16 अगस्त 1942 को मीनापुर थाना को करा लिया था आजाद
शहीदों का वलिदान गौरव का प्रतीक
बाल कलाकारों ने की मनमोहक प्रस्तुति
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बाल कलाकार तेजस्वी की प्रस्तुति- मेरा रंग दे बसंती चोला…। लोगों को अभिभूत कर दिया। सात वर्षिय सृष्टी ने डीजे की धून पर मनमोहक डांस प्रस्तुत किया। आदर्श विद्यापीठ डीजावो और उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुस्तफागंज सहित कई अन्य विद्यालय से आये छात्र छात्राओं ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से समां बांध दिया। कार्यक्रम में कलाकार ऋषिका पोद्दार, रिद्धि-सिद्धि और सचिन कुमार ने अपनी प्रस्तुति दी है। इस दौरान आकाश्वासनी से जुड़े लोक कलाकार शंभू राम ने अपनी प्रस्तुति दी। मौके पर, अजय कुमार, पंकज किशोर पप्पू, भारतरत्न यादव, अधिवक्ता नीरज कुमार सिंह, सदयकांत आलोक, निलम कुमारी और जगन्नाथ प्रसाद ने अपने विचार रखे। मौके पर शंकर प्रसाद, मालती सिंह, नीलम कुशवाहा, स्वाति श्रीवास्तव, चंद्रवली साहनी और मो. जियाउद्दीन भी मौजूद थे।
क्या हुआ था 16 अगस्त 1942 को
वह 16 अगस्त, 1942 का दिन था। महात्मा गांधी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ हो चुका था। दिन के करीब 2 बजे पं सहदेव झा के नेतृत्व में सैकड़ो लोग मीनापुर थाना पर कब्जा कर लिया। भीड़ ने तत्कालीन अंग्रेज थाना प्रभारी लुइस वालर की थाना पर चिता सजा दी और थाना पर तिरंगा लहरा कर आजादी का ऐलान कर दिया। इस दौरान पुलिस की गोली से चैनपुर गांव के बागुंर सहनी मौके पर शहीद हो गए। एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए। इसी आरोप में चैनपुर गांव के जुब्बा सहनी को फांसी दे दी गई। जबकि, अन्य लोगों को कारावास की सजा हुई।
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