रविवार, मई 31, 2026 11:01 अपराह्न IST
होमKKN Specialसूख चुकी आंखों से टपकता हुआ दर्द किसका है

सूख चुकी आंखों से टपकता हुआ दर्द किसका है

Published on

आखिर कब तक छलनी होता रहेगा मां का कलेजा

मदर्स डे स्पेशल

कौशलेन्द्र झा

स्थान- पुलवामा, कुलगाम और शोपियां सहित दक्षिण कश्मीर का पुरा इलाका। एक तरफ, हाथो में बंदूके थामें भारतीय सेना के जवान। तो दूसरी ओर घात लगाए पाक प्रशिक्षित आतंकी। … और गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच पल भर में ढ़ेर होती जिंदगी। आखिर, इनकी भी तो माएं होंगी। गोली, इसके सीने पर लगे या उसके सीने पर। छलनी तो मां का ही कलेजा होता होगा।
दुनिया भर में मदर्स डे की धूम मची है। फिर वह कौन है, जो किसी मां के दर्द की परवाह किये बिना उसके कलेजे के टुकड़ो को उकसा रहा है? उनके हाथो में बंदूके थमा रहा है और फिर किसी मां से उसका बेटा छिन लेने को जेहाद बता रहा है‌? क्या कभी आप ऐसे किसी मां से मिलें हैं, जिनके कलेजे के टुकड़े को बेवजह, अकारण की छिन लिया गया हो? क्या कभी आप उन मां के आंखों में झांके है, जिसे आज भी अपने लाडले के घर लौटने का इंतजार है? जिसकी सूख चुकी आंखों से दर्द टपकता है।
मदर्स डे के मौके पर शुभकामनाओं का स्वांग रचने से कुछ नही होगा। समय आ गया है कि इस विषय को लेकर पुरे दुनिया में गंभीरता से मंथन होना चाहिए। जब सभी धर्मो में मां को सर्वोपरी बताया गया है। फिर उसी मां से, उसके कलेजे का टुकड़ा छिन लेना, कौन सा धर्म है? क्या इस पर मिल बैठ कर विचार नही होना चाहिएं? क्रांति के महान जनक कार्ल मार्क्स ने लिखा है कि क्रांति का सबसे पहला उद्गम स्थल मनुष्य के विचारो से होता है। तो क्या आज मदर्स डे के मौके पर हमे वैचारिक क्रांति के लिए खुद को तैयार करने का संकल्प नही लेना चाहिए? क्या पुरे विश्व में इसको लेकर जोरदार बहस नही होना चाहिए। यदि हां, तो यही होगा सच्चे अर्थो में मदर्स डे का वास्तविक औचित्य। वर्ना, साल में एक बार मां को याद कर लेने भर से किसी का कुछ भी, भला नही होने वाला है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

झारखंड के तीन अद्भुत पार्क Rock Garden, Jubilee Park & Zoological Park की रहस्यमयी कहानी

क्या पत्थर बोल सकते हैं? क्या एक पार्क इतिहास की खामोश कहानी सुना सकता...

More like this

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...