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सोने और चांदी की कीमत : घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित हैं कीमतें

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भारत में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव घरेलू और वैश्विक दोनों प्रकार के कारकों से प्रभावित होती हैं। 15 दिसंबर 2025 को कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹133,900 प्रति 10 ग्राम है, जबकि जयपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹134,060 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। सप्ताह के पहले दिन सोने की कीमत में गिरावट आई है, जो घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों की स्थिति को दर्शाता है। आइए जानते हैं आज की सोने और चांदी की कीमतें और इनकी वजहें।

सोने की कीमतों में गिरावट

आज यानी 15 दिसंबर 2025 को दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹134,060 प्रति 10 ग्राम है, जो पहले की तुलना में थोड़ी गिरावट को दर्शाता है। हालांकि, पिछले सप्ताह में सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है। 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹3,770 बढ़ी है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹3,450 बढ़ी है। यह वृद्धि मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव वर्तमान में $4,338.40 प्रति औंस पर है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है। जब अंतर्राष्ट्रीय कीमतें बढ़ती हैं, तो भारतीय कीमतें भी बढ़ती हैं और जब अंतर्राष्ट्रीय कीमतें घटती हैं, तो भारतीय बाजार पर भी इसका असर दिखाई देता है।

प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

भारत के विभिन्न प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें थोड़ी भिन्न होती हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹134,060 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹122,890 प्रति 10 ग्राम है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतें समान हैं। इन शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹122,740 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत ₹133,900 प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें समान हैं। यहां 24 कैरेट सोने की कीमत ₹133,900 प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹122,740 प्रति 10 ग्राम है। इन सभी प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें लगभग समान देखने को मिलती हैं, हालांकि हर शहर में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है।

विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों का तुलनात्मक आंकड़ा

भारत के प्रमुख शहरों में आज की सोने की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 22 कैरेट सोना ₹122,890, 24 कैरेट सोना ₹134,060

  • मुंबई: 22 कैरेट सोना ₹122,740, 24 कैरेट सोना ₹133,900

  • अहमदाबाद: 22 कैरेट सोना ₹122,790, 24 कैरेट सोना ₹133,960

  • चेन्नई: 22 कैरेट सोना ₹122,740, 24 कैरेट सोना ₹133,900

  • कोलकाता: 22 कैरेट सोना ₹122,740, 24 कैरेट सोना ₹133,900

  • हैदराबाद: 22 कैरेट सोना ₹122,740, 24 कैरेट सोना ₹133,900

  • जयपुर: 22 कैरेट सोना ₹122,890, 24 कैरेट सोना ₹134,060

  • भोपाल: 22 कैरेट सोना ₹122,790, 24 कैरेट सोना ₹133,960

  • लखनऊ: 22 कैरेट सोना ₹122,890, 24 कैरेट सोना ₹134,060

  • चंडीगढ़: 22 कैरेट सोना ₹122,890, 24 कैरेट सोना ₹134,060

इस वर्ष सोने की कीमतों में अब तक 65% की बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक परिस्थितियाँ और रुपये-डॉलर की दर लगभग समान रहती है या रुपये में और कमजोरी आती है, तो 2026 में सोने की कीमतें 5 से 16 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।

चांदी की कीमत

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी आज गिरावट देखी गई है। 15 दिसंबर 2025 की सुबह चांदी की कीमत ₹197,900 प्रति किलोग्राम हो गई है। पिछले एक सप्ताह में चांदी की कीमत ₹8,000 तक बढ़ी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव $64.57 प्रति औंस हो गया है। चांदी और सोने की कीमतें भी घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों से प्रभावित होती हैं।

घरेलू और वैश्विक कारकों का प्रभाव

भारत में सोने और चांदी की कीमतें घरेलू आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजारों से प्रभावित होती हैं। घरेलू कारकों में प्रमुख हैं: महंगाई, मांग और रुपये की स्थिति। अगर महंगाई बढ़ती है या रुपये की कीमत गिरती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि होती है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में सोने की मांग, राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव का भी असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है।

चूंकि सोने और चांदी का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए जब वैश्विक मांग बढ़ती है या अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इन धातुओं की कीमतों में वृद्धि होती है। इसी तरह, जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की आपूर्ति बढ़ती है या आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, तो कीमतों में कमी आती है।

2026 के लिए विशेषज्ञों का अनुमान

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक स्थिति समान बनी रहती है और रुपये में कमजोरी आती है, तो 2026 में सोने की कीमतें 5 से 16 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। इसका मतलब यह है कि सोने का निवेश आने वाले वर्षों में और अधिक मूल्यवान हो सकता है, और निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है।

भारत में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक और घरेलू दोनों कारणों से होता है। 15 दिसंबर 2025 को सोने की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन पिछले सप्ताह के दौरान इनकी कीमतों में बढ़ोतरी भी देखी गई है। प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें लगभग समान हैं, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां और रुपये का मूल्य स्थिर रहता है, तो 2026 में सोने की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। सोने और चांदी का निवेश भारतीय बाजार में एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बन सकता है।

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