इंग्लैंड के शानदार दौरे के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम का अगला उद्देश्य एशिया कप है। भारत की टीम अगले महीने यूएई में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए रवाना होगी। हालांकि एशिया कप की मेज़बानी औपचारिक तौर पर भारत कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान के साथ जारी राजनीतिक तनाव की वजह से सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाएंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत पाकिस्तान के खिलाफ 14 सितंबर को होने वाले मैच में खेलेगा, या जैसा कि WCL 2025 में हुआ था, भारत पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार करेगा?
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एशिया कप में भारत का मैच
भारत एशिया कप में अपने अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को दुबई में यूएई के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ भारत का मुकाबला होगा। अगर दोनों टीमें टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचती हैं, तो यह मुकाबला तीन बार होगा। इस बीच, The National की रिपोर्ट में एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के सीईओ शुभान अहमद का कहना है कि एशिया कप में भारत पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार नहीं करेगा, जैसा WCL 2025 में हुआ था।
एशिया कप और WCL का अंतर
शुभान अहमद के अनुसार, एशिया कप की स्थिति WCL से बहुत अलग है। उन्होंने कहा कि एशिया कप को एक निजी इवेंट के रूप में देखना सही नहीं है। जब एशिया कप में खेलने का निर्णय लिया गया था, तो उससे पहले ही सरकार की अनुमति प्राप्त कर ली गई थी। देशों के लिए शेड्यूल घोषित करने से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, इसलिए एशिया कप में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होगी जैसी WCL में थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक लंबा इतिहास रखता है, खासकर तब से जब से पुलवामा हमले के बाद बालकोट एयरस्ट्राइक हुई थी। इस साल अप्रैल में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन बुरी तरह से प्रभावित हुए।
इन हमलों के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों और धार्मिक स्थलों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिनका भारत ने सफलतापूर्वक जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस और सैन्य ठिकाने तबाह हो गए। इस तरह की घटनाओं के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष से सीजफायर की अपील की थी। भारत ने सीजफायर तो स्वीकार कर लिया, लेकिन साथ ही यह चेतावनी दी कि ऑपरेशन सिंदूर केवल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं।
एशिया कप के मुकाबले और राजनीतिक दवाब
भारत-पाकिस्तान के मुकाबले सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं होते, बल्कि इन मैचों में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति भी नजर आती है। क्रिकेट की दुनिया में इन मैचों की अहमियत और जोश अपनी जगह है, लेकिन राजनीतिक और सुरक्षा स्थितियों के कारण इन मुकाबलों की छाया हमेशा होती है। ऐसे में क्रिकेट अधिकारियों और दोनों देशों की सरकारों पर दबाव रहता है कि इस मैच को किसी भी तरह से बिना किसी विवाद के संपन्न कराया जाए।
भारत का रुख और भविष्य
अभी के लिए यह स्पष्ट नहीं है कि भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में क्या होगा, लेकिन शुभान अहमद की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि एशिया कप में भारत पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेगा। हालांकि, राजनीतिक हालात के चलते इस मुकाबले के लिए सुरक्षा और आयोजक शर्तों को लेकर सावधानी बरती जाएगी।
अभी तक दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद, क्रिकेट अधिकारियों का यह मानना है कि एशिया कप का आयोजन और दोनों देशों का आपस में खेलना क्रिकेट के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम होगा। बेशक, राजनीतिक वातावरण इस फैसले पर प्रभाव डाल सकता है, लेकिन क्रिकेट को एक खेल के रूप में देखा जाना चाहिए, जहां देश अपनी टीमों का समर्थन करते हैं और खेल के जरिए संबंधों में सुधार की उम्मीद करते हैं।
एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला जाएगा या नहीं, यह मुख्य रूप से राजनीति और सुरक्षा की स्थिति पर निर्भर करेगा। हालांकि, The National रिपोर्ट और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के सीईओ शुभान अहमद का बयान यह संकेत देता है कि एशिया कप में दोनों देशों के बीच मुकाबला संभव है। अब देखना यह है कि आगामी माह में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद क्रिकेट की दुनिया में यह मुकाबला कैसे खेला जाएगा।
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