के एग्जिट पोल्स में बड़ा उलटफेर दिख रहा है, जिसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है।

क्या बीजेपी फिर से दिल्ली की सत्ता में आएगी?

अगर एग्जिट पोल्स सही साबित होते हैं, तो बीजेपी 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी कर सकती है। हालांकि, 8 फरवरी 2025 को जब आधिकारिक नतीजे आएंगे, तब तस्वीर साफ होगी।

संभावित परिदृश्य:

  1. बीजेपी को पूर्ण बहुमत (51+ सीटें) – दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी।
  2. हंग असेंबली (बीजेपी 35-40, AAP 32-37 सीटें) – कोई भी दल स्पष्ट बहुमत नहीं पाएगा, और गठबंधन सरकार बन सकती है।
  3. AAP का अप्रत्याशित कमबैक (कम संभावना) – अगर नतीजे एग्जिट पोल्स से अलग होते हैं, तो केजरीवाल फिर से सत्ता में आ सकते हैं।

बीजेपी को मिले भारी अनुमान के बीच, सबकी नजरें 8 फरवरी 2025 को आने वाले आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं।

2025 के एग्जिट पोल्स दिल्ली की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।

  • बीजेपी की संभावित जीत (39-60 सीटें) AAP के 10 साल के शासन को खत्म कर सकती है।
  • AAP को बड़ा नुकसान हो सकता है, पार्टी 10-37 सीटों तक सीमित रह सकती है।
  • कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार तीसरी बार खराब होने की संभावना, 0-3 सीटों के बीच सिमट सकती है।

अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की सरकार बन सकती है।

8 फरवरी 2025 को चुनावी नतीजों के लिए बने रहें! ????

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन विस्फोट: 1 की मौत, 6 घायल; 4 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त

जांच के घेरे में निर्माण कार्य और आपात प्रतिक्रिया बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार, 2...

क्या सच में जाएगी एमएलसी की कुर्सी, संविधान में क्या है प्रावधान

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर अटकलबाजी आरंभ बिहार की राजनीति में...

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब भाजपा के साथ

सम्राट सरकार को समर्थन से बिहार में बदलेगा सियासी समीकरण? बिहार विधान परिषद के चुनाव...

दूसरों को जलाने की आग आखिरकार अपने ही घर को राख क्यों कर देती है?

घृणा का जहर कितना खतरनाक किसी के प्रति घृणा, द्वेष, जलन और नफरत पालना पहली...

More like this

क्या सच में जाएगी एमएलसी की कुर्सी, संविधान में क्या है प्रावधान

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर अटकलबाजी आरंभ बिहार की राजनीति में...

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब भाजपा के साथ

सम्राट सरकार को समर्थन से बिहार में बदलेगा सियासी समीकरण? बिहार विधान परिषद के चुनाव...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...