KKN गुरुग्राम डेस्क | भारतीय शेयर बाजार में 29 जनवरी 2025 को तेजी का रुख देखने को मिला, जहां सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ने सुबह के कारोबार में 0.5% से अधिक की बढ़त दर्ज की। इस उछाल का नेतृत्व आईटी, वित्तीय सेवाएं और ऑटोमोबाइल स्टॉक्स ने किया। हालांकि, निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG) 1% तक गिरा, जिससे बाजार में मिले-जुले संकेत देखने को मिले।
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हालांकि आज बाजार में मजबूती देखी गई, लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी सितंबर 2024 के रिकॉर्ड उच्च स्तर से अभी भी 12% नीचे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैल्यूएशन में सुधार (market correction) निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा और इसे जारी रहना चाहिए।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन: प्रमुख आंकड़े
- सेंसेक्स 302 अंकों (0.4%) की बढ़त के साथ 76,203 पर कारोबार कर रहा था (सुबह 11:27 बजे तक)।
- निफ्टी 50 ने 106 अंकों (0.5%) की तेजी के साथ 23,064 का स्तर छू लिया।
- बाजार में तेजी का माहौल, जहां 2,690 स्टॉक्स बढ़त में, जबकि 659 स्टॉक्स नुकसान में, और 123 स्टॉक्स स्थिर रहे।
- निफ्टी एफएमसीजी 1% तक गिरा, जो बाजार के अन्य सेक्टर्स के विपरीत प्रदर्शन कर रहा है।
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स YTD (Year-to-Date) में 9.1% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 14.71% नीचे चला गया।
बाजार विशेषज्ञों की राय: करेक्शन एक स्वस्थ संकेत
गियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services) के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा कि बाजार में जो गिरावट आई है, वह जरूरी थी और इसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।
“वैल्यूएशन सामान्य स्थिति में लौट रहा है। यह प्रवृत्ति बाजार को स्वस्थ बनाएगी और जारी रहेगी। ओवरवैल्यूड (अधिक मूल्यांकन) बाजार में सुधार जरूरी है।”
इसका मतलब है कि अल्पकालिक अस्थिरता (volatility) के बावजूद, बाजार दीर्घकालिक स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: आईटी, वित्तीय और ऑटो सेक्टर में तेजी
हालांकि अधिकांश सेक्टर्स ने बाजार को मजबूती दी, लेकिन निफ्टी एफएमसीजी में गिरावट आई।
इन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा तेजी:
- आईटी सेक्टर में उछाल (Nifty IT 1.5% चढ़ा)
- आईटी स्टॉक्स में मजबूती आई, क्योंकि वैश्विक टेक शेयरों में रिकवरी हुई।
- नास्डैक (Nasdaq) 2% चढ़ा, जिससे भारतीय आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिला।
- एनवीडिया (Nvidia) के शेयरों में 9% की रिकवरी दर्ज हुई, जिससे टेक शेयरों में सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
- बैंकिंग सेक्टर में बढ़त (Nifty Bank 0.4% चढ़ा)
- निफ्टी बैंक ने अपने पिछले 1.7% के लाभ को और बढ़ाया, आज 0.4% का उछाल आया।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तरलता (liquidity) बढ़ाने के लिए बांड खरीदने और डॉलर/रुपया स्वैप की घोषणा की, जिससे बाजार में सुधार आया।
- आरबीआई द्वारा $17.39 बिलियन (₹1.4 लाख करोड़) की तरलता प्रणाली में डाली गई, जिससे ब्याज दरों में संभावित कटौती का संकेत मिला।
- ऑटो और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में तेजी
- ऑटो स्टॉक्स में मांग बढ़ने के कारण तेजी देखी गई।
- वित्तीय सेवाएं (financial services) सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया, क्योंकि आरबीआई की नीतियों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट जारी
हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी ने आज तेजी दिखाई, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट जारी रही:
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स YTD में 9.1% गिरा
- निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स YTD में 14.71% नीचे गया
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयर (midcap और smallcap stocks) अस्थिरता के कारण ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
“इस समय बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के लिए। निवेशकों को सतर्क रहने और रणनीति में बदलाव की जरूरत है।” – समीत चावन, प्रमुख अनुसंधान विश्लेषक, एंजल वन (Angel One)
तकनीकी विश्लेषण: महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर
- निफ्टी 50 के लिए प्रमुख सपोर्ट लेवल: 22,800
- अंतरिम रेजिस्टेंस ज़ोन: 23,100-23,150
- मजबूत रेजिस्टेंस ज़ोन: 23,350-23,400
अगर निफ्टी 50, 23,350-23,400 के स्तर को पार कर जाता है, तो यह बाजार में बुलिश सेंटिमेंट को और मजबूत कर सकता है।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव
अमेरिकी बाजार में रिकवरी से भारतीय बाजार को सपोर्ट
- नास्डैक 2% चढ़ा, जिससे भारतीय आईटी शेयरों को मजबूती मिली।
- एनवीडिया के शेयरों में 9% की रिकवरी, जिससे टेक स्टॉक्स को राहत मिली।
- Apple के शेयर लगभग 4% चढ़े, क्योंकि निवेशक Microsoft, Apple और अन्य टेक कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व नीति पर निवेशकों की नजर
- निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
- अगर फेड ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है, तो उभरते बाजारों (Emerging Markets) जैसे भारत को इसका फायदा मिल सकता है।
हालांकि आज बाजार में तेजी देखी गई, लेकिन अभी भी यह सुधार के चरण में है।
आरबीआई की तरलता बढ़ाने की योजना, आईटी शेयरों की मजबूती और वैश्विक बाजारों की रिकवरी ने बाजार को सहारा दिया है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखें: निफ्टी 22,800 के सपोर्ट लेवल और 23,350-23,400 के ब्रेकआउट ज़ोन पर। अगर बाजार इस स्तर को पार कर लेता है, तो आने वाले हफ्तों में और मजबूती देखी जा सकती है।
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