सोमवार, फ़रवरी 16, 2026 7:18 अपराह्न IST
होमSocial Buzzजगद्गुरु रामभद्राचार्य: शास्त्रों के मर्मज्ञ, अंधकार से प्रकाश की अनोखी यात्रा

जगद्गुरु रामभद्राचार्य: शास्त्रों के मर्मज्ञ, अंधकार से प्रकाश की अनोखी यात्रा

Published on

जगद्गुरु रामभद्राचार्य को रामचरितमानस का अद्वितीय मर्मज्ञ माना जाता है। उनका जीवन अध्यात्म, विद्या और सेवा का प्रतीक है। वह न सिर्फ़ धार्मिक ग्रंथों के ज्ञाता हैं बल्कि उन्होंने समाज के लिए भी कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

राम मंदिर मामले में उनकी शास्त्रों पर दी गई व्याख्या को अदालत ने महत्व दिया था। यही कारण है कि उनका नाम धार्मिक विद्वानों में विशेष रूप से लिया जाता है।

गिरिधर नाम की कहानी

रामभद्राचार्य का जन्म 14 जनवरी 1950 को मकर संक्रांति के दिन हुआ। उनका पैतृक गांव जौनपुर जिले का शांदीखुर्द है। पिता का नाम पंडित राजदेव मिश्र और माता का नाम शशि देवी मिश्रा था।

परिवार ने उन्हें बचपन में गिरिधर नाम दिया। यह नाम उनके दादा के चचेरे भाई, जो मीराबाई के भक्त थे, उन्होंने रखा। भगवान कृष्ण से गहरी आस्था रखने वाले उस बाबा ने बच्चे को कृष्ण का ही नाम दे दिया।

दो माह की उम्र में दृष्टि चली गई

रामभद्राचार्य का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा। जन्म के दो महीने बाद उन्हें ट्रेकोमा नामक आंखों की बीमारी हो गई। इसके चलते उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।

इस कठिनाई के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने दादा सूर्यबली मिश्र से उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा पाई और आगे चलकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन जारी रखा।

अद्भुत स्मरण शक्ति

उनकी स्मरण शक्ति असाधारण बताई जाती है। पाँच वर्ष की उम्र तक उन्होंने संपूर्ण भगवद्गीता संस्कृत सहित कंठस्थ कर ली थी। आठ साल की उम्र तक उन्होंने संत तुलसीदास द्वारा रचित सम्पूर्ण रामचरितमानस यानी लगभग 10,800 छंद याद कर लिए थे।

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी Braille या किसी अन्य विशेष साधन का प्रयोग नहीं किया। केवल सुनकर और दोहराकर उन्होंने हजारों श्लोक कंठस्थ कर लिए।

वेदों और उपनिषदों का अध्ययन

रामभद्राचार्य ने आगे चलकर वेद, उपनिषद, भागवत पुराण, संस्कृत व्याकरण और तुलसीदास के सभी ग्रंथों का भी गहन अध्ययन किया।

24 जून 1961 को निर्जला एकादशी के दिन उनका उपनयन संस्कार हुआ। उसी अवसर पर उन्हें गायत्री मंत्र की दीक्षा मिली। बाद में अयोध्या के पंडित ईश्वर दास महाराज ने उन्हें श्रीराम मंत्र दिया।

रामचरितमानस के महान व्याख्याता

आज उन्हें रामचरितमानस का सबसे बड़ा विद्वान माना जाता है। उनकी व्याख्याएं गहन और सरल दोनों होती हैं।

राम मंदिर मामले में उन्होंने शास्त्रों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने भी उनकी व्याख्या को गंभीरता से स्वीकार किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके ज्ञान को विद्वान ही नहीं, न्यायालय भी मान्यता देते हैं।

सार्वजनिक जीवन और विवाद

रामभद्राचार्य का सार्वजनिक जीवन कई बार विवादों में भी घिरा। उन्होंने कुछ ब्राह्मण उपजातियों को लेकर बयान दिए, जिन पर बहस छिड़ गई। प्रेमानंद महाराज को लेकर की गई निजी टिप्पणी ने भी विवाद खड़ा किया।

हालांकि इन विवादों के बावजूद उनकी विद्वत्ता और योगदान पर सवाल नहीं उठते। उनकी पहचान आज भी एक महान धर्मगुरु और शिक्षाविद् के रूप में है।

राजनीतिक और धार्मिक संबंध

रामभद्राचार्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उन्हें अपना गुरु मानते हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि वह न केवल शिष्यों के बीच बल्कि बड़े नेताओं के बीच भी सम्मानित हैं।

संस्थाओं की स्थापना

रामभद्राचार्य ने समाज के लिए कई संस्थानों की स्थापना की।

  • 1996 में उन्होंने चित्रकूट में Tulsi School for the Blind की स्थापना की।

  • 2001 में उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय शुरू किया। यह दुनिया का पहला विश्वविद्यालय है जहाँ केवल दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा मिलती है।

वह इस विश्वविद्यालय के आजीवन कुलपति हैं और इसे दिव्यांग छात्रों की शिक्षा और सशक्तिकरण का केंद्र बना चुके हैं।

साहित्य में योगदान

रामभद्राचार्य केवल धर्मगुरु ही नहीं, बल्कि महान लेखक और कवि भी हैं। संस्कृत और हिंदी साहित्य में उनका योगदान असाधारण है।

साहित्य और धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या के क्षेत्र में उनके काम के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का जीवन संघर्ष, विद्या और सेवा का अद्भुत संगम है। दो महीने की उम्र में आंखों की रोशनी खो देने के बावजूद उन्होंने वह कर दिखाया जो विरले ही कर पाते हैं।

उन्होंने न केवल ग्रंथों को कंठस्थ किया बल्कि समाज को शिक्षा और सेवा का रास्ता भी दिखाया। विवादों के बावजूद उनका योगदान अविस्मरणीय है।

गिरिधर से जगद्गुरु बनने तक का यह सफर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। वह आज भी अध्यात्म और ज्ञान का उज्ज्वल प्रतीक बने हुए हैं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...

IAF Agniveervayu Recruitment 2027 : आज बंद होगी रजिस्ट्रेशन विंडो, 12वीं पास उम्मीदवार करें आवेदन

भारतीय वायुसेना में अग्निवीरवायु के रूप में भर्ती होने का सपना देखने वाले युवाओं...