होमEconomyBusinessसोने की कीमतों में भारी वृद्धि: अक्टूबर 8, 2025 के ताजे आंकड़े

सोने की कीमतों में भारी वृद्धि: अक्टूबर 8, 2025 के ताजे आंकड़े

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भारत समेत दुनिया भर में सोने की कीमतें इस समय लगातार बढ़ रही हैं। 8 अक्टूबर, 2025 को एशियाई बाजार में सोने की कीमत पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी सरकार द्वारा शटडाउन और फेडरल रिजर्व की रेट कट की उम्मीदों जैसे कारणों से हो रही है। इसके अलावा, निवेशक अब एक बार फिर से सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की चमक और भी बढ़ गई है।

भारत में सोने की कीमतों में बढ़त

भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में लगातार उछाल देखा जा रहा है। 8 अक्टूबर, 2025 को दिसंबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में 806 रुपये की वृद्धि हुई। यह अब 121,055 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले दिन से यह 0.67% ज्यादा है। वहीं, चांदी के भाव में गिरावट देखी गई। चांदी की कीमत 145,410 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जो कि 2,109 रुपये (1.43%) गिर गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों का रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। अमेरिका में गोल्ड फ्यूचर्स दिसंबर डिलीवरी ने पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को पार किया और 4,004.4 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जो कि 0.7% की बढ़त को दर्शाता है। सोने का स्पॉट प्राइस 3,985.82 डॉलर प्रति औंस पर 0.6% बढ़ा, जो कि पहले 3,990.85 डॉलर के ऑल-टाइम हाई को छू चुका था।

जहां सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। चांदी का स्पॉट प्राइस 1.4% घटकर 47.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। यह स्थिति सोने की मजबूत स्थिति और चांदी के कमजोर प्रदर्शन को दर्शाती है।

सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण

सोने की कीमतों में हो रही इस तेज़ वृद्धि के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

  1. फेड रेट कट की उम्मीदें: ट्रेडर्स इस साल 45 बेसिस पॉइंट्स की रेट कट की उम्मीद कर रहे हैं, जो सोने की कीमतों को और बढ़ा सकता है।

  2. सुरक्षित निवेश की चाहत: अमेरिका में गवर्नमेंट शटडाउन और यूरोपीय देशों में राजनीतिक हलचल के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।

  3. कमजोर डॉलर: डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोने के ग्लोबल प्राइस में इजाफा हुआ है। जैसे-जैसे डॉलर कमजोर हो रहा है, वैसे-वैसे सोने की कीमतें बढ़ रही हैं।

  4. सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: कई देशों के सेंट्रल बैंक, विशेष रूप से चीन, लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जो इसकी कीमतों को बढ़ा रहे हैं।

  5. ETF में निवेश: गोल्ड-आधारित ETF में तेजी से निवेश बढ़ा है, जिससे सोने की कीमतों को और समर्थन मिला है।

2025 में सोने की कीमतों में 52% की वृद्धि

2025 के प्रारंभ से अब तक सोने की कीमतों में 52% की बढ़त देखी गई है। पिछले वर्ष यानी 2024 में यह वृद्धि 27% थी। इस लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब निवेशकों में ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ (FOMO) की स्थिति बन रही है। वे डर रहे हैं कि अगर अब सोना नहीं खरीदा, तो भविष्य में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों की राय: सोने की बढ़ती कीमतों पर

UBS के एनालिस्ट जियोवानी स्टौनोवो का कहना है, “अब लोग सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद इसे खरीद रहे हैं, जिससे सोने की रैली और तेज़ हो रही है।”

Zaner Metals के एनालिस्ट पीटर ग्रांट का कहना है, “अमेरिकी शटडाउन और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच सेफ-हेवन फ्लो जारी है। यही कारण है कि गोल्ड में लगातार खरीदारी हो रही है।”

गोल्डमैन सैक्स का प्राइस टारगेट बढ़ा

गोल्डमैन सैक्स ने हाल ही में अपनी दिसंबर 2026 के गोल्ड प्राइस फॉरकास्ट को बढ़ाकर $4,900 प्रति औंस कर दिया है, जो पहले $4,300 था। बैंक का मानना है कि ETF इनफ्लो और सेंट्रल बैंक की गोल्ड खरीदारी के चलते आने वाले महीनों में सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस वृद्धि के साथ, सोने को एक और मजबूत समर्थन मिलने की संभावना है।

सोने की कीमत पर प्रभाव डालने वाले प्रमुख कारक

सोने की बढ़ती कीमतों पर कई प्रमुख कारकों का असर है। सबसे पहले, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सोने के पास पुनः आकर्षित किया है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व से रेट कट की उम्मीदें और डॉलर के कमजोर होने से सोने की कीमतों में और उछाल आया है। इसके अलावा, चीन जैसे देशों के सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी भी एक महत्वपूर्ण कारण है।

इन सभी कारणों के चलते, सोना इस समय सुरक्षित निवेश के रूप में उभरकर सामने आया है और इसका बाजार मूल्य लगातार बढ़ रहा है।

भविष्य में सोने की कीमतों का अनुमान

जैसा कि गोल्डमैन सैक्स ने अपनी भविष्यवाणी में बताया है, सोने की कीमतें आने वाले महीनों में और बढ़ सकती हैं। निवेशक और विशेषज्ञ यह मानते हैं कि अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं और सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीदारी जारी रहती है, तो सोने के दाम और बढ़ सकते हैं।

इसलिए, यह समय है जब निवेशक सोने में निवेश करने पर गंभीरता से विचार करें। अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो इस समय के साथ तालमेल बैठाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

वर्तमान में सोने की बढ़ती कीमतें इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बना रही हैं। गोल्ड की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण हैं, जो इसे एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में स्थापित कर रहे हैं। निवेशक इस समय का लाभ उठाकर सोने में निवेश कर सकते हैं, ताकि भविष्य में इससे अधिक लाभ मिल सके।

सोने की लगातार बढ़ती कीमतें यह दर्शाती हैं कि यह धातु वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक स्थिर और महत्वपूर्ण निवेश साधन बन चुकी है, जिसे आने वाले वर्षों में और अधिक महत्व मिलने की संभावना है।

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