KKN गुरुग्राम डेस्क | सोने और चांदी की कीमतें अक्सर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बाजारों के उतार-चढ़ाव के आधार पर बदलती रहती हैं। आज, 4 अप्रैल 2025 को, भारतीय घरेलू बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है, जो डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के कारण हुई है। इस लेख में हम आपको सोने और चांदी की कीमतों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारतीय बाजार में इनकी स्थिति क्या है।
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MCX पर सोने की कीमतें: आज का बदलाव
आज, 4 अप्रैल 2025 को सोने की कीमतें भारतीय बाजार में MCX (Multi Commodity Exchange) पर आधिकारिक तौर पर गिरावट देखी गई। सोने का 5 कांट्रैक्ट आज Rs 89,451 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले दिन के Rs 90,057 के बंद भाव से Rs 606 की गिरावट दर्शाता है। लेख लिखे जाने तक सोने की कीमत Rs 89,690 पर ट्रेड कर रही थी, जो कि Rs 367 या 0.41% की गिरावट दर्शाता है। इस दौरान सोने की कीमत ने Rs 89,320 तक का निचला स्तर और Rs 89,846 तक का उच्चतम स्तर छुआ।
सोने की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से डॉलर इंडेक्स में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण है। डॉलर का मजबूत या कमजोर होना सोने की कीमतों पर सीधा प्रभाव डालता है। डॉलर के मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है, जबकि डॉलर के कमजोर होने पर सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
चांदी की कीमतें: MCX पर गिरावट
सोने की तरह, चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है। मई 5, 2025 तक समाप्त होने वाली चांदी की फ्यूचर्स कीमतें आज Rs 94,100 प्रति किलोग्राम से शुरू हुईं, जो पिछले बंद भाव Rs 94,399 से Rs 399 की गिरावट दिखाती हैं। इस समय, चांदी की कीमत Rs 92,686 पर ट्रेड कर रही थी, जो Rs 1,713 या 1.81% की गिरावट दर्शाता है। इस दौरान चांदी की कीमत ने Rs 92,555 तक का निचला स्तर छुआ, जो कि पांच सप्ताह का न्यूनतम स्तर था।
चांदी की कीमतों में यह गिरावट भी डॉलर के उतार-चढ़ाव, आर्थिक संकट, और वैश्विक निवेशक भावना में बदलाव के कारण आई है। चांदी, जो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है, उसकी मांग औद्योगिक उत्पादन के आधार पर बढ़ती और घटती रहती है, जिससे इसकी कीमतें प्रभावित होती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें: COMEX गोल्ड
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड की कीमत $3,121 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास थी। स्पॉट गोल्ड की कीमत 10:30 AM IST तक $3,103.91 प्रति औंस रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक स्थितियों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं। डॉलर की कीमत में बदलाव, ब्याज दरों में वृद्धि या कमी, और विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक गतिविधियाँ सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव लाती हैं।
भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें
भारत में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक बाजारों के अनुसार बदलती हैं, लेकिन स्थानीय मांग और करों के कारण इनमें थोड़ा फर्क देखा जा सकता है। आइए जानते हैं प्रमुख भारतीय शहरों में आज (4 अप्रैल 2025) सोने और चांदी की कीमतें:
दिल्ली में सोने की कीमतें
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत Rs 91,790 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत Rs 84,150 प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई में सोने की कीमतें
मुंबई में 24 कैरेट सोना Rs 91,640 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है, और 22 कैरेट सोने की कीमत Rs 84,000 प्रति 10 ग्राम है।
कोलकाता में सोने की कीमतें
कोलकाता में 24 कैरेट सोना Rs 91,640 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना Rs 84,000 प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमतें
चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत Rs 91,640 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का मूल्य Rs 84,000 प्रति 10 ग्राम है।
इन कीमतों से यह स्पष्ट होता है कि सोने की कीमतें भारतीय बाजारों में काफी समान हैं, हालांकि स्थानीय मांग और करों के कारण छोटे-छोटे अंतर हो सकते हैं।
चांदी की कीमतें: आज की गिरावट
आज, चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी जा रही है। प्रमुख भारतीय शहरों में चांदी की कीमतें निम्नलिखित हैं:
दिल्ली में चांदी की कीमतें
दिल्ली में चांदी की कीमत Rs 99,000 प्रति किलोग्राम है।
मुंबई में चांदी की कीमतें
मुंबई में चांदी की कीमत Rs 99,000 प्रति किलोग्राम है।
कोलकाता में चांदी की कीमतें
कोलकाता में भी चांदी की कीमत Rs 99,000 प्रति किलोग्राम है।
चेन्नई में चांदी की कीमतें
चेन्नई में चांदी की कीमत Rs 1,08,000 प्रति किलोग्राम है, जो अन्य शहरों से अधिक है, और इसका कारण यहां की उच्च मांग हो सकती है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कारण
डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य कारण डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव है। डॉलर के मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है, जिससे निवेशक और उपभोक्ता सोने की खरीदारी में रुचि कम करते हैं। इसके विपरीत, डॉलर के कमजोर होने पर सोना और चांदी सस्ते हो जाते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ जाती है।
वैश्विक संकट और मुद्रास्फीति का असर
वैश्विक आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता, और मुद्रास्फीति के बढ़ने की आशंका के कारण सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प बनते हैं। जब दुनिया में अनिश्चितताएं होती हैं, तो निवेशक सोने और चांदी में निवेश करने को प्राथमिकता देते हैं, जिससे इनकी कीमतों में वृद्धि होती है।
निवेशकों का बाजार में उतार-चढ़ाव
निवेशकों का मनोविज्ञान और बाजार में उतार-चढ़ाव भी सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव का कारण बनते हैं। जब निवेशक मुनाफे के लिए इन धातुओं में निवेश करते हैं, तो बाजार में तेजी या गिरावट का सामना होता है।
सोने और चांदी की कीमतों का भविष्य: संभावनाएं और अनुमान
सोने और चांदी की कीमतों का भविष्य वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर के उतार-चढ़ाव, और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगा। अगर डॉलर की स्थिति कमजोर रहती है और मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। दूसरी ओर, अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार होता है और केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो इनकी कीमतों में गिरावट हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना रहेगा, विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए जो आर्थिक अनिश्चितताओं से बचने के लिए सोने में निवेश करना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, सोने और चांदी की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के बावजूद, ये कीमती धातुएं निवेशकों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प के रूप में बनी हुई हैं। इनकी कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बाजार के उतार-चढ़ाव के आधार पर बदलती रहती हैं, और ऐसे में इन धातुओं में निवेश करना आर्थिक अनिश्चितता से बचने का एक अच्छा तरीका हो सकता हैं।
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