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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: AAP, BJP और कांग्रेस के बीच संघर्ष

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KKN गुरुग्राम डेस्क |  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले सबसे महत्वपूर्ण और कड़े चुनावों में से एक होने जा रहे हैं। इस बार 70 विधानसभा सीटों के लिए 699 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यह चुनाव आम आदमी पार्टी (AAP)भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच एक कड़ा मुकाबला होगा। दिल्ली के मतदाता 4 फरवरी 2025 को मतदान करेंगे, और इस चुनाव का परिणाम राष्ट्रीय राजधानी की राजनीतिक दिशा को तय करेगा।

यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि यह अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहला चुनाव है। केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, और अब AAP अपनी तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, BJP दिल्ली में 26 सालों बाद चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, और कांग्रेस भी अपनी खोई हुई ताकत को वापस पाने की उम्मीद में है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रमुख मुकाबले

1. नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल vs परवेश वर्मा vs संदीप दीक्षित

नई दिल्ली सीट पर यह मुकाबला प्रतिष्ठा का होगा, जहां अरविंद केजरीवाल अपनी सीट बनाए रखने के लिए चुनावी मैदान में हैं। केजरीवाल ने 2013 से इस सीट पर जीत हासिल की है, और उन्होंने 2020 में 21,687 वोटों से जीत दर्ज की थी। इस बार उनका मुकाबला BJP के परवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से होगा, जो दोनों पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। यह चुनाव दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

2. कलकाजी: आतिशी vs अलका लाम्बा vs रमेश बिधुरी

दिल्ली की कलकाजी सीट पर AAP की उम्मीदवार आतिशी का मुकाबला कांग्रेस की अलका लाम्बा और BJP के रमेश बिधुरी से होगा। 2020 में आतिशी ने इस सीट को 11,393 वोटों से जीता था। यह सीट इस बार भी कड़ी टक्कर का सामना करेगी, और तीनों पार्टियों के नेताओं का यह मुकाबला दिलचस्प रहेगा।

3. जंगपुरा: मनीष सिसोदिया vs सरदार तरविंदर सिंह मारवाह vs फरहाद सूरी

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जंगपुरा सीट से चुनावी मैदान में हैं, जहां यह सीट AAP के पास 2015 से है। सिसोदिया का मुकाबला BJP के सरदार तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस के फरहाद सूरी से होगा। यह मुकाबला दिल्ली की शिक्षा नीति और अन्य नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

4. मलवीय नगर: सोमनाथ भारती vs सतीश उपाध्याय vs जितेंद्र कुमार कोचर

मलवीय नगर में AAP के सोमनाथ भारती, जो तीन बार इस सीट से जीत चुके हैं, का मुकाबला BJP के सतीश उपाध्याय और कांग्रेस के जितेंद्र कुमार कोचर से है। यह सीट AAP के लिए एक मजबूत गढ़ मानी जाती है, और भारती फिर से जीत की कोशिश करेंगे।

5. छतरपुर: ब्रह्म सिंह तनवार vs करतार सिंह तनवार vs राजेंद्र सिंह तनवार

छतरपुर में AAP के ब्रह्म सिंह तनवार, BJP के करतार सिंह तनवार और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह तनवार के बीच मुकाबला होगा। यह सीट दिलचस्प है क्योंकि राजेंद्र सिंह तनवार 2020 में AAP के टिकट पर जीते थे, लेकिन बाद में उन्होंने BJP जॉइन की। इस बार वे अपनी सीट को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।

6. पतपर्गंज: अवध ओझा vs रविंदर सिंह नेगी vs अनिल चौधरी

पतपर्गंज सीट पर AAP के अवध ओझा, जो एक प्रसिद्ध UPSC शिक्षक हैं, BJP के रविंदर सिंह नेगी और कांग्रेस के अनिल चौधरी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट भी AAP के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले इसे मनीष सिसोदिया ने जीता था, और अब AAP इस सीट को बरकरार रखना चाहती है।

7. बल्लीमरण: इमरान हुसैन vs हारून यूसुफ vs कमल बागरी

दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र में बल्लीमरण सीट महत्वपूर्ण है, जहां मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। AAP के इमरान हुसैन का मुकाबला कांग्रेस के हारून यूसुफ और BJP के कमल बागरी से है। यह सीट मुस्लिम समुदाय के लिए खास महत्व रखती है और इस चुनाव में यह सीट कड़ी टक्कर की उम्मीद कर रही है।

8. ओखला: अमानतुल्लाह खान vs ब्रह्म सिंह vs अरिबा खान

ओखला सीट पर AAP के अमानतुल्लाह खान अपनी सीट बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले दो चुनावों में लगातार जीत दर्ज की। उनका मुकाबला BJP के ब्रह्म सिंह और कांग्रेस की अरिबा खान से होगा। यह सीट मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय है और पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है।

9. शाकुरबस्ती: सत्येन्द्र जैन vs कर्णैल सिंह vs सतिश लुथरा

AAP के सत्येन्द्र जैन शाकुरबस्ती से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला BJP के कर्णैल सिंह और कांग्रेस के सतिश लुथरा से होगा। यह क्षेत्र AAP का मजबूत गढ़ रहा है, और सत्येन्द्र जैन की वापसी की कोशिश रहेगी।

10. रोहिणी: विजेंद्र गुप्ता vs प्रदीप मित्तल vs सुमेश गुप्ता

रोहिणी सीट पर BJP के विजेंद्र गुप्ता AAP के प्रदीप मित्तल और कांग्रेस के सुमेश गुप्ता से मुकाबला करेंगे। विजेंद्र गुप्ता ने पहले इस सीट पर दो बार जीत हासिल की थी और अब एक और जीत की उम्मीद कर रहे हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: क्या है दांव पर?

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण हैं:

  • AAP तीसरी बार दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, हालांकि केजरीवाल के इस्तीफे के कारण पार्टी को एक नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
  • BJP 26 सालों बाद दिल्ली में सत्ता पर कब्जा करने का सपना देख रही है।
  • कांग्रेस अपनी खोई हुई ताकत वापस पाने और दिल्ली में वापसी करने की कोशिश कर रही है, जैसे कि वह शिला दीक्षित के समय करती थी।

इस चुनाव में परिणामों का बड़ा असर दिल्ली की राजनीति पर पड़ेगा। 8 फरवरी 2025 को होने वाली वोटों की गिनती के

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