ढाका के Milestone School and College में सुबह की शुरुआत रोज़ की तरह सामान्य थी। शिक्षक अपने विद्यार्थियों से मिल रहे थे, बच्चे गलियारों में हँसते हुए दौड़ रहे थे, और कक्षाएं बातचीत व चॉक की धूल से भरने लगी थीं। आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे, लेकिन कुछ भी असामान्य नहीं लग रहा था।
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सुबह 9:02 बजे एक दूर से आती तेज़ आवाज़ ने सबका ध्यान खींचा। पहले तो लोगों को लगा कि कोई गाड़ी तेज़ गुज़री है। लेकिन कुछ ही सेकंड में एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए और पूरी स्कूल इमारत में अफरा-तफरी मच गई। एक Bangladesh Air Force का Fighter Jet स्कूल की तीन मंज़िला इमारत से टकरा गया।
शिक्षिका ने बयान की घटना की भयावहता
स्कूल की वरिष्ठ भाषा शिक्षिका पूर्णिमा दास उस समय कक्षा सात की क्लास खत्म कर स्टाफ रूम में उपस्थिति दर्ज कर रही थीं। तभी एक भयंकर धमाका सुनाई दिया। उन्होंने दौड़कर बाहर झांका तो देखा कि छत की बीम तक आग की लपटें पहुंच चुकी थीं और चारों ओर धुआं भर गया था।
एक अन्य शिक्षक आग की चपेट में आकर मदद के लिए चिल्लाते हुए उनकी ओर भागे, लेकिन कुछ ही पलों में वह गिर पड़े। पूर्णिमा वहीं स्तब्ध खड़ी रह गईं। जिन बच्चों को कुछ देर पहले पढ़ा रही थीं, वे आग से झुलसी हुई यूनिफॉर्म पहने बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कई रास्ते अब मौजूद ही नहीं थे।
मौत का आंकड़ा बढ़ता गया, कई गंभीर घायल
शुरुआती रिपोर्ट में 19 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जिनमें 16 बच्चे शामिल थे। लेकिन शाम तक यह आंकड़ा 27 तक पहुंच गया। 100 से अधिक लोग झुलस गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। डॉक्टरों ने पूरी रात सांस की नली जली हुई हालत में मरीजों को स्थिर करने की कोशिश की। सर्जनों ने आपातकालीन स्किन ग्राफ्ट सर्जरी की। Blood Banks ने O-negative Donors के लिए तुरंत अपील जारी की।
आग बुझने के बाद भी राहत कर्मियों को जल चुके शव बरामद होते रहे। पहचान के लिए Dental Records और Personal Items का सहारा लिया गया। सैकड़ों अभिभावक गेट के बाहर तस्वीरें पकड़े हुए अपने बच्चों की खबर का इंतजार कर रहे थे। कई को सबसे बुरी खबर मिली।
कैसे हुआ हादसा, क्या कहती है जांच रिपोर्ट
Bangladesh Air Force के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान F-7BGI था, जो चीन में विकसित J-7 Interceptor का संस्करण है। यह Jet सुबह 8:40 बजे Dhaka Air Base से एक Training Sortie पर निकला था। दस मिनट बाद Ground Control ने उसके Altitude में असामान्यता दर्ज की। पायलट ने Hydraulic Failure की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों ने Jet को असामान्य ढंग से मुड़ते देखा। वह ज़मीन से बहुत नीचे उड़ रहा था और अंत में नियंत्रण खो बैठा। पायलट ने आख़िरी पल में विमान को ऊपर उठाने की कोशिश की लेकिन thrust की कमी के कारण सफल नहीं हो सके। Ejection System भी विफल रहा या समय रहते सक्रिय नहीं किया जा सका। Jet सीधे स्कूल की Central Building में टकराया, जिससे Fuel Tank फट गया और जोरदार विस्फोट हुआ।
पायलट की भी मौके पर मौत
Flight Lieutenant Rahman Khan, जिनके पास F-7 उड़ाने का 600 घंटे का अनुभव था, विमान में ही मारे गए। उनका शव मलबे के पास कॉकपिट के निकट मिला। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समर्पित और बहादुर अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि पायलट ने कोशिश की थी कि Jet Residential Areas से दूर गिरे, जिससे और बड़ी तबाही टल गई।
Emergency Response में समय से हुई कार्रवाई, लेकिन चुनौतियां थीं बड़ी
Dhaka Fire Service दस मिनट में पहुंच गई, लेकिन उन्हें ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचाने में दिक्कत हुई। छात्र खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने लगे। कुछ ने कूदने की कोशिश की और चोटिल हो गए। Volunteers ने घायलों को ले जाने के लिए Human Chains बनाई। आसपास के क्लीनिक भर गए और एंबुलेंस लगातार मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाती रहीं।
Police ने पूरे इलाके को घेर लिया। Bomb Disposal Unit ने किसी सेकेंडरी विस्फोट की आशंका को नकारा। Structural Engineers ने दो इमारतों को असुरक्षित घोषित कर दिया। Search Dogs ने मलबे को खंगाला और पूरी रात Search Operation चलता रहा।
जीवित बचे लोगों की दास्तानें और भावनात्मक असर
बाद में Facebook पर पोस्ट की गई, जिसे बाद में प्राइवेसी के कारण हटा दिया गया, उसमें पूर्णिमा दास ने बताया कि पहले अलार्म के बाद 80% छात्र भागने में सफल रहे। लेकिन बाकी छात्र गिरती हुई छत और जलते ईंधन के कारण फंस गए। उन्होंने बाथरूम से बाल्टी भर-भरकर पानी लाकर बच्चों पर डाला, लेकिन आग की रफ्तार ज़्यादा तेज़ थी। किसी ने उन्हें बाहर खींचा, उनके कपड़े जल चुके थे, लेकिन त्वचा बच गई। अब उन्हें शारीरिक चोटों से ज़्यादा Survivor’s Guilt सता रही है।
कुछ अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अपने बच्चों के कॉल आए जिनमें वे कह रहे थे — “धुआं भर गया है… सांस नहीं ले पा रही…” और फिर फोन कट गया। कई लोग स्कूल पहुंचने तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
सरकार और वायुसेना ने शुरू की अलग-अलग जांच
प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और राष्ट्रव्यापी शोक की घोषणा की। सभी सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुका दिए गए। उन्होंने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का आदेश दिया, जो तकनीकी खामियों, प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रक्रिया की जांच करेगी।
Bangladesh Air Force ने अपने सभी F-7BGI Jets को जांच तक के लिए Grounded कर दिया है। Maintenance Logs, Flight Data Recorders और Voice Transcripts को सुरक्षित कर लिया गया है। चीन और ICAO (International Civil Aviation Organization) के विशेषज्ञ जांच में सहयोग करेंगे। शुरुआती संकेत Hydraulic System Failure और Outdated Avionics की ओर इशारा करते हैं।
पुराने Jet और बढ़ती सुरक्षा चिंताएं
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि F-7 जैसा पुराना Jet आधुनिक सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता। यह तकनीक 1960 के दशक की है। भले ही BGI मॉडल हाल ही में लिया गया हो, लेकिन Spare Parts की कमी रख-रखाव को प्रभावित करती है।
ढाका एयरबेस के आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से शिकायत करते आए हैं कि स्कूल और घरों के ऊपर Low-Altitude Training Drills होती हैं। शहर के योजनाकारों का कहना है कि आबादी का फैलाव अब सैन्य ठिकानों को घेर चुका है, जो पहले अलग-थलग हुआ करते थे।
सामुदायिक मनोवैज्ञानिक असर और शोक
आसपास के अस्पतालों में Crisis Counselling शुरू कर दी गई है। बच्चे PTSD, nightmares, और चुप्पी जैसे लक्षण दिखा रहे हैं। शिक्षक खुद भी Trauma और Flashbacks से जूझ रहे हैं। Education Board ने स्कूल बंद कर दिए हैं, जब तक कि इमारत की मरम्मत और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति सुधरे।
शहरभर के धार्मिक नेताओं ने Interfaith Vigils आयोजित किए। Milestone School के बाहर मोमबत्तियों की कतारें लगीं। सोशल मीडिया पर #DhakaSchoolPlaneCrash ट्रेंड करता रहा। Alumni और छात्रों के परिवारों ने मिलकर Crowdfunding Drives शुरू की ताकि क्लासरूम दोबारा बन सकें और लंबे समय के लिए थेरेपी का खर्च उठाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और समर्थन
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संवेदना व्यक्त की और मेडिकल सहायता की पेशकश की। UN Secretary-General António Guterres ने जांच की मांग की और Emergency Responders की प्रशंसा की। चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने, इस Jet के निर्माता होने के नाते, तकनीकी टीम भेजने का वादा किया।
कानूनी प्रक्रिया और मुआवज़ा
Bangladesh कानून के तहत सैन्य दुर्घटनाओं में पीड़ितों को राज्य की ओर से मुआवज़ा मिलना चाहिए। प्रति परिवार 1 करोड़ टका के प्रारंभिक राहत पैकेज पर चर्चा हो रही है। कानून विशेषज्ञ मानते हैं कि लापरवाही और Safety Protocol के उल्लंघन को लेकर सिविल मुकदमे दायर हो सकते हैं। संसद पर भी अब दबाव बढ़ रहा है कि ज़ोनिंग लॉ और एयरफोर्स ट्रेनिंग दिशानिर्देशों की समीक्षा की जाए।
Milestone School का पुनर्निर्माण और भविष्य की योजना
इंजीनियरों का अनुमान है कि स्कूल के पुनर्निर्माण में लगभग 45 करोड़ टका लगेंगे। NGO, Donors और Corporate Sponsors ने सहयोग का वादा किया है। खेल मैदान पर अस्थायी क्लासरूम बनाए जाएंगे और छात्रों के लिए विशेष ब्रिजिंग कोर्स शुरू होंगे ताकि पढ़ाई का नुकसान कम हो।
स्कूल प्रशासन अब Smoke Detectors, Emergency Drills और Sprinkler Systems को अनिवार्य बनाने की योजना बना रहा है। साथ ही, हर साल इस त्रासदी को याद करने के लिए Memorial Day मनाया जाएगा।
एकजुटता और मानवता की मिसाल
घटना के कुछ ही घंटों में Blood Donation Centers में भीड़ लग गई। स्थानीय बेकरीज़ ने खाने के पैकेट पहुंचाए, और दवाइयों की दुकानों ने जलन की दवाएं मुफ्त दीं। यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग छात्रों ने Smoke Inhalation से पीड़ितों के लिए कम लागत वाले Air Filters तैयार किए।
बचे हुए बच्चों में से एक ने कहा — “हम फिर से सीखेंगे… उनके लिए जो अब हमारे बीच नहीं हैं।” ऐसी भावना ही ढाका की आत्मा और पुनर्निर्माण की शक्ति को दर्शाती है।
Dhaka School Plane Crash केवल एक दुर्घटना नहीं, एक चेतावनी है — कि विमानन सुरक्षा और शहरी विकास साथ चलें, वरना जोखिम जीवन पर भारी पड़ सकता है।



