होमWorldछोड़ेंगे न हम तेरा साथ ओ साथी मरते दम तक.....

छोड़ेंगे न हम तेरा साथ ओ साथी मरते दम तक…..

​फौजी के गर्लफ्रेंड ने ऐसा दिया साथ की सभी करेंगे सलाम

लैंडमाइंस से कट गये दोनो हाथ पैर, गर्लफ्रेंड ने महसूस नही होने दी तकलीफ

संतोष कुमार गुप्ता

आपने सुना होगा की जब समय कमजोर होता है तो अर्धागिंनी भी छोड़ कर भाग जाती है। किंतु हम यहां ऐसा प्रेम कहानी बताने जा रहे है,जिसको पढकर आप सलाम करेंगे।विपत्ति परिस्थिति आने पर भी प्रेमिका ने वह किया जो एक मिसाल है। अमेरिका की नेवी में रहे टेलर मॉरिस वहां के लोगों के लिए नायक  हैं। 23 साल की उम्र में लैंडमाइंस की चपेट में आकर उनके दोनों पैर और दोनों हाथ कट गए थे। टेलर ने न सिर्फ मौत को मात दी, बल्कि अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। लेकिन टेलर की कहानी में एक और हीरो है और वह है उनकी गर्लफ्रेंड डैनिएल। इस दौरान डैनिएल उनके पीछे चट्टान की तरह डटी रहीं। साहस, लगन और संघर्ष की कहानी में सबसे जोरदार है प्रेम का एंगल। जानिए, यह खूबसूरत लव  स्टोरी…

अपने प्यार को कंधे पर उठाकर घुमाया

लोवा, अमेरिका के टेलर मॉरिस वहां की नेवी की ईओडी टीम में थे। यह टीम सैनिकों के दस्ते में सबसे आगे चलते है और भूमिगत बारूदी सुरंग (लैंडमाइंस) को खोजकर हटाने का काम करती है। टेलर 2012 से अफगानिस्तान में मोर्चे पर तैनात थे। 3 मई 2012 को लैंडमाइंस साफ करते वक्त वे एक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए। इस धमाके में उनके दोनों पैर और दोनों हाथ उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे के बावजूद टेलर होश में थे।  उन्हें पहले अफगानिस्तान से जर्मनी ले जाया गया और फिर 6 मई को वॉशिंगटन स्थित मेडिकल एकेडमी में एडमिट किया गया। यहां उनकी लंबी रिहैबिलिटेशन प्रॉसेस की शुरुआत हुई। डॉक्टर हैरान थे कि इतना अधिक घायल होने के बावजूद टेलर बच गए और बहुत तेजी से ठीक होने लगे थे। वहां टेलर की फिजीकल थैरेपी होती, उनके जख्मों की केयर की जाती और उन्हें प्रोस्थेटिक लैब भी जाना होता था। वहां उनके लिए नकली अंग बनाने की तैयारी थी।मेडिकल एकेडमी में टेलर की गर्लफ्रेंड डैनिएल साए की तरह हर वक्त उनके साथ रहतीं। टेलर और डैनिएल की डेटिंग हाईस्कूल से शुरू हुई थी।मेडिकल एकेडमी में डैनिएल, टेलर की सिर्फ मदद ही नहीं करती थीं, बल्कि वे उनके साथ मजाक करतीं और उन्हें छोटे-मोटे चैलेंज भी देती थीं। डैनिएल चाहती थीं कि टेलर का कॉन्फिडेंस वापस आए और वे अात्मनिर्भर भी बनें। मेडिकल एकेडमी से छुट्टी मिलने के बाद टेलर का संघर्ष और बढ़ गया, क्योंकि उन्हें नॉर्मल लाइफ में लौटना था। इस दौरान डैनिएल हमेशा उनके साथ रहीं। यहां तक कि टेलर को अपने कंधे पर उठाकर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने और गाड़ी में बिठाने से भी नहीं हिचकीं। टेलर को दो नकली पैर और एक हाथ लगाया गया है। अब टेलर की लाइफ काफी हद तक नॉर्मल हो चुकी है। इसके पीछे टेलर की जिजीविषा तो है ही, डैनिएल के प्यार और सपोर्ट को भी उतना ही श्रेय है। यह लव स्टोरी उनके फ्रैंड टिम डॉड ने दुनिया को दिखाई है। वे शुरुआत से दोनों की तस्वीरें क्लिक कर रहे हैं।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

More like this

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

क्या पेट्रोलियम संकट की तरफ बढ़ रहा है भारत?

मिडिल ईस्ट की आग, अमेरिका की शांति वार्ता और भारत पर मंडराता खतरा KKN ब्यूरो।...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...