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Air India Flight AI2455: बीच उड़ान में तकनीकी समस्या, चेन्नई में सुरक्षित लैंडिंग

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कांग्रेस महासचिव KC Venugopal और कई सांसदों को लेकर तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2455 रविवार रात एक बड़ी घटना से बाल-बाल बच गई। उड़ान के दौरान खराब मौसम और संदिग्ध तकनीकी समस्या के कारण विमान को चेन्नई डायवर्ट करना पड़ा, जहां यह सुरक्षित उतरा।

टेकऑफ़ के कुछ देर बाद ही Turbulence

Flightradar24.com के आंकड़ों के अनुसार, यह विमान 10 अगस्त 2025 की रात 8 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ा। टेकऑफ़ के कुछ समय बाद ही विमान Turbulence में आ गया। रास्ते में मौसम बिगड़ने के साथ-साथ क्रू को एक संदिग्ध तकनीकी खराबी का पता चला। एहतियातन कप्तान ने फ्लाइट को चेन्नई की ओर मोड़ दिया।

Air India ने पुष्टि की कि यह फ्लाइट रात 10:35 बजे चेन्नई में सुरक्षित उतरी और विमान की जरूरी तकनीकी जांच की जाएगी।

रनवे विवाद पर यात्री का दावा

KC Venugopal, जो इस फ्लाइट में सवार थे, ने इसे “कष्टप्रद यात्रा” बताया। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि पहले लैंडिंग प्रयास के दौरान रनवे पर एक और विमान मौजूद था, जिसके चलते कप्तान को Go-Around करना पड़ा।

Venugopal ने लिखा कि लगभग दो घंटे तक हम हवा में मंडराते रहे, लैंडिंग क्लीयरेंस का इंतजार करते हुए। पहले प्रयास में दिल दहला देने वाला पल आया, जब कप्तान ने लैंडिंग रोकने का निर्णय लिया। उन्होंने पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय को सभी यात्रियों की जान बचाने का श्रेय दिया।

Air India की सफाई

KC Venugopal के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए Air India ने स्पष्ट किया कि Go-Around का निर्देश Chennai ATC ने दिया था और यह रनवे पर किसी अन्य विमान के कारण नहीं था। एयरलाइन ने कहा कि डायवर्जन केवल संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम के कारण किया गया था।

यात्रियों के लिए सहायता

एयरलाइन प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद है। चेन्नई में एयरलाइन स्टाफ ने यात्रियों की मदद की और उन्हें जल्द गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था की। एयरलाइन ने यह भी कहा कि सुरक्षा प्राथमिकता है और यह निर्णय मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत लिया गया।

Venugopal ने जांच की मांग की

KC Venugopal ने DGCA और MoCA से घटना की तत्काल जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “हम पायलट की कुशलता और भाग्य से बचे। यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती। जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी चूक फिर न हो।”

दो घंटे हवा में चक्कर

Venugopal के मुताबिक, उड़ान पहले ही देर से शुरू हुई थी। लगभग एक घंटे बाद कप्तान ने फ्लाइट सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक विमान हवा में चक्कर लगाता रहा और आखिरकार दूसरे प्रयास में सुरक्षित लैंडिंग हुई।

उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे तनावपूर्ण उड़ानों में से एक बताया।

सुरक्षा प्रक्रिया और एहतियाती कदम

एविएशन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि संदिग्ध तकनीकी खराबी या खराब मौसम में डायवर्जन एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में विमान को ऐसे हवाई अड्डों पर मोड़ा जाता है जहां बेहतर मौसम, तकनीकी सुविधाएं और ऑपरेशनल तैयारी हो। Go-Around भी एक मानक प्रक्रिया है, जो तब अपनाई जाती है जब लैंडिंग में किसी भी प्रकार का जोखिम हो।

Air India AI2455 की यह घटना दिखाती है कि पायलट की तत्परता और सुरक्षा प्रोटोकॉल किस तरह यात्रियों की जान बचा सकते हैं। चाहे यह रनवे विवाद का मामला हो या केवल एहतियाती कदम, DGCA की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। लेकिन एक बात स्पष्ट है — एविएशन इंडस्ट्री में हर सुरक्षा निर्णय का मकसद यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना होता है।

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