शुक्रवार, फ़रवरी 27, 2026 4:07 पूर्वाह्न IST
होमScience & Techफर्जी UPI ऐप्स: साइबर धोखाधड़ी से खुद को कैसे बचाएं

फर्जी UPI ऐप्स: साइबर धोखाधड़ी से खुद को कैसे बचाएं

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | आजकल भारत में UPI (Unified Payments Interface) ऐप्स जैसे कि PhonePe और Google Pay का उपयोग ऑनलाइन भुगतान के प्रमुख साधनों के रूप में किया जाता है। लेकिन हाल ही में एक नई धोखाधड़ी सामने आई है, जहां जालसाजों ने इन लोकप्रिय यूपीआई ऐप्स के नाम पर नकली ऐप्स तैयार कर लिए हैं। ये नकली ऐप्स दुकानदारों और व्यापारियों को धोखा देते हैं, जिससे वे यह मान बैठते हैं कि भुगतान सफलतापूर्वक हो गया है, जबकि असल में पैसा उनके खाते में नहीं आता। इस लेख में हम इस धोखाधड़ी के नए तरीके को समझेंगे, इसके खतरे और दुकानदारों को इससे कैसे बचना चाहिए, इस पर चर्चा करेंगे।

नकली यूपीआई ऐप्स का काम करने का तरीका

साइबर धोखाधड़ी के इस नए तरीके में जालसाजों ने नकली यूपीआई ऐप्स का निर्माण किया है, जो वास्तविक ऐप्स की तरह दिखते हैं, जैसे कि PhonePe और Google Pay। इन ऐप्स का उद्देश्य दुकानदारों को धोखा देना है। जब कोई ग्राहक इन नकली ऐप्स के जरिए भुगतान करने का प्रयास करता है, तो दुकानदार को साउंड बॉक्स से यह संकेत मिलता है कि भुगतान हो गया है। लेकिन बाद में पता चलता है कि वास्तविक रूप से पैसे का ट्रांसफर नहीं हुआ था।

यह धोखाधड़ी खासतौर पर दुकानदारों के लिए खतरनाक है क्योंकि वे व्यस्त होने के कारण केवल साउंड बॉक्स की आवाज़ पर ध्यान देते हैं, बिना यह जांचे कि वास्तव में भुगतान हुआ है या नहीं। यही वह समय है जब जालसाज धोखा दे जाते हैं, और दुकानदार को यह समझने में देर हो जाती है कि असल में पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ था।

साइबर धोखेबाजों की चाल

जालसाजों ने अपनी धोखाधड़ी की चाल में बदलाव किया है। उन्होंने नकली यूपीआई ऐप्स के पेमेंट गेटवे का हूबहू नकल कर लिया है, ताकि यह दिख सके कि दुकानदार को भुगतान प्राप्त हो गया है। कुछ ऐप्स तो इतने शातिर तरीके से डिजाइन किए गए हैं कि वे पूरे पेमेंट प्रोसेस को ही दिखाते हैं। इससे दुकानदारों को यह विश्वास हो जाता है कि भुगतान सफल हो गया है। लेकिन असल में, केवल साउंड बॉक्स पर आवाज़ आती है, जबकि वास्तविक में पैसे का ट्रांसफर नहीं होता।

यह धोखाधड़ी इसलिए खतरनाक है क्योंकि दुकानदारों को यह तब पता चलता है जब वे पेमेंट की पुष्टि के लिए बैंक में लॉगिन करते हैं, और उन्हें एहसास होता है कि उनके खाते में कोई पैसा नहीं आया है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि दुकानदार साउंड बॉक्स के अलर्ट के बजाय अपनी बैंक एप्लिकेशन या यूपीआई ऐप्स के माध्यम से भुगतान की वास्तविक स्थिति की जांच करें।

अब तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ

वर्तमान में, इस धोखाधड़ी के बारे में साइबर विशेषज्ञों ने जानकारी दी है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार अब तक ऐसा कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की है कि वे भुगतान की स्थिति की जांच करें। अगर वे केवल साउंड बॉक्स पर भरोसा करते हैं, तो धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भुगतान वास्तव में अकाउंट में ट्रांसफर हो गया है।

कैसे बचें इस धोखाधड़ी से: महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स

  1. पेमेंट की पुष्टि करें
    जब भी आप कोई भुगतान प्राप्त करते हैं, तो सिर्फ साउंड बॉक्स पर बजने वाली आवाज़ पर विश्वास न करें। तुरंत अपने मोबाइल या बैंक ऐप में जाकर यह जांचें कि पैसे ट्रांसफर हुए हैं या नहीं।

  2. नकली पेमेंट नोटिफिकेशन से सावधान रहें
    धोखेबाजों के द्वारा भेजे जाने वाले पेमेंट नोटिफिकेशन अक्सर असली यूपीआई ऐप्स की तरह होते हैं, लेकिन यह सिर्फ दिखावा होता है। आपको हमेशा खुद से यह जांचना चाहिए कि क्या भुगतान हुआ है या नहीं।

  3. शक होने पर पुलिस को सूचित करें
    अगर आपको किसी भुगतान में गड़बड़ी का संदेह हो या आप नकली यूपीआई ऐप का शिकार हो जाएं, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। ऐसी धोखाधड़ी की सूचना देना जरूरी है ताकि अन्य लोग भी इससे बच सकें।

  4. अपनी ऐप्स को अपडेट रखें
    यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले यूपीआई ऐप्स जैसे PhonePe और Google Pay हमेशा नवीनतम संस्करण में हों। ऐप्स के नियमित अपडेट से आपको नई सुरक्षा सुविधाएं मिलती हैं, जो आपको धोखाधड़ी से बचा सकती हैं।

  5. अपने कर्मचारियों को जागरूक करें
    यदि आप किसी दुकान या व्यापार के मालिक हैं और आपके पास कर्मचारी हैं जो यूपीआई पेमेंट्स को संभालते हैं, तो उन्हें इस धोखाधड़ी के बारे में पूरी जानकारी दें। उन्हें यह समझाएं कि पेमेंट के सत्यापन के बारे में अधिक सतर्क रहें और कभी भी सिर्फ साउंड बॉक्स पर निर्भर न रहें।

  6. केवल विश्वसनीय ऐप्स का उपयोग करें
    हमेशा केवल आधिकारिक प्लेटफार्मों से यूपीआई ऐप्स डाउनलोड करें, जैसे कि Google Play Store और Apple App Store। तीसरे पक्ष के ऐप्स से दूर रहें, क्योंकि उनमें अक्सर सुरक्षा खामियां हो सकती हैं, जो धोखाधड़ी को बढ़ावा देती हैं।

नकली यूपीआई ऐप्स को पहचानने के तरीके: क्या करें?

  1. ऐप का स्रोत चेक करें
    हमेशा केवल Google Play Store या Apple App Store से ही यूपीआई ऐप्स डाउनलोड करें। तीसरे पक्ष की वेबसाइटों से ऐप्स डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि ये ऐप्स अक्सर धोखाधड़ी करने वाले होते हैं।

  2. ऐप के इंटरफ़ेस को ध्यान से देखें
    नकली ऐप्स अक्सर असली ऐप्स की तुलना में अलग दिख सकते हैं। ऐप के डिजाइन में मामूली अंतर हो सकता है, जैसे कि अलग रंग, लेआउट या मेनू।

  3. एप्लिकेशन की अनुमति जांचें
    किसी भी ऐप को इंस्टॉल करते समय, उस ऐप की अनुमति जांचें। यदि ऐप आपको अवांछित या अनावश्यक अनुमतियाँ मांगता है, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है।

  4. उपयोगकर्ता समीक्षाएँ पढ़ें
    ऐप डाउनलोड करने से पहले उपयोगकर्ता समीक्षाएँ जरूर पढ़ें। यदि समीक्षाएँ बहुत सामान्य या नकली लगें, तो यह एक संकेत हो सकता है कि ऐप धोखाधड़ी वाला है।

  5. पेमेंट नोटिफिकेशन की पुष्टि करें
    किसी भी पेमेंट के बाद, हमेशा यह सुनिश्चित करें कि पैसा आपके बैंक अकाउंट या यूपीआई ऐप्स में ट्रांसफर हो चुका है। सिर्फ नोटिफिकेशन पर विश्वास न करें।

आजकल ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे यूपीआई का उपयोग अत्यधिक बढ़ चुका है, लेकिन साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। नकली यूपीआई ऐप्स एक खतरनाक धोखाधड़ी का रूप हैं, और इसके शिकार होने से बचने के लिए आपको हमेशा सतर्क रहना चाहिए। सुरक्षा के उपायों को अपनाकर और पेमेंट की सही पुष्टि करके आप इस धोखाधड़ी से बच सकते हैं। अपने व्यापार और पैसों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और हर लेन-देन को ध्यान से सत्यापित करें।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

चुम्बी वैली: नक्शे की वह कील, जो कर रही है… खतरे की ओर इशारा

भारत-चीन-भूटान सीमा पर स्थित चुम्बी वैली आखिर इतनी संवेदनशील क्यों है? 2017 के डोकलाम...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

जातीय जनगणना: क्या आंकड़ों से बनेगी नीति या फूटेगी राजनीति?

क्या भारत अपनी असली सामाजिक तस्वीर देखने के लिए तैयार है? अगर हर जाति...

Nalanda University: किसने जलाया ज्ञान का सबसे बड़ा खजाना?

जब न इंटरनेट था, न गूगल… तब दुनिया ज्ञान के लिए जाती थी— Nalanda...

More like this

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...