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दूध का कर्ज समझ ना सका विषधर,” मां ” की ही ले ली जान,

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​मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में घटी ह्रदय विदारक घटना

 

रोज पिलाती थी दूध करती थी तिलक, मां का फर्ज निभाने में गंवा ली जान

 

संतोष कुमार गुप्ता

मुजफ्फरपुर। अगर आपने दूध का कर्ज फिल्म देखा होगा तो जरूर याद होगा कि एक सांप कैसे पुत्र धर्म का निर्वहन करता है। उसकी गिनती भले ही जानवर की श्रेणी मे की जाती हो किंतु उसका इंसानियत इंसान के लिए बानगी है। किंतु इस कलियुग मे सांप को पुत्र मानने वाले मां को धोखा खाना पड़ा। उसने जान देकर इसकी बड़ी कीमत चुकायी।

यह अजीबोगरीब घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखड की है।  सावन का मनभावान महिना परवान चढ रहा है। हम इस महिने मे नाग को देवता की तरह पूजते है। हम इनसे उम्मीद करते है की यह हमारी रक्षा करेंगे। किंतु विषधर ने शनिवार को मोतीपुर मे एक महिला की जान ले ली। वह महिला पुत्र की तरह उस सांप को हर रोज दूध पिलाने के साथ उसके फन पर तिलक भी लगाती थी।उसका ख्याल रखती थी। मोतीपुर थाने के भटौलिया गांव का यह घटना चर्चा का विषय है।

दरअसल हरेंद्र राय पेशे से किसान है। उनके घर के पास ही एक माइ स्थान है। वहां उनकी पत्नी रामसखी देवी पूजा करने जाती थी।  डेढ़ माह पूर्व माइ स्थान गयी ,तो उन्होंने देखा कि  एक गेहुंअन सांप आकर रहने लगा है।  उसने वहां पर बसेरा बना लिया।  वह भगवान का रूप समझ कर पूजा करने लगी।  माइ स्थान में सांप रहने की सूचना पर काफी संख्या में अगल-बगल गांव के ग्रामीण भी पहुंच कर पूजा अर्चना करने लगे।  कई दिनों तक वहां मेला जैसी स्थिति बन गयी।  रामसखी भी सांप को रोज दूध पिलाने से लेकर फन पर टीका भी करती थी।  सांप उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाता था।  वह सांप की देखभाल पुत्र की तरह करती थी ।अक्सर सांप को हाथ में उठा कर खेलती थी। दुलारती थी,पुचाकरती थी।

शनिवार को भी वह सांप को पानी पिलाने पहुंची।  लेकिन सांप बार-बार उनके हाथ से निकल कर जाना चाहता था। उसे रोकने पर सांप ने फन काढ़ लिया। जिस पर रामसखी ने प्यार से फन पर दो बार चांटा जड़ दिया।  सांप ने उनके हाथ में डस लिया। सांप का जहर फैलते ही उनकी स्थिति बिगड़ गयी।  परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में कांटी पीएचसी में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  देर शाम परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। सरपंच विजय गुप्ता ने घटना की पुष्टि की।  मुखिया राजकुमार ने कबीर अंत्येष्टि की राशि दी है। देर शाम ग्रामीणो ने उस सांप को भी मार डाला।

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