सोमवार, फ़रवरी 23, 2026 2:34 पूर्वाह्न IST
होमKKN Specialहिन्द महासागर में महाशक्तियों का हस्तक्षेप घातक 

हिन्द महासागर में महाशक्तियों का हस्तक्षेप घातक 

Published on

राजकिशोर प्रसाद
द्वितीय विश्व युद्व के पूर्व हिन्द महासागर को ब्रिटेन का झील कहा जाता था।  किन्तु, युद्ध समाप्ति के बाद ब्रिटेन के प्रभुत्व में ह्रास होने लगा। जिससे उसके उपनिवेश एक एक कर स्वत्रंत्र होने लगे। फलस्वरूप यह क्षेत्र महाशक्तियों की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया। यहां अमरेकी साम्राज्यवादी हित बढ़ने लगे। शीत युद्ध का विकास होने लगा। साथ ही महाशक्तियों के नौ सेना का जमावाड़ा शुरू हो गया। वर्तमान में हिन्द महासागर में 181 विदेशी युद्धपोत तैनात है। इसमें रूस के 40, बतरिटें के 18 और फ़्रांस के 23 युद्धपोत शामिल है।
सामरिक दृष्टि से हिंद महासागर एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ से दक्षिणी गोलार्द्ध के सभी देशो पर दृष्टि रखी जा सकती है। लाल सागर, अरब सागर, फारस की खाड़ी, बंगाल खाड़ी, मलक्का जलडमरू मध्य, होर्मुज जलडमरू मध्य आदि ऐसे क्षेत्र है जहाँ पर किसी भी शक्ति का अधिकार सम्पूर्ण तटीय क्षेत्रो को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका के हिन्द महासागर अड्डो में, डियागोगार्शिय सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
आर्थिक दृष्टि से हिन्द महासागर अनेक खनिजो का अपार भण्डार, अपने गर्भ में समेटे बैठा है। विश्व जहाजरानी व्यापार का एक चौथाई  हिद महासागर से गुजरता है। औसतन 60 हजार जहाज़ प्रति वर्ष  इस  क्षेत्र से गुजरता है। भारत दक्षिणी एशिया का प्रमुख देश होने के आलावा गुटनिरपेक्ष आंदोलन का मुखिया रहा है। हिंद महासागर में लगातार महाशक्तियों के बढ़ रहे सैन्यीकरण पर भारत में चिंता व्याप्त हो गया है। क्योंकि भारत के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षात्मक और आर्थिक हित हिन्द महासागर में शांति के स्थायित्व पर टिका हुआ है।
सीमा प्रहरी, भारतीय द्वीपो की सुरक्षा, समुद्री व वायु मार्ग, समुद्री सीमा, औधोगिक व सांस्कृतिक केन्द्रो की रक्षा, भारतीय प्रतिरक्षा, खनिज पदार्थ और मत्स्य पालन व सैन्यकरण से खतरा के लिये हिंद महासागर में शांति भारत के लिये जरूरी है। शांति के लिये भारत ने सर्वप्रथम 1964 में गुटनिरपेक्ष देशो के द्वितीय सम्मेलन के दौरान श्रीलंका में अपना प्रस्ताव रखा था। फिर 1970 में लुसाका में हुये गुटनिरपेक्ष के तृतीय शिखर सम्मेलन में प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद 1971 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिन्द महासागर को शांति क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इसमें भारत सहित 13 देशो ने अपनी सहमति दिखाई। वर्ष 2002 में और 2005 में भी इसके लिये गुटनिरपेक्ष देशो ने पहल की। किन्तु विश्व के महाशक्तिशाली देशो ने अपनी वर्चस्व और अपनी हित के खातिर इस पर पूर्ण  रूपेण अमल से अभी तक परहेज कर रहे है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

Nalanda University: किसने जलाया ज्ञान का सबसे बड़ा खजाना?

जब न इंटरनेट था, न गूगल… तब दुनिया ज्ञान के लिए जाती थी— Nalanda...

47 साल बाद साथ आए रजनीकांत और कमल हासन, नए फिल्म प्रोमो ने बढ़ाई उत्सुकता

भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज—राजनीकांत और कमल हासन एक बार फिर साथ नज़र आने...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

Siliguri Corridor क्या कर रहा है चीन-बांग्लादेश साजिश का कैसे हुआ खुलाशा

क्या आप जानते हैं कि भारत का एक 20 किलोमीटर चौड़ा इलाका देश के...

More like this

00:07:40

क्या है ग्वादर का सच: अरब सागर के किनारे कैसे भूख और प्यास के बीच चीन का हो गया कब्ज़ा

ग्वादर, जिसे पाकिस्तान का भविष्य कहा गया, आज सवालों के घेरे में है। CPEC,...

जब जगमगा उठा जर्मनी का आसमान

19 जनवरी 2026 — एक रात जो खगोल विज्ञान और सोशल मीडिया दोनों पर...

77वें गणतंत्र दिवस पर देश में उत्साह और गर्व का माहौल

भारत सोमवार, 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह दिन...

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

मोतिहारी में बनेगा इतिहास, विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को होगी दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना

बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को...
00:13:59

क्या है ट्रंप की तानाशाही का खौफनाक सच

कहतें हैं… रात के सन्नाटे में समंदर हमेशा बेचैन नहीं होता। लेकिन उस रात…...

AyulSAT Mission : अंतरिक्ष में सैटेलाइट को ईंधन भरने की दिशा में भारत एक कदम और आगे

भारत अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के करीब पहुंच गया है।...

World Hindi Diwas 2026 : वैश्विक मंच पर हिंदी की ताकत और पहचान

आज 10 जनवरी को भारत सहित पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जा...

फिल्म हिना की एक्ट्रेस जेबा बख्तियार : शोहरत के साथ निजी जिंदगी की अनसुनी कहानी

साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म हिना दर्शकों के बीच जबरदस्त हिट साबित हुई...

चावल उत्पादन में भारत ने चीन को छोड़ा पीछे, दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बना देश

भारत ने कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय कृषि मंत्री...

गोपालगंज पहुंचा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग, आस्था का ऐतिहासिक दृश्य

Gopalganj से इस समय आस्था और सनातन संस्कृति से जुड़ी एक ऐतिहासिक खबर सामने...

पटना जलाशय में विदेशी पक्षियों का बसेरा, सर्दियों में बढ़ी प्राकृतिक सुंदरता

सर्दियों के मौसम में पटना का प्राकृतिक नजारा और भी जीवंत हो गया है।...

थावे दुर्गा मंदिर चोरी मामले में दीपक राय का थाईलैंड से कनेक्शन

बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी मामले में...

बिहार के मौसम वैज्ञानिक आरती गुप्ता बनीं पहली महिला, जो पहुंचीं अंटार्कटिका

 आरती गुप्ता, बिहार के नालंदा जिले की एक मौसम वैज्ञानिक, ने इतिहास रचते हुए...

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या : परिवार के लिए वैश्विक समर्थन

बांग्लादेश के मयमनसिंह में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे गए हिंदू युवक दीपू चंद्र दास...