शुक्रवार, फ़रवरी 27, 2026 1:59 पूर्वाह्न IST
होमAccidentकुंभ मेला 2025 में मची भगदड़, 30 श्रद्धालुओं की मौत, प्रशासन पर...

कुंभ मेला 2025 में मची भगदड़, 30 श्रद्धालुओं की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क |  प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला 2025 में बुधवार को हुए भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा संगम तट के पास हुआ, जहां लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए इकट्ठा हुए थे।

कुंभ मेला, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कहा जाता है, इस साल भी करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ कुंभ मेला 2025 में हादसा?

कुंभ मेले के दौरान संगम पर विशेष स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ अचानक बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई।

भगदड़ के कारण:

???? भीड़ पर नियंत्रण नहीं: प्रशासन को उम्मीद थी कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी, लेकिन पर्याप्त प्रबंधन नहीं किया गया।
???? संकरी गलियां और प्रवेश द्वार: कई स्थानों पर रास्ते संकरे थे, जिससे धक्का-मुक्की बढ़ गई।
???? अचानक घबराहट और धक्का-मुक्की: भीड़ के अंदर किसी को धक्का लगने से लोग गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।
???? प्रशासन की लापरवाही: स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस बल और अन्य सुरक्षा कर्मी भीड़ को संभालने में असमर्थ रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान: अपनों को खोने का दर्द

इस भयावह हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

???? कैकेयी देवी, जिनके पति इस हादसे का शिकार हुए, ने बताया:
“मैंने अपने पति को भीड़ में गिरते देखा। वे कुचल दिए गए और कोई उन्हें बचा नहीं सका। मैं मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन सब बेकार था।”

अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही भगदड़ मची, लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और कुछ जमीन पर गिरकर भीड़ में दब गए

कुंभ मेला: विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन

कुंभ मेला हिंदू धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ उत्सव है, जो हर 12 साल में एक बार चार स्थानों – प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है। इस मेले का प्रमुख उद्देश्य पवित्र नदियों में स्नान करके मोक्ष की प्राप्ति करना है।

???? कुंभ मेले के प्रमुख तथ्य:
✔️ 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु इस महाकुंभ में हिस्सा लेते हैं।
✔️ संगम तट पर स्नान को सबसे अधिक शुभ माना जाता है।
✔️ कुंभ मेला UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल है।
✔️ इस आयोजन में देश-विदेश के संत, नागा साधु और श्रद्धालु भाग लेते हैं।

इस साल शाही स्नान के दौरान अनुमान से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण भगदड़ की स्थिति बनी।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

हादसे के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम:

???? घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता – कई लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
???? परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया ताकि वे अपने प्रियजनों की जानकारी ले सकें।
???? सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई ताकि आगे किसी दुर्घटना को रोका जा सके।
???? मेले के प्रवेश और निकास बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और भीड़ को नियंत्रित रखने की अपील की है।

भारत में धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाएं

भारत में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। अत्यधिक भीड़, अव्यवस्थित प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं

भारत में हुई प्रमुख भगदड़ घटनाएं:

???? 2013 कुंभ मेला, प्रयागराज: रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 36 लोगों की मौत
???? 2011 सबरीमाला मंदिर, केरल: 106 श्रद्धालु भगदड़ में मारे गए।
???? 2008 नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश: 146 लोगों की जान गई।

इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि भीड़ प्रबंधन में सुधार की जरूरत है

धार्मिक आयोजनों में भगदड़ रोकने के उपाय

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सही कदम उठाए जाएं, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के महत्वपूर्ण सुझाव:

✔️ डिजिटल मॉनिटरिंग – भीड़ की निगरानी के लिए AI और CCTV कैमरे लगाए जाएं।
✔️ प्रवेश और निकास का सही प्रबंधन – अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की जाए।
✔️ अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं – प्रशिक्षित पुलिस और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाई जाए।
✔️ श्रद्धालुओं के लिए जागरूकता अभियान – उन्हें भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाए।

सरकार को भीड़ प्रबंधन के आधुनिक उपायों को लागू करने की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए।

कुंभ मेला 2025 की भगदड़ ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। आस्था और विश्वास के इस महायज्ञ में लाखों लोग शामिल होते हैं, लेकिन अगर सुरक्षा इंतजाम मजबूत न हों, तो यह त्रासदी में बदल सकता है।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर योजना, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित सुरक्षाबलों की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि अगले कुंभ मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति अपनाए, ताकि ऐसा हादसा फिर कभी न हो।

???? कुंभ मेला 2025 और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए KKNLive.com से जुड़े रहें! ????

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

चुम्बी वैली: नक्शे की वह कील, जो कर रही है… खतरे की ओर इशारा

भारत-चीन-भूटान सीमा पर स्थित चुम्बी वैली आखिर इतनी संवेदनशील क्यों है? 2017 के डोकलाम...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

जातीय जनगणना: क्या आंकड़ों से बनेगी नीति या फूटेगी राजनीति?

क्या भारत अपनी असली सामाजिक तस्वीर देखने के लिए तैयार है? अगर हर जाति...

Nalanda University: किसने जलाया ज्ञान का सबसे बड़ा खजाना?

जब न इंटरनेट था, न गूगल… तब दुनिया ज्ञान के लिए जाती थी— Nalanda...

More like this

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...