Home Health टमाटर और तरबूज में पाया जाने वाला लाइकोपीन अवसाद को कम करने...

टमाटर और तरबूज में पाया जाने वाला लाइकोपीन अवसाद को कम करने में मददगार, शोध में हुआ खुलासा

KKN गुरुग्राम डेस्क |  चीन के चोंगकिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक नई स्टडी में दावा किया है कि टमाटर और तरबूज में पाया जाने वाला लाइकोपीन अवसाद (डिप्रेशन) को कम करने में सहायक हो सकता है। यह प्राकृतिक तत्व मस्तिष्क की कोशिकाओं के संचार (ब्रेन सेल कम्युनिकेशन) में सुधार कर सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, मनुष्यों के लिए आवश्यक खुराक एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस शोध के निष्कर्षों की पुष्टि के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

लाइकोपीन: एक प्राकृतिक यौगिक जो मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है

लाइकोपीन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो टमाटर, तरबूज, अमरूद और लाल शिमला मिर्च जैसे फलों और सब्जियों में पाया जाता है। यह हृदय स्वास्थ्य और सूजन कम करने के लिए पहले से ही जाना जाता है, लेकिन अब इसके मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है।

इस शोध में पाया गया कि लाइकोपीन मस्तिष्क में न्यूरल कनेक्शन (सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी) को सुधार सकता है। यह प्रक्रिया मेमोरी, सीखने और भावनात्मक संतुलन के लिए बहुत जरूरी होती है। मानसिक स्वास्थ्य विकारों की बढ़ती समस्या को देखते हुए, वैज्ञानिक अब प्राकृतिक उपचार की संभावनाओं को तलाश रहे हैं।

चूहों पर की गई स्टडी में लाइकोपीन के फायदे दिखे

इस अध्ययन में 60 नर चूहों को शामिल किया गया, जिन्हें तनाव आधारित डिप्रेशन जैसी स्थितियों का सामना कराना पड़ा। इन चूहों को दो समूहों में बांटा गया:

  • एक समूह को लाइकोपीन सप्लीमेंट्स दिए गए।
  • दूसरे समूह को प्लेसबो (नकली दवा) दी गई।

शोध के परिणाम चौंकाने वाले थे। जिन चूहों को लाइकोपीन दिया गया, वे अधिक सामाजिक दिखे और उन्होंने मिठास वाली चीजों (जैसे शुगर वॉटर) में फिर से रुचि दिखाई। यह परीक्षण एनहेडोनिया (खुशी का अहसास न होना) को मापने के लिए किया गया था, जिससे यह साबित हुआ कि लाइकोपीन मानसिक संतुलन में सुधार कर सकता है

क्या मनुष्य के लिए लाइकोपीन की खुराक लेना संभव है?

इस अध्ययन में एक बड़ी चुनौती सामने आई – मनुष्यों के लिए आवश्यक लाइकोपीन की मात्रा। अध्ययन में चूहों को उनके शरीर के वजन के अनुसार 20 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम लाइकोपीन दिया गया। यदि इस अनुपात को मनुष्यों पर लागू किया जाए, तो एक 200 पाउंड (लगभग 90 किलोग्राम) के व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 147 मिलीग्राम लाइकोपीन लेना होगा।

लाइकोपीन की इतनी मात्रा प्राप्त करना बेहद कठिन है, क्योंकि:

  • एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 3 मिलीग्राम लाइकोपीन होता है।
  • एक कप तरबूज में लगभग 7 मिलीग्राम लाइकोपीन पाया जाता है।

इसका मतलब यह हुआ कि इंसानों को 21 टमाटर या 14 कप तरबूज रोजाना खाने होंगे, जो कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसके अलावा, कुछ शोध यह भी बताते हैं कि 75-100 मिलीग्राम से अधिक लाइकोपीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं हो सकता

क्या लाइकोपीन भविष्य में डिप्रेशन का प्राकृतिक इलाज बन सकता है?

हालांकि, यह अध्ययन लाइकोपीन के मानसिक स्वास्थ्य लाभों को उजागर करता है, लेकिन इसे एक प्रभावी चिकित्सा विकल्प के रूप में अपनाने से पहले और अधिक शोध की आवश्यकता है। इस अध्ययन में कुछ सीमाएं थीं:

  • यह शोध सिर्फ नर चूहों पर किया गया।
  • वैज्ञानिकों ने केवल मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस हिस्से पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे अन्य भागों पर प्रभाव की जानकारी नहीं मिली।
  • लंबे समय तक लाइकोपीन के प्रभाव की जांच नहीं की गई।

प्राकृतिक मानसिक स्वास्थ्य समाधान की ओर एक कदम?

आज के समय में एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के कई दुष्प्रभाव देखे जाते हैं, इसलिए प्राकृतिक उपचार पर शोध को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि लाइकोपीन आधारित उपचार को सुरक्षित और प्रभावी बनाया जाता है, तो यह डिप्रेशन के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है

क्या आपको अपनी डाइट में अधिक लाइकोपीन शामिल करना चाहिए?

हालांकि लाइकोपीन डिप्रेशन का जादुई इलाज नहीं है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए कई लाभ प्रदान करता है। टमाटर, तरबूज और अन्य लाइकोपीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हृदय, त्वचा और मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

हालांकि लाइकोपीन का डिप्रेशन से राहत देने में प्रभावी होना एक रोमांचक खोज है, लेकिन यह अभी प्रारंभिक शोध के चरण में है। सबसे बड़ी चुनौती एक व्यावहारिक मानव खुराक विकसित करना है, जो सुरक्षित और प्रभावी दोनों हो।

आने वाले समय में, जैसे-जैसे वैज्ञानिक लाइकोपीन पर और शोध करेंगे, यह संभावना बन सकती है कि पौष्टिक आहार मानसिक स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। तब तक, फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार का सेवन करना न केवल शरीर बल्कि मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद रहेगा

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version