दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 50,000 वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजना से जोड़ने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रविवार को तीन नई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि इस योजना के अंतर्गत eligible पेंशनभोगी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए अपना आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी अपील की कि सभी योग्य वरिष्ठ नागरिक और उनके परिवार जल्द से जल्द आवेदन करें, क्योंकि लाभार्थियों का चयन First-Come-First-Serve आधार पर किया जाएगा। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025 में करीब ₹149 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
50,000 नई पेंशनों के साथ मिलेगा वित्तीय राहत
मुख्यमंत्री ने कहा, “50,000 नई पेंशनों के साथ कई परिवारों को वित्तीय राहत मिलेगी। यह सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वरिष्ठ नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन जी सकें।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान करेगी।
60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन बढ़ाई जाएगी
मुख्यमंत्री ने मार्च महीने में अपने बजट भाषण में यह घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक पेंशन ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दी जाएगी। इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,000 तक की पेंशन प्रदान की जाएगी। इस बढ़ोतरी से वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए ‘रिसोर्स सेंटर’
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए Resource Centers शुरू करेंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य लगभग 12,500 बच्चों को चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाएं प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहल सिर्फ स्कूल में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर बच्चे के लिए गरिमा, सशक्तिकरण और समान अवसर की बात है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा चिकित्सा या सामाजिक आवश्यकताओं के पूरा न होने के कारण पीछे न रहे।”
बच्चों के लिए समग्र दृष्टिकोण
प्रत्येक Resource Center में छह विशेषज्ञों की एक टीम होगी, जिसमें एक स्पीच थेरेपिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और एक बिहेवियरल काउंसलर शामिल होंगे। यह टीम बच्चों को सीखने और रोजमर्रा की गतिविधियों में मदद देने के लिए व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करेगी। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ बच्चों की शैक्षिक उपलब्धि को बढ़ाना है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेवाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षिक उपलब्धियों में सुधार करेंगी। इस तरह के केंद्र बच्चों के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत होंगे। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए जो दिव्यांगता से जूझ रहे हैं और जिन्हें विशेषज्ञ सेवाओं की आवश्यकता होती है।
सामाजिक कल्याण और सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता मिले और कोई भी तबका आर्थिक या सामाजिक कारणों से पीछे न छूटे।”
उनका यह भी कहना था कि पेंशन और दिव्यांग बच्चों के लिए नई योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। यह पहल दिल्ली को एक समावेशी और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक कदम है।
आगामी योजनाओं के लिए सरकार की तैयारी
यह भी बताया गया कि भविष्य में यदि पेंशनधारियों की संख्या में वृद्धि होती है, तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान करेगी। सरकार की योजना है कि वह समय-समय पर ऐसी योजनाओं का विस्तार करेगी ताकि राज्य के अधिक से अधिक नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
साथ ही, दिव्यांग बच्चों के लिए Resource Centers के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद, अगर यह सफल रहता है, तो इसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जा सकता है। इस तरह की पहल से केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी समाज में समान अवसर मिलेंगे।
वित्तीय सहायता से सामाजिक परिवर्तन की दिशा
इन योजनाओं का सीधा उद्देश्य सामाजिक भलाई और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे कदम ना सिर्फ वृद्धों और दिव्यांगों के जीवन में सुधार लाएंगे, बल्कि समाज में समानता और न्याय की भावना भी प्रबल करेंगे।
इन पहलुओं के साथ, दिल्ली सरकार यह दिखाना चाहती है कि वह हर नागरिक की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में समृद्धि और समानता की दिशा में काम कर रही है। इन योजनाओं का लाभ न सिर्फ तत्काल मिलेगा, बल्कि लंबे समय में यह समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक स्थिर आधार भी तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की इन नई कल्याणकारी योजनाओं ने दिल्ली सरकार की सामाजिक समरसता और समावेशिता की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत किया है। पेंशन योजना के तहत 50,000 नए लाभार्थियों को जोड़ने से वृद्ध नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। वहीं, दिव्यांग बच्चों के लिए नए Resource Centers से बच्चों और उनके परिवारों को समग्र सहायता मिलेगी।
यह पहल राज्य सरकार की सोच और दृष्टिकोण को दर्शाती है कि वह अपनी सबसे कमजोर आबादी के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
