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“इस बार सिर्फ घुसकर मारो नहीं, घुसकर बैठ जाओ”: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान पर बरसे ओवैसी, जनरल मुनीर पर सीधा हमला

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KKN गुरुग्राम डेस्क | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में मारे गए यात्रियों में अधिकांश हिन्दू श्रद्धालु थे। घटना के बाद से ही देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ रही है। इसी क्रम में हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान की सेना और जनरल आसिम मुनीर को खुली चुनौती दे दी है।

 ओवैसी का तीखा हमला: “अब सिर्फ मारो नहीं, कब्जा करो”

हमले के बाद हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान ओवैसी ने कहा:

“इस बार सिर्फ घुसकर मारो नहीं, घुसकर बैठ जाओ। पाकिस्तान को उसकी ही ज़मीन पर जवाब दो। उन्हें यह एहसास कराओ कि आतंकवाद का समर्थन उन्हें कितना भारी पड़ सकता है।”

यह बयान असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति में एक नया रुख दर्शाता है। आमतौर पर केंद्र सरकार की आलोचना करने वाले ओवैसी इस बार पाकिस्तान के खिलाफ राष्ट्रवादी रुख के साथ सामने आए हैं। उन्होंने पाकिस्तान को एक “विफल राष्ट्र” करार देते हुए, उसकी सेना को आतंकवाद की प्रायोजक और संरक्षक बताया।

 पहलगाम आतंकी हमला: क्या हुआ था?

  • तारीख: 22अप्रैल 2025

  • स्थान: पहलगाम, जम्मू-कश्मीर

  • घटना: हथियारबंद आतंकियों ने पर्यटको  पर फायरिंग की।

  • मृतकों की संख्या: 26

  • घायल: 40 से अधिक

  • हमलावर: कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन से जुड़े

हमले के बाद भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियों ने “ऑपरेशन साइलेंट रेस्पांस” शुरू किया है, जिसके तहत आतंकियों के नेटवर्क और सीमापार संपर्कों की तलाश की जा रही है।

पाकिस्तान की सेना पर ओवैसी का निशाना

ओवैसी का मुख्य हमला पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर था। उन्होंने कहा:

“आसिम मुनीर की सेना खुद को आतंकवादियों का ठेकेदार बना चुकी है। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने एक बार फिर पुराने ISI फॉर्मूले पर लौटकर कश्मीर को अशांत करने की साजिश रची है।”

जनरल मुनीर पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों को फिर से सक्रिय किया है। साथ ही, सीमा पर घुसपैठ और सोशल मीडिया के ज़रिए हेट प्रोपेगैंडा को भी बढ़ावा दिया है।

?? भारत का संभावित जवाब: क्या फिर होगा सर्जिकल स्ट्राइक?

भारत ने पहले 2016 (उरी हमला) और 2019 (पुलवामा हमला) के बाद पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे जवाब दिए थे। अब सवाल है कि क्या पहलगाम हमले के बाद भी कोई कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा?

विशेषज्ञों की राय:

  • मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी.डी. बक्शी: “अब सर्जिकल स्ट्राइक से आगे बढ़ने का समय है।”

  • लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन: “स्थायी सैन्य उपस्थिति और रणनीतिक कब्जा ज़रूरी हो गया है।”

  • रक्षा विश्लेषक नितिन गोखले: “इस बार जवाब सिर्फ बमों से नहीं, नीति और कूटनीति से भी आना चाहिए।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: सभी दल एकजुट

पहलगाम हमले के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने पाकिस्तान की आलोचना की है।

प्रमुख बयान:

  • गृहमंत्री राजनाथ सिंह: “हर बूंद का बदला लिया जाएगा।”

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर: “संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जवाब देना होगा।”

  • जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: “हमले में शामिल हर शख्स का अंत तय है।”

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयम की अपील

  • अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है।

  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने हमले की निंदा की लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।

  • फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने भारत के साथ एकजुटता जताई।

हालांकि भारत ने UN में पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने की मांग दोबारा उठाई है।

 भारत-पाक संघर्ष का इतिहास

वर्ष घटना भारत की प्रतिक्रिया
2001 संसद हमला ऑपरेशन पराक्रम
2008 मुंबई हमला राजनयिक बहिष्कार
2016 उरी हमला सर्जिकल स्ट्राइक
2019 पुलवामा हमला बालाकोट एयर स्ट्राइक
2025 पहलगाम हमला जवाब की तैयारी

ओवैसी का बयान “घुसकर बैठ जाओ” इसी कड़ी में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान न केवल पाकिस्तान के प्रति उनकी नाराजगी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अब भारत के नेता “मौखिक निंदा” से आगे बढ़ने को तैयार हैं। देश की जनता, राजनीतिक नेतृत्व और सुरक्षाबलों के बीच एक स्वर में बदले की मांग स्पष्ट हो चुकी है।

अब गेंद भारत सरकार और सेना के पाले में है। क्या यह प्रतिक्रिया केवल कड़ी भाषा तक सीमित रहेगी या फिर मैदान में भी उतरेगी — इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में मिल जाएगा।

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