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दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त

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दिल्ली और समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण का संकट गहरा गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जहरीली हवा, घने कोहरे और धीमी हवाओं ने प्रदूषण के स्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। शनिवार को दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर पहुंच गया, जिससे यातायात और हवाई यात्रा पर गंभीर असर पड़ा। 170 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और सड़क पर वाहनों की गति बहुत धीमी हो गई।

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक पहुंचा खतरनाक स्तर तक

दिल्ली में शुक्रवार को हवा में अत्यधिक प्रदूषण के कारण AQI और भी खराब हो गया। घने कोहरे, धीमी हवाएं और बादल इस प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं। दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया, जो कि “गंभीर” श्रेणी में आता है। शनिवार सुबह भी दिल्ली में धुंध की मोटी चादर छाई रही, और कई इलाकों में AQI 400 के आसपास था।

दिल्ली का औसत AQI 384 था, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। वहीं, मुंडका, विवेक विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में AQI 437 तक पहुंच गया, जो “गंभीर” श्रेणी को दर्शाता है। वजीरपुर, द्वारका और आनंद विहार जैसे अन्य इलाकों में भी AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी AQI “बेहद खराब” श्रेणी में था, जो इन इलाकों में रहने वालों के लिए चिंता का विषय है।

एयरपोर्ट पर दृश्यता प्रभावित, उड़ानें हो सकती हैं प्रभावित

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर घने कोहरे का असर अब भी देखने को मिल रहा है। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी एयरलाइंस से उड़ान की स्थिति के बारे में ताजा अपडेट लें। हालांकि, एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संचालन सामान्य रूप से जारी है, लेकिन दृश्यता कम होने के कारण फ्लाइट्स में देरी और रद्दीकरण की संभावना बनी हुई है।

गुरुवार को 177 उड़ानें रद्द हो गईं, जिनमें दो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं। इसके अलावा कई उड़ानों का समय बढ़ा दिया गया, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट के बारे में जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करें।

सड़कों पर रेंगता हुआ ट्रैफिक

दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और धुंध के कारण सड़कों पर ट्रैफिक रेंगता हुआ नजर आ रहा है। वाहन चालकों को अपनी सुरक्षा के लिए फॉग लाइट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसके अलावा, दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर भी कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को मुश्किलें हो रही हैं।

सरकार के प्रयास और प्रदूषण के समाधान के लिए कदम

वायु प्रदूषण के संकट को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों, नगर निगमों और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि जनवरी 2026 से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण उपायों की हर महीने समीक्षा की जाएगी।

मंत्री ने प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक ट्रैफिक को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर के 62 भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, औद्योगिक इकाइयों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और सीएनजी बसों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, कार्यालयों की शिफ्ट को लेकर भी योजना बनाई जा रही है, ताकि यातायात की भीड़ कम की जा सके और प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।

AQI के स्तर में और वृद्धि का अनुमान

गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर का औसत AQI 374 था, जो कि एक दिन पहले के मुकाबले थोड़ा कम था, लेकिन “गंभीर” श्रेणी वाले इलाकों की संख्या में वृद्धि हुई थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, 40 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 14 केंद्रों पर AQI “गंभीर” श्रेणी में दर्ज किया गया था, जबकि 26 केंद्रों पर “बेहद खराब” श्रेणी देखी गई। शुक्रवार को यह स्थिति और भी खराब हो गई, और शनिवार तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ने का अनुमान है।

प्रदूषण से राहत की कोई संभावना नहीं

दिल्ली की हवा फिलहाल साफ होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए आवश्यक मौसमी कारक जैसे तेज हवाएं या बारिश अभी तक नहीं देखे जा रहे हैं। प्रदूषण के मुख्य स्रोतों के चलते हवा में घुले प्रदूषक तत्वों को बाहर निकालने की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। घने कोहरे, धीमी हवाओं और अधिक प्रदूषण के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द हो रही हैं, सड़क पर ट्रैफिक जाम हो रहा है, और लोग अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं। जबकि सरकार और संबंधित एजेंसियां प्रदूषण के समाधान के लिए कदम उठा रही हैं, प्रदूषण में राहत की संभावना फिलहाल बहुत कम दिखती है। प्रदूषण की यह स्थिति दिल्ली-एनसीआर के लिए गंभीर चुनौती बन गई है, और इसका हल जल्दी निकाला जाना बेहद जरूरी है।

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