होमHealthArogya Setu App पर उठ रहे सवाल, सरकार ने कहा निजता को...

Arogya Setu App पर उठ रहे सवाल, सरकार ने कहा निजता को कोई खतरा नहीं

Published on

पिछले कुछ दिनों से भारत में कोरोना मोबाइल ट्रैकिंग ऐप (Arogya Setu App) को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है, कि इस ऐप से लोगों की निजता को खतरा है। हालांकि इन सभी सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने कहा है, कि Arogya Setu App पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे किसी की भी निजता को कोई खतरा नही है।

सरकार ने Arogya Setu App की शुरुआत कोरोना वायरस को ट्रैक करने के लिए  की है। आपको बता दे कि, इस ऐप की मदद से घर बैठे पता लगाया जा सकता है, कि कोरोना के मरीज कहां-कहां हैं और साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि, कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित है या नहीं। आपको बता दे कि, सवाल उठाने वाले लोगों मे कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल है, जिन्होने आरोप लगाया है, की इस ऐप के इस्तेमाल से लोगों की निजता खतरे में पड़ सकती है।

लोगों ने उठाया ये सवाल

लोगों ने आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल उठाया है, कि इस ऐप से कौन, कब और  कहां जा रहा है इन सब की जानकारी हासिल की जा सकती है। हालांकि सरकार ने इस सवालों के जवाब में कहा कि, लोकेशन फीचर को काफी सुरक्षित तरीके से बनाया गया है। सरकार ने कहा की उपयोगकर्ता की लोकेशन सुरक्षित और कोड के जरिए एक सर्वर में सेव हो जाती है। साथ ही यूजर के लोकेशन का इस्तेमाल केवल तीन स्थितियों में ही होता है। पहला जब कोई यूजर इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन कर रहा हो, दूसरा जब वह ऐप में कोरोना की जानकारी भर रहा हो या फिर तब जब यूजर के जानकारी देने के बाद ऐप खुद यूजर की लोकेशन को ऑटोमेटिक ट्रैक कर रहा हो।

इसके साथ ही कुछ लोगों ने सवाल किए थे कि यूजर के मोबाइल की होम स्क्रीन में कोविड-19 से जुड़े आंकड़े दिखाई देते हैं, जिससे खतरा बढ़ता है। इस पर जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि, ऐप में कोरोना मरीजों की जानकारी हासिल करने के लिए 500 मीटर, 1 किमी, 2 किमी, 5 किमी और 10 किमी की दूरी तय की गई है। इससे परे कोई यूजर जानकारी लेना चाहता है, तो यह उपलब्ध नहीं होती। इससे ज्यादा कोशिश करने पर HTTP हेडर उसे वापस 1 किलोमीटर पर ही ले आता है। एपीआई कॉल वेब एप्लीकेशन फायर वॉल के जरिए होती है इसीलिए यह पूरी तरह से सुरक्षित है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

वह सुबह, जब पहाड़ नदी बन गया

26 अगस्त की सुबह 8:37 बजे हिमालय में कुछ ऐसा टूटा, जिसकी गूंज सैकड़ों...

नेपाल की बाढ़ में चीन की चाल? ग्लेशियर टूटने का सच, हिमालय का बढ़ता खतरा और भारत के लिए आने वाली बड़ी आफत

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।...

More like this

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...