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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सख्त उपायों की घोषणा की

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दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इस हफ्ते ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। हवा की लगातार खराब होती गुणवत्ता ने दिल्लीवासियों और अधिकारियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। इस संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। ये उपाय आज यानी गुरुवार से लागू होंगे और इनमें 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) का पालन, कंस्ट्रक्शन सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, और पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट अनिवार्य करना शामिल हैं।

प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार के सख्त कदम

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कई कठोर उपायों की घोषणा की है, जो गुरुवार से प्रभावी हो जाएंगे। इनमें ऑफिसों में कर्मचारियों की संख्या कम करने, बिना पीयूसी सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल न मिलने की व्यवस्था, और निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध शामिल हैं। ये सभी कदम एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन द्वारा जारी GRAP-4 प्रतिबंधों के अतिरिक्त हैं। दिल्ली में 13 दिसंबर से लगातार तीन दिनों तक AQI गंभीर श्रेणी में रहा था।

50% वर्क फ्रॉम होम का आदेश

दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की है कि दिल्ली में सरकारी और निजी संस्थानों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहना होगा। इसके अनुसार, सभी संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यालय में 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी शारीरिक रूप से मौजूद न हों। हालांकि, यह नियम आपातकालीन और फ्रंटलाइन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इन कर्मचारियों में अस्पतालों के कर्मचारी, वायु प्रदूषण से लड़ने वाले विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।

निर्माण श्रमिकों के लिए मुआवजा

कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण प्रभावित निर्माण श्रमिकों को दिल्ली सरकार ₹10,000 का मुआवजा प्रदान करेगी। यह मुआवजा GRAP-IV प्रतिबंधों के लागू होने तक जारी रहेगा। श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है, और श्रमिकों को वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।

पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य

दिल्ली में आज से यह नियम लागू किया गया है कि जिन वाहनों के पास वैध Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। परिवहन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि गुरुवार से सभी वाहनों को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल प्राप्त करने के लिए PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। यह कदम दिल्ली के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

PUC सर्टिफिकेट क्या है?

PUC सर्टिफिकेट, यानी Pollution Under Control सर्टिफिकेट, एक प्रमाणपत्र होता है जो वाहन की इमिशन जांच के बाद जारी किया जाता है। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि वाहन पर्यावरणीय मानकों के अनुसार है और प्रदूषण नहीं फैला रहा है। दिल्ली में PUC सर्टिफिकेट की कीमत दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए ₹60, चार पहिया वाहनों के लिए ₹80, और डीजल वाहनों के लिए ₹100 होती है। यह प्रमाणपत्र 12 महीने के लिए वैध रहता है।

कंस्ट्रक्शन सामग्री वाले वाहनों पर प्रतिबंध

दिल्ली में कंस्ट्रक्शन सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर भी आज से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब दिल्ली में केवल BS-6 (Bharat Stage 6) मानकों को पूरा करने वाले वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। दिल्ली सरकार ने बाहर से आने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि वे BS-6 मानकों को पूरा करने वाले वाहन लेकर आएं।

BS-6 वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध

दिल्ली में BS-6 मानकों से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। जो वाहन BS-6 मानकों के अनुरूप नहीं होंगे, वे दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह नियम गुरुवार से प्रभावी होगा। पर्यावरण मंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली में BS-6 से नीचे के सभी वाहन और जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं, उन्हें शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रवर्तन की तैयारी

इन सख्त नियमों को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग की टीमों को दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये टीमें कुंडली, रजोकरी, टिकरी, आया नगर, कालिंदी कुंज, औचंदी, मंडोली, कापसहेड़ा और बाजघेरा जैसे प्रमुख टोल और प्रवेश बिंदुओं पर तैनात की गई हैं। पेट्रोल पंपों पर भी यातायात पुलिस के कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन न दिया जा सके।

दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर संकट को देखते हुए इन सख्त उपायों का लागू किया जाना आवश्यक था। वर्क फ्रॉम होम की नीति, बिना PUC सर्टिफिकेट के फ्यूल नहीं मिलने की व्यवस्था, और BS-6 मानकों का पालन करने वाले वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध यह सब कदम दिल्ली के वातावरण को साफ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इन उपायों की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि उन्हें किस हद तक प्रभावी रूप से लागू किया जाता है। दिल्लीवासियों और सभी संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के इस प्रयास में साथ मिलकर काम करना होगा ताकि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके और हम सभी स्वस्थ रह सकें।

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